सुशांत सिंह राजपूत केस इ मिस्ट्री को मैंने तीन भागों में विभाजित किया है - TRAP , THE PSYCHO और THE EXIT

सुशांत सिंह राजपूत वह नाम जो पिछले कुछ महीनों से सभी जगह छाया हुआ है। इसने सभी को प्रभावित किया है। मेरे लिए, यह पिछले दो महीनों में हर एक दिन अपना जीवन जीने जैसा है - या तो वह मेरा जीवन जीते थे, या मैंने उनका जीवन जिया। जब उनके दुखद अंत का विवरण सामने आने लगा, तो यह मुझे अपने जीवन के बहुत ही अंधेरे समय में वापस ले गया। मैं अभी भी उनके और मेरे जीवन की घटनाओं के बीच समानता पर सदमे में हूं। अब इस बोझ को उठाने में असमर्थ हूं, और इसे अब बिना किसी और देरी के तुरंत बताने की आवश्यकता है।

मैंने इसे तीन भागों में विभाजित किया है - TRAP , THE PSYCHO और THE EXIT।

Trap (जाल): यह सब तब शुरू हुआ जब Mr. X Singh ने मेरे जीवन में प्रवेश किया। मैं एक डिजिटल एडवरटाइजिंग एजेंसी में क्रिएटिव डायरेक्टर के रूप में अपने काम से पागलों की तरह प्यार करता था। एक दिन Mr. X Singh (अब से X) एक फिल्म के लिए डिजिटल प्रचार परियोजना के साथ हमारे पास आये थे। इस परियोजना को बहुत अच्छी तरह से पूरा किया गया, और स्वाभाविक रूप से क्रिएटिव डायरेक्टर होने के कारण मैंने अन्य ग्राहकों की तरह ही उनसे भी बातचीत की। X ने इसके बाद से मेरा पीछा करना शुरू कर दिया, प्रति दिन लगभग 10 कॉल, मेरे काम की प्रशंसा, और उस फिल्म के तथाकथित "सुपरस्टार" को मेरे काम से कितना प्यार था, और मुझे उसके साथ काम करना चाहिए, वगैरह वगैरह। वह बिल्कुल बेशर्म था, और उसे 'नहीं', या उसकी सीमाओं की कोई समझ नहीं थी। यह सब आखिरकार बंद हो गया, और मैं X के बारे में भूल भी गया।

लगभग एक महीने बाद Ms Y Becca  (अब से Y) सोशल मीडिया के माध्यम से मुझसे जुड़ी। उसकी प्रोफ़ाइल में वह सब कुछ था जो मुझे पसंद था। मेडिटेशन और योग हमारे बीच मुख्य बात-चीत का विषय बन गए। एक महीने से अधिक समय तक चैट चला, और आखिरकार मैंने उसे बॉम्बे में आमंत्रित किया। वह गोवा में रहती थी। हम मिले, और यह ऐसा था मानो प्रेम का नया संसार ही मिल गया हो। पहली मुलाकात से ही, मैंने खुद को नई दुनिया में पाया! भावनाओं का ज्वार.....चारो तरफ खुशियां ही खुशियां। अचानक समय का जैसे बोध ही मिट गया था! मुझे लगा कि यह प्यार था! वैसे... यह MDMA  था! मुझे इसके बारे में बहुत बाद में पता चला, बहुत बहुत बाद में।

