*""पिता को हम किसी एक दिवस में नहीं बाँध सकते, वे संपूर्ण जीवन हैं सपनों के उड़ान का""*
पिता से अच्छा मार्गदर्शक कोई हो ही नहीं सकता। हर बच्चा अपने पिता से ही सारे गुण सीखता है जो उसे जीवन भर परिस्थितियों के अनुसार ढ़लने के काम आते हैं। उनके पास सदैव हमें देने के लिए ज्ञान का अमूल्य भंडार होता है, जो कभी खत्म नहीं होता।
मेरे बाबूजी मेरे आदर्श थे । क्योंकि वे एक आदर्श पिता रहे। उनमें वे सारी योग्यताएं मौजूद थी जो एक श्रेष्ठ पिता में होनी चाहिए। वे मेरे लिए केवल एक पिता ही नहीं बल्कि मेरे सबसे अच्छे दोस्त भी थे, जो समय-समय पर मुझे अच्छी और बुरी बातों का आभास दिला आगाह करते थे। बाबूजी मुझे हार न मानने और हमेशा आगे बढ़ने की सीख देते हुए मेरा हौसला बढ़ाते थे।
हमारे सभी अच्छे समय और बुरे समय में, हमारा परिवार सबसे अच्छी देखभाल के साथ हमारा समर्थन करता है। परिवार का हर सदस्य हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पिता वह होता है जो परिवार का मुखिया होता है और जिस पर परिवार के सभी सदस्य भरोसा कर सकते हैं। हम अपने पिता को अपना पहला महानायक मानते हैं, जो हमें अच्छाई और बुराई की शिक्षा देते हैं। एक संपूर्ण परिवार के लिए हमारे पिता और माता दोनों का सहयोग आवश्यक है।
हम बड़े होकर सुपरहीरोज की कहानियां और कार्टून देखते हैं। हर कोई अपने जीवन में एक सुपरहीरो चाहता है। लेकिन एक बच्चे के जीवन में असली और पहला सुपरहीरो उसका पिता होता है। हर व्यक्ति के लिए पिता शक्ति का प्रतीक है जो पूरे परिवार को एक साथ बांधता है। एक पिता पूरे परिवार को आर्थिक और नैतिक रूप से समर्थन देने के लिए दिन-रात अथक परिश्रम करता है। जब भी हम किसी समस्या में फंसते हैं तो सबसे पहले हमें याद आता है कि हमारे पिता हैं। पिता समाज का एक महत्वपूर्ण तत्व है और परिवार के लिए एक स्तंभ के रूप में खड़ा है, जिस पर हम भरोसा कर सकते हैं। इसलिए, दुनिया भर के सभी पिताओं और उनके प्रयासों का सम्मान करने के लिए।
आजकल, लोग हमेशा अपने व्यस्त कार्यक्रम में लगे रहते हैं, और हो सकता है कि वे अपने पिता को बार-बार प्यार और समर्थन का इजहार करने में सक्षम न हों। हमारे जीवन में पिता की भूमिका को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। इसलिए, फादर्स डे पर, हम पितृत्व का जश्न मनाते हैं और उन सभी प्यार और समर्थन की सराहना करते हैं जो उन्होंने हमें जीवन भर दिए। यह सिर्फ फादर्स डे नहीं है, यह हर दिन होना चाहिए, कि हम अपने पिता के प्रति अपार कृतज्ञता के साथ सुबह उठें, हमें एक खुशहाल जीवन प्रदान करने के लिए, जो हम जी रहे हैं, हमें बुराइयों से बचाने के लिए, हमें प्यार की बौछार करने के लिए, और समर्थन प्रणाली होने के नाते और जीवन के सभी पथों में हमारा मार्गदर्शन करना। हमें साल भर हर दिन अपने जीवन में उनकी भूमिका की सराहना करनी चाहिए। हमारे पिता ही हैं जो हमेशा हमारे साथ रहेंगे।
पिता वह है जो हमारे सभी सपनों और इच्छाओं का समर्थन करते हैं। वह बहुत त्याग करते है लेकिन हमारा समर्थन करना कभी बंद नहीं करते है। किसी भी तनावपूर्ण स्थिति में सबसे पहले हम अपने पिता को याद करते हैं। एक पिता के कंधे पर पूरा परिवार टिका होता है। हर किसी के जीवन में, पिता पहले शिक्षक होते हैं जो हमें अच्छाई और बुराई की शिक्षा देते हैं। वह हमें शिष्टाचार और नैतिकता के बारे में सिखाते हैं। हमारे जीवन में पिता हमारा मार्गदर्शन करते हैं ताकि हम सही निर्णय लें। अनुशासन का अर्थ हम अपने पिता से सीखते हैं।
मेरे पिता की कुछ विशेषताएं जो हमें सहज, सजग और सतत आभास कराती हैं!
