*** इतिहास गवाह है नौकरी की अंधी भूख में बहुत सारी गलतियां की तुमनें जिसे विस्मृत नहीं किया जा सकता***
नौकरी के लिए तुम सिकन्दर की सेना में भर्ती होकर महाबलवान पोरस और चाणक्य के विरुद्ध लड़े।
इस्लामिक जिहादी अल्लाउद्दीन खिलजी के सेना में भर्ती होकर अपने सनातन धर्म के ह्रदय स्थल गुरुकुल तोडे़।
इस्लामिक जेहादी अकबर की सेना में भर्ती होकर हेमचन्द्र विक्रमादित्य के विरुद्ध लड़े तो कभी राणाप्रताप के विरुद्ध, कभी अहिल्याबाई के विरुद्ध ।
तुमने अंग्रेज़ों की नौकरी भी की और रानी लक्ष्मीबाई, तात्याटोपे, कुँवरसिंह, नानासाहेब, चंद्रशेखर, सुभाषचंद्र बोस की मुखबिरी की।
तुमने आजाद हिंद फौज पर गोलियां बरसाई।
परंतु मैं उनमें से नहीं जो नौकरी के लिए, रोजगार के लिए, सस्ते टमाटर प्याज के लिए धर्म भूल जाऊं।
मैं उनमें से हूं जिन्होंने महीनों भूखे रहकर भी क्रांति की ज्वाला प्रज्वलित रखी।
मेरी भूख समान नागरिक संहिता की है,
मेरी भूख अल्पसंख्यक आयोग को परिभाषित करने की है,
मेरी भूख बेतहाशा बढते जनसंख्या के रोकथाम हेतु सख्त कानून की है,
मेरी भूख घुसपैठिये जो हमारे सीमित संसाधनों का दोहन कर रहें हैं उनका देश निकाला है,
मेरी भूख देश विरोधी टुकड़े गैंग, मुगलों के हरम की नाजायज उपज असमाजिक तत्वों का देश से निशःकासन है।
मेरी भूख CAA & NRC जल्द से जल्द कानून बने और लागू हो है।
मेरी भूख राम मंदिर की है।
मेरी भूख कृष्णजन्मभूमि की है।
मेरी भूख कश्मीर वापसी की है।
मेरी भूख काशी विश्वनाथ की मूल भूमि की वापसी की है।
मेरी भूख गौरक्षा की है और सूअरों का मांस निर्बाध रुप से चौक चौराहों पर सुलभता से प्राप्त हो है।
मेरी भूख सनातन वैदिक अखंड हिंदू राष्ट्र की है,
हम समोसे, पकौड़े तलकर भी, सब्जी - फल बेचकर भी गुजारा कर लेंगे पर उन्हें वोट नहीं देंगे जिन्होंने मंदिरों से घण्टे उतारे, जिनके वंशजों ने करोड़ों हिंदुओं का नरसंहार किया हो, होली बन्द करवाई,
कार सेवकों पर गोलियां चलवाई,
सिक्खों-हिन्दुओं के बीच दंगा करवाया,
जो हिन्दू विरोधी बिल लाना चाहते थे।
ठाकुर की कलम से
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