फिर शुरू हुई पार्टियां। नॉनस्टॉप पार्टियां। सिर्फ एक महीने के भीतर वह मेरे जीवन में हर जगह थी। मैं पहले सिर्फ वीकेंड में पार्टी करता था, लेकिन अब हर दिन पार्टी होती थी। वह बॉम्बे के हर क्लब, हर जगह पर सबको जानती थी और उसके साथ पार्टी कभी ख़त्म ही नहीं होती थी। वह हमेशा कहती थी, "यह हमारे जीवन का अंतिम क्षण है। इसलिए इसे सर्वश्रेष्ठ बनाएं!" मैं पागल था, उसके प्यार में। कोई सीमा नहीं थी। सब कुछ असीम था। लेकिन इन सबके बीच में मेरे काम का नुक्सान हो रहा था। मेरे शेड्यूल बिगड़ गए, प्रोजेक्ट्स में देरी होने लगी। कभी-कभी मैं रविवार को काम पर पहुँच जाता था, सोमवार समझ कर। समय पर एक धुंध सी थी। बस एक खूबसूरत धुंध, मुझे ऐसा ही लगा। मेरे बॉस ने एक दिन विनम्रतापूर्वक मुझे  छुट्टी पर जाने को बोला, क्योंकि उन्हें लगा कि मेरे जीवन में कुछ ठीक नहीं है। पर मैंने उनकी बात को अलग ही तरह से लिया। मुझमे जैसे हर भावना का अतिरेक था। दुःख भी अति था, आनंद भी अति था। सब कुछ अपने चरम पर था। मैंने ऑफिस जाना बंद कर दिया। लेकिन पार्टी मानाने के लिए पैसे की जरूरत थी। यह सब तब तक चला जब तक कि सारा पैसा ख़त्म नहीं हो गया।

एक दिन Y ने मुझसे कहा कि कोई है जिससे मुझे मिलना चाहिए। वह हमेशा मुझे इस "किसी" के बारे में बताती थी, कि वो कितना अच्छा व्यक्ति है, कितना आध्यात्मिक है ... संक्षेप में, वह एक अद्भुत व्यक्ति था! ये सब सस्पेंस बनाने के बाद, आखिरकार उसने मुझे Mr X singh से मिलवाया! X के बारे में मेरी पहले की धारणा को पूरी तरह से मिटा दिया गया था, और मुझे याद है: जब मैंने X को देखा तो मुझमे भावनाओं का एक ज्वार सा उठा। मैंने उसे पहले गलत समझने के लिए माफी मांगी! चक्र पूरा हो गया था। मैं अपनी नौकरी से बाहर था! और X मेरे जीवन में वापस आ गया था। X के पास एक विशाल स्टूडियो था जो कि फिल्म उद्योग की बेहतरीन जगह के केंद्र में था। हम इसे "बंगला नंबर 11"  कहेंगे। उन्होंने मुझे उस स्टूडियो में मनचाहा काम करने और फिल्मों के लिए एक उत्कृष्ट डिजिटल एजेंसी स्थापित करने को कहा।

एक दिन में ही मैं उसी "सुपरस्टार" के सामने था, एक नई परियोजना पर चर्चा कर रहा था। बड़े से बड़े प्रोजेक्ट्स आने लगे। X, Y और मैंने एक कंपनी का गठन किया। X के पास स्टूडियो था, Y कंपनी का चेहरा था और मैं कंपनी का रचनात्मक दिमाग था। करोड़ों में पैसा आने लगा। मेरी appointments की डायरी में अधिकांश A लिस्ट सुपरस्टार, निर्माता और स्टूडियो थे - मेरा एक सामान्य दिन अति व्यस्त लेकिन रचनात्मक रूप से बेहद संतोषजनक था। और रातें अभी भी पार्टियों में डूबी हुई थीं।

Y के लिए मेरा प्यार पृथ्वी से चाँद तक पहुँच चूका था। Y ने मुझ पर पूरी तरह से अधिकार जमा लिया था...मेरा सब कुछ उसका था। जिन दिनों मैं Y से दूर होता था, बेचैन रहता था। मैं सो नहीं पता था। शरीर बुरी तरह से दर्द होता था। मैं पारिवारिक आयोजनों की वजह से होने वाली अपनी यात्राएं छोटी करने लगा था। क्योंकि मैं तुरंत Y के पास वापस आना चाहता था।