*धीरज* - पिताजी का सबसे महत्वपूर्ण गुण थी कि वे सदैव हर समय धीरज से काम लेते थे और कभी खुद पर से आपा नहीं खोते। हर परिस्थिति में वे शांति से सोच समझ कर आगे बढ़ते थे और गंभीर से गंभीर मामलों में भी धैर्य बनाए रखते थे।
*संयम* - मैंने हमेशा पिता से सीखा है कि चाहे कुछ भी हो जाए, हमें अपने आप पर से नियंत्रण कभी नहीं खोना चाहिए। पिताजी हमेशा संयमित व्यवहार कुशलता से हर कार्य को सफलता पूर्वक समाप्त करते थे। वे कभी मुझ पर या मां पर बिना वजह छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा नहीं करते।
*अनुशासन* - पिताजी हमेशा हमें अनुशासन में रहना सिखाते थे और वे खुद भी अनुशासित रहे थे। सुबह से लेकर रात तक उनकी पूरी दिनचर्या अनुशासित होती थी। वे प्रतिदिन शाम को मुझे बगीचे में घुमाने के दरम्यान देश दुनिया और के हर पहलुओं से रूबरू कराते थे।
*गंभीरता* - बाबूजी घर के सभी कार्यों और परिवार के सभी लोगों और उनके स्वास्थ्य के प्रति गंभीर होते थे। वे कभी छोटी-छोटी बातों को भी नजर अंदाज नहीं करते बल्कि हर बात को गंभीरता से लेकर उसका महत्व हमें समझाते थे।
*प्रेम* - बाबूजी मुझसे, और परिवार के सभी लोगों से बहुत प्रेम करते थे, वे घर में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने देते और हमारी जरूरतें और फरमाइशें भी पूरी करते थे। किसी भी प्रकर की गलती होने पर वे हमें डांटने के बजाए हमेशा प्यार से समझाते थे और गलतियों के परिणाम बताते हुए दोबारा न करने की सीख भी देते थे।
*बड़ा दिल* - बाबूजी का दिल बहुत बड़ा था, कई बार उनके पास पैसे नहीं होते हुए भी वे अपनी जरूरत भूलकर हमारी जरूरतों और कभी कभी गैरजरूरी फरमाइशों को भी पूरा करते थे, वे कभी हमें या परिवार के सदस्यों को किसी भी चीज के लिए तरसने नहीं देते। बच्चे कोई बड़ी से बड़ी गलती भी क्यों न कर दें, बाबूजी हमेशा कुछ देर गुस्सा दिखाने के बाद उसे माफ कर देते थे।
बाबूजी कभी अपनी कोई तकलीफ नहीं बताते बल्कि वे घर के लोगों की हर जरूरत और तकलीफ का पूरा ध्यान रखते थे। इन्हीं सब विशेषताओं के कारण बाबूजी की महानता और अधिक बढ़ जाती है और उनकी तुलना दुनिया में किसी से भी नहीं की जा सकती।
पिता प्रत्येक बच्चे के लिए धरती पर ईश्वर का साक्षात रूप होते हैं। वे अपनी संतान को सुख देने के लिए अपने सुखों को भी भुला देते हैं। वे रात दिन अपने बच्चों के लिए ही मेहनत करते हैं और उन्हें वे हर सुविधा देना चाहते है जो उन्हें भी कभी नहीं मिली। कई बार छोटी सी तनख्वाह में भी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए पिता कर्ज में भी डूब जाते हैं लेकिन बच्चों के सामने कभी कोई परेशानी जाहिर नहीं करते ... शायद इसीलिए पिता, दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।
बाबू जी आज आप हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन आप सतत होने का आभास दिलाते हैं, हमें आप पर सदैव गर्व है और रहेगा।
गर्वित मन से,
ठाकुर की कलम से
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