इस बीच स्टूडियो अब रातों में एक बिलकुल निजी क्लब बन गया था। एक डांस फ्लोर, एक वीआईपी लाउंज ... और क्या नहीं था वहां! सुपरस्टार्स से लेकर राजनेता, मीडिया टायकून से लेकर शीर्ष नौकरशाह तक, भारत के शीर्ष डीजे से लेकर फैशन इंडस्ट्री के छोटे बड़े - हर कोई उन पार्टियों में दीखता था। ऐसी ही एक पार्टी में कोक के ढेर को देखकर मैं क्रोधित और हैरान हो गया! मेरा X और Y के साथ एक बड़ा झगड़ा हुआ, और तब Y ने मुझे बताया कि मैं महीनों से MD पर हूं। कि कैसे उसने मेरे पानी में भी MD मिलाया! कि कैसे मुझमे अचानक पैदा हुए खूबसूरत उत्साह का रहस्य MDMA था! इसके बाद हमारे बीच बड़ा झगड़ा हुआ! और इसके साथ ही शुरू हुआ अत्यधिक शरीर दर्द, जबड़े में गंभीर दर्द, अनिद्रा और पूर्ण बेचैनी भी। ऐसा लगा मानो दुनिया खत्म हो रही थी। पर प्यार....वो भी MDMA के साथ मिल कर...जो न कराये। मैं सिर्फ 2 दिनों में Y के पास वापस पहुँच गया। मैं उसके बिना दुनिया की कल्पना नहीं कर सकता था। अब मैं एक नशेड़ी था। मैंने उन लोगों को कोक लेने के बाद पार्टियों में देखा है! अलग ही दानवी लोग! पूरी तरह से अलग व्यक्तित्व! अहंकार, पागलपन, और व्यवहार ऐसा जैसे कि वे देवता हैं! मैं ऐसा कभी नहीं होना चाहता था। इसलिए मेरा नशा MD तक ही सीमित था। हालाँकि मैं हमेशा के लिए इससे छुटकारा पाने के बारे में लेख पढ़ता रहता था।

THE PSYCHO-

पैसा बह रहा था, टीम बन चुकी थी, कंपनी बहुत अच्छा कर रही थी। पार्टियां भी खूब हो रही थीं। मैं नशे की लत से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था, सकारात्मक विचारों के साथ, और अच्छे काम और परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर के। लेकिन रात को मैं वही पहले जैसा हो जाता था। मैंने एक स्क्रिप्ट पर काम करना शुरू किया। Y अभी भी front desk  देख रही था, X पार्टियों की देखरेख कर रहा था। मैं कोकीन का प्रवाह रोकना चाहता था। लेकिन यह आसान नहीं था। मैं इस के लिए समय देने को तैयार था। परंतु.....एक बड़ा परंतु। क्योंकि अब Mr Z ने कहानी में प्रवेश किया, 6.5 फीट लंबा, मजबूत, मध्यम आवाज, पत्थर जैसा व्यक्तित्व। मुझे याद नहीं है कि कैसे और कब वह हमारी पार्टियों में एक नियमित शख्स बन गया। शायद जब मैं पार्टियों में नहीं था तो उसने हमारे जीवन में प्रवेश किया। या हो सकता है कि वह हमेशा वहां था, लेकिन क्योंकि मैं MD के नशे में गले तक डूबा था, मैंने कभी गौर नहीं किया। लेकिन Mr. Z वहीँ थे....अपने पूर्ण शक्ति के साथ, और हर उस घातक चीज़ के साथ जो जीवन नष्ट करने की, लोगों को मारने और शायद एक राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखती है।

नहीं, नहीं, Mr. Z PSYCHO नहीं है। Mr. Z के पास सब कुछ था, एसिड, कोक, MD, हैश ... जो चाहिए उसके पास था...और...ग्राम में नहीं, किलो में था। धीरे-धीरे X और Y उसके नियंत्रण में थे. X और Y पूरी तरह से अलग ही लोग बन गए थे। बिल्कुल अलग लोग। या शायद वे हमेशा से ही ऐसे थे। वरना क्यों कोई मुझे एक व्यसनी बनाने के लिए Y का उपयोग honeytrap के रूप में करता, जो बाद में उन्ही के साथ काम कर रही थी! यह सब शुरू से ही एक जाल था। लेकिन मैं मूर्ख!!! मैं निश्चित ही एक मूर्ख था जो की अभी भी ये सब समझने में सक्षम नहीं था। शायद ये ही उनके असली चेहरे थे। एक आवाज़ मुझे हमेशा कहती थी, "Eray इस से बाहर निकलो" या "मॉम से बात करो", और एक और आवाज़ भी हमेशा थी जो कहती थी, "क्या तुम यह सब खोना चाहते हो?" "तुम्हारी फिल्म का क्या होगा?" "तुम यहाँ तक आ गए हो और यहाँ से भी आगे जाओगे,  इसलिए बस डटे रहो"।

Mr. Z  अब हमें अपनी मनचाही परियोजनाओं को करने के लिए मजबूर कर रहे थे, जो कि फर्जी प्रोजेक्ट थे। अब पार्टियों में  प्रमुख अंतरराष्ट्रीय स्टूडियो के शीर्ष सीईओ और तत्कालीन सूचना मंत्रालय के लगभग सभी शीर्ष नौकरशाहों की उपस्थिति भी दिखाई देने लगी। दूरदर्शन के साथ करोड़ों मूल्य के बकवास और निरर्थक अनुबंध किए गए थे। उनमे कुछ करना नहीं था...सिर्फ कागजों पर अनुबंध। जब भी ये मंत्रालय के लोग पार्टियों में आते थे तो पोर्नस्टार और प्लेबॉय मॉडल हमेशा आसपास होते थे। कोक सचमुच पानी की तरह बहता था। व्यभिचार, अतिव्यभिचार ... और भी बहुत कुछ अब एक दैनिक नियमित घटना थी।

उन फर्जी परियोजनाओं के अलावा नई परियोजनाएं भी थी जैसे कि पोर्नस्टार्स के लिए Bombay की गुप्त यात्राएं आयोजित करना, या एक मेगा "सुपरस्टार" के लिए परस्पर जुड़े हुए कमरे बुक करना जब भी उसका विदेश में कोई संगीत कार्यक्रम या अन्य कार्यक्रम जैसे की IIFA होता था। उन जुड़े हुए कमरों के दरवाजे केवल एक निश्चित अभिनेत्री के लिए ही खुलने होते थे। Mr. Z कभी भी यात्रा नहीं करते थे, लेकिन वे दुनिया के किसी भी हिस्से में कोक, एसिड, MD और ऐसी सभी वस्तुओं की असीमित आपूर्ति का प्रबंधन करने में सक्षम थे। "Eray, जो इसे एक बार लेता हैं, वो हमेशा के लिए आपका दास बन जाता हैं। यह वही नीच हरकतें हैं जो हॉलीवुड करता है, यह बिलकुल वो ही नीच हरकतें हैं!" वो हमेशा यही कहते थे। Mr. Z पूर्व DEA थे, साथ ही बहुत सारे LAPD  पुलिस वाले भी उनके वेतन पर थे। "महाराष्ट्र में मुझे कुछ भी नहीं छू सकता है", वह हमेशा कहते थे। वास्तव में उनके अधिकांश डिलीवरी पार्टनर मुंबई पुलिस के शीर्ष अधिकारी थे। नहीं नहीं, कांस्टेबल नहीं....उच्च पदस्थ अधिकारी। यह सब ठीक मेरे सामने हो रहा था। कुछ भी छिपा नहीं था। कोई कोड शब्द, कुछ नहीं। सब कुछ बिलकुल खुले में। उसका एक कारण था......सबसे बड़ा कारण। अब तक मैंने जो भी कहा, वो उसकी तुलना में कुछ भी नहीं है जो मैं अब कहने वाला हूँ। ये मानव दिमाग के गहनतम अन्धकार से भी ज्यादा अँधियारा है और इसका वर्णन करने के लिए गंदगी एक पर्याप्त शब्द ही नहीं है।

सबसे बड़ा कारण Mr. PSYCHO था। उसे BABY P कह सकते हैं। वो एक शक्तिशाली राजनीतिक राजवंश का युवा वारिस है। राजवंश की आखिरी उम्मीद। BABY P एक जीता जागता राक्षस है। Child पोर्नोग्राफी से लेकर live rape तक, नरभक्षण से लेकर चरम विकृत नशे तक - मैं कुछ चीजें लिख भी नहीं सकता। ये सब इतना ज़्यादा भयावह है। उसे यह सब करने की लत है। मुझे यह कैसे पता है? एक बार X और Y पूरी तरह से Mr. Z की  कठपुतलियाँ बन गए तो उनका अगला निशाना मैं था। उसे मुझसे क्या चाहिए था? Darknet तक पूर्ण पहुंच…..इंटरनेट का काला/गन्दा/ विकृत पक्ष। उसने सोचा कि मेरे डिजिटल दुनिया के ज्ञान के कारण शायद मैं उसे darknet का रास्ता बता सकता हूँ। और ऐसा नहीं है कि उसे खुद इसके बारे में कुछ पता नहीं था। उनके पास पहले से ही एक संपूर्ण निजी VPN सेटअप था, जिसमें सभी नवीनतम तकनीक, लाइव स्ट्रीमिंग के लिए कैमरे, यहां तक कि ड्रोन और स्पाई स्तर के कैमरे और साउंड बग भी थे।

“यदि आप कोक को नियंत्रित करते हैं, तो आप बॉम्बे को नियंत्रित करते हैं ", उसकी पसंदीदा लाइन थी। यदि कोक के सभी डिब्बे और इस सारे समय में मैंने जो भी नशा देखा, उसे एक ट्रक में रखा जाये तो कई ट्रक भर जायेंगे। शीर्ष निर्माता, राजनेता, अभिनेता - सभी उसके नियमित ग्राहक थे। लेकिन, BABY P का क्या.... BABY P इन सब के केंद्र में था। "नहीं" BABY P  के लिए कोई विकल्प नहीं था। उसका नशा इतना गहरा  था कि वह अपने पिता के साथ भी शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार करता था। BABY P ने एक समूह बनाया था। उसके करीबी दोस्तों का एक समूह, जिसमें कुछ सुपरस्टार और nepo-kids शामिल थे। वे मानते थे कि वे अधिकारिक रूप से शहर के मालिक हैं। उनके लिए किसी अन्य का महत्व नहीं था। वे जो चाहते थे, वो चाहते थे। और वे इसे प्राप्त करने के लिए किसी भी सीमा तक जा सकते थे।

Mr. Z को लगा कि वह BABY P के नियंत्रक हैं, और उसके माध्यम से कुछ भी कर सकते हैं। उनकी डिलीवरी हमेशा रोल्स रॉयस या इसके समकक्ष किसी कार से होती थी। मुंबई पुलिस हमेशा इन गतिविधियों के बारे में जानती थी, और कई बार रोल्स रॉयस को सुरक्षा कवच भी प्रदान करती थी।

चाहे CANNES फिल्म फेस्टिवल हो, विशेष रूप से इंडिया पवेलियन, Mr. Z  के उत्पाद खुलेआम उपलब्ध थे। इस आपूर्ति की कोई सीमा नहीं थी। हर कोई, मैं दोहराता हूं, हर कोई - न केवल बॉलीवुड के शीर्ष पर बैठे लोग, बल्कि सभी प्रमुख प्रोडक्शन हाउस, पीआर कंपनियों, सोशल मीडिया कंपनियों, टेक कंपनियों के प्रमुख और जाहिर है शीर्ष नौकरशाह- सभी को यह असीमित आपूर्ति मिलती थी। कुछ भुगतान करते थे और कुछ बदले में अन्य लाभ पहुंचाते थे। लेकिन कार्यक्रम जारी रहना चाहिए (The show must go on ).

इस समय तक Mr. Z  ने BABY P के लिए सब कुछ इंतज़ाम कर दिया था....Darknet के सबसे अँधेरे तल का। उन्होंने स्टूडियो में सभी जगह छिपे हुए कैमरे लगा दिए थे। मेरा फोन, वाईफाई और घर भी bugged था। कुछ भी रिकॉर्ड होने से नहीं बचा था। सभी threesome, और foursome, नशा, और व्यभिचार रिकॉर्ड किए गए थे। मैं बुरी तरह से इससे बाहर निकलना चाहता था। मैं बुरी तरह से अपनी आवाज उठाना चाहता था, और यह सब रोकना चाहता था। मुझे आश्चर्य है कि किस तरह के गलीज़ लोग हैं वो जो कि नाबालिगों के बलात्कार का सीधा प्रसारण करते हैं, और उनसे भी अधिक घिनौने हैं वो लोग जो इसे देखते हैं। BABY P  उनमें से एक है। ये नाबालिग शिकार हमेशा केन्या, फिलिपिन, कंबोडिया या वियतनाम जैसे देशों से थे जितना कि मुझे याद है। जैसा मैंने कहा, ऐसी कई बातें हैं जिनका मैं वर्णन भी नहीं कर सकता। यहां तक कि ऐसी चीजों के बारे में

थोड़ी सोचना भी एक सामान्य व्यक्ति के पूरे जीवन को गंभीर रूप से विक्षिप्त कर सकता है।

EXIT-

X और Y Mr.  Z की कही हुई बातों का पूर्ण रूप से पालन करते थे। उनका लक्ष्य था कि ऐसी चीजों में Mr. Z  की जगह ले कर और BABY P के सबसे करीबी बनकर अधिकतम शक्ति हासिल की जाए। लेकिन कोक!!! कोक आपको आत्म विनाश की राह पर ले जाता है। X और Y में एक बड़ा विवाद हो गया जिसके बाद Y गायब हो गयी। मेरे मन में उसके प्रति जो भी प्यार था उस दिन चला गया जब मैंने उसे पूरी तरह से Mr.  Z के साथ लिप्त देखा।

जो फिल्म मैं लिख रहा था, उसे बनाने के मेरे सपने के अंत की शुरुआत! यह सब उसी गड़बड़ से शुरू हुआ। चूंकि Y अब नहीं थी,  Mr.  Z ने मुझे बताया कि केवल दो तरीके हैं जिनसे मैं इससे बाहर निकल सकता हूं। या तो  DB (दिव्या भारती) मार्ग पर जाएं या **** (BABY P के दादा का नाम) मार्ग। PSYCHO समूह जानता था कि किसी व्यक्ति के कार्डियक अरेस्ट की योजना कैसे बनाई जाए। वो जानते थे आत्महत्या द्वारा किसी व्यक्ति को मारना, या ऐसा परिदृश्य बनाना कि व्यक्ति के पास केवल खुद को मारने का ही विकल्प रहे। उनके बीच एक ठोस अफवाह थी, कि बेबी पी ने अपने दादा के साथ ऐसा ही किया था। केवल ये ही ऐसी बात थी जिसने Mr. Z  को डरा दिया था कि BABY P को नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। वह न केवल सभी प्रकार के नशे में डूबा था, बल्कि शक्ति के मद में भी था। कल्पना कीजिए नशे और शक्ति के मिश्रण का। एक सबसे बुरी बात कोक के बारे में ये है कि वो न सिर्फ व्यक्ति को ईश्वर के और पास पहुंचाता है, बल्कि उनमे एक किस्म का पागलपन भी जगाता है। वे हमेशा सोचते हैं कि कोई न कोई उनके खिलाफ योजना बना रहा है और साजिश रच रहा है। किसी व्यक्ति के व्यवहार में कोई भी छोटा बदलाव उसे उनके दुश्मनों में बदल सकता है।

सब कुछ तब बिखर गया जब Mr. Z ने अल ज़ज़ीरा के कुछ लोगों के साथ एक बैठक आयोजित की। वे चाहते थे कि मैं एक मीडिया कंपनी सेटअप करूं। एक मीडिया कंपनी उनके सख्त दिशानिर्देशों के साथ। वे दिशा-निर्देश घृणित थे। मुझे उस बैठक में अपनी मौज़ूदगी से भी नफरत होने लगी। यह आखिरी धक्का था। मैं बहुत बर्दाश्त कर चुका था! मुझे नहीं पता कि उस दिन मुझे क्या हुआ, मैं तीव्रता से उस बैठक से बाहर निकल गया, उन अल जज़ीरा प्रमुखों को नमस्कार किये बिना ही। ऊंची आवाज़ में चिल्ला कर मैंने Mr. Z और X को बताया कि मैं बस इस गंदगी से बाहर निकलना चाहता हूं। में किसी हालत में कुछ ऐसा बनाने में उनकी मदद नहीं करूँगा जिसका उद्देश्य केवल भारत को बदनाम करना व हर जगह दंगे भड़काना था। बस!!! Mr. Z एक ऐसे व्यक्ति थे, वे कभी भी अपनी आवाज नहीं उठाते थे। हमेशा मुस्कुराते और शांत रहते थे। उन्होंने मुझे बहुत विनम्रता से कहा, यह सब BABY P द्वारा तय किया गया है। इसलिए वो मेरे साथ या मेरे बिना, आगे ज़रूर जायेंगे। मैंने कहा वो जो चाहे करें...और वहां से निकल गया।

खैर। कुछ दिनों बाद मुझे बताया गया कि पुलिस मेरे घर पर छापा मारने वाली है। Mr. Z की एक लाइव कॉल के साथ एक मराठी भाषी व्यक्ति मेरे घर आया। उसने मुझसे कहा कि बहुत पूछने का समय नहीं है, पुलिस किसी भी समय यहां आएगी, और मुझे उसे अपने सभी दस्तावेज और सभी फोन, लैपटॉप और सब कुछ देना होगा। मैंने उससे कहा कि मेरे पास काम के सामान के अलावा कुछ भी नहीं है। लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा। Mr. Z ने कहा कि X ने भी अपना सारा सामान दे दिया है और वे दोनों कुछ दिनों के लिए सभी की पहुँच से दूर रहेंगे। मैंने उस आदमी को सारा सामान सौंप दिया। उसने मुझे चेतावनी दी कि मैं बाहर कदम न रखूँ। यह सब बहुत तेजी से हो रहा था। कहीं न कहीं मैं Y के लिए भी चिंतित था। मुझे बताया गया कि वह वापस गोवा चली गई। खैर!

मैं अभी भी MD से पूरी तरह से मुक्त नहीं था। एक बार जब वह मराठी भाषी आदमी वहां से चला गया तो समय एक अंतहीन सुरंग सा था। MD नहीं। फोन नहीं। इंटरनेट नहीं। कोई लैपटॉप नहीं। वे मेरे जीवन के 8 घृणित/कुत्सित दिन थे। इस सबके बावजूद, मुझे अभी भी X पर भरोसा था, इसलिए मैंने वही किया जो मुझे कहा गया था। आठवें दिन, X मुझसे मिलने आया। किसी पहचाने हुए चेहरे को देख कर एक तरह की रहत मिली। बहुत से सवाल थे। लेकिन इससे पहले कि मैं कुछ और सोच पाता कि कुछ और लोग घर में घुस आये, और उन्होंने मुझे बेडरूम में धकेल दिया। उनमें से एक ने पंखे से रस्सी बांध दी और वे सभी मुझे पीटने लगे। यहां तक कि X भी। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा झटका था। मुझे मराठी समझ में आती है, इसलिए मैं समझ सकता था कि वे क्या बात कर रहे थे। वे परेशान थे कि मैंने MD के बिना 8 दिन बाद भी आत्महत्या नहीं की। मेरा दिमाग सुन्न हो गया था। मेरे सामने सारी घटनाएं घूम रही थीं। में किसी भी तरह बस वहां से निकलना चाहता था। मैंने उन्हें पीछे धकेला, जैसे भी जितना भी उन्हें मार सकता था, मारा। मैंने X को बहुत ज़ोर से मारा। मुझे नहीं पता कि मुझे क्या हुआ, लेकिन मुझे बस बाहर निकलना था। मैंने लात मारी, मुक्का मारा, जो कुछ भी मेरे हाथ में आया, उन्हें मारा। संघर्ष तब तक ही था जब तक मैं घर के मुख्य दरवाजे तक नहीं पहुँच जाता। जिस पल मैं घर से बाहर आ गया, वे मेरा बाहर पीछा नहीं करेंगे, मुझे यह पता था। रात के करीब 10 बजे थे। सड़क पर बहुत सारे लोग थे। सिर्फ शॉर्ट्स और एक टी-शर्ट और चप्पल में, मैं चौपाटी समुद्र तट तक दौड़ता चला गया... ट्राइडेंट के पास उस जॉगर्स वाली सड़क के अंत तक। फिर पत्थरों पर चढ़कर नीचे जहाँ अंतिम पत्थर समुद्र को छूने लगा, वहां तक उतर गया। मुझे लगा जैसे मेरा पुनर्जन्म हुआ है। मैं लगभग सुबह 4 बजे तक वहाँ रहा। जब मैंने मॉर्निंग वॉकर और जॉगर्स देखे, तो मैंने एक सज्जन से फोन उधार लिया। एक ही नंबर जो कि मुझे याद था वो माँ का था। खैर। मैंने माँ को फ़ोन किया और एक करीबी रिश्तेदार के पास पहुंचने में कामयाब रहा। खैर।

जैसे जैसे सुशांत के अंत का पल-पल का विवरण आता रहा, मैं लगातार अपने जीवन के इस अध्याय में वापस जा रहा था। मुझे शिद्दत से लगता है कि वह मेरे जैसी ही स्थिति में था। प्यार सबसे मजबूत हथियार है। जब प्रेम को MD के साथ मिलाया जाता है, तो वह मारक होता है। MD सिर्फ एक आनंददायक नशा नहीं है। यह सत्य की खुराक की तरह है। आप जब बहुत खुश होते हैं, आप अति निश्चिंत और बेपरवाह हो जाते हैं। अगर कोई आपसे आपका बैंकिंग पासवर्ड पूछता है, तो आप खुशी-खुशी उन्हें दे देंगे। भरोसे का पहरा इतना शिथिल हो जाता है।

पिछले कुछ दिनों से मैं X और Y को खोज रहा था। Y कनाडा में एक नशा पुनर्वास केंद्र (रिहैब) में है और X धोखाधड़ी के अन्य मामलों के कारण यूरोप में कहीं फरार है। अब बचते हैं Mr. Z और BABY P। BABY P अब और अधिक ताकतवर हो गया है। शायद उन्होंने ऐसा कई बार किया हो और किसी ने कभी उनके खिलाफ आवाज नहीं उठाई, इसलिए वे ऐसा करते रहे। मैं खुद को पहले न बोलने के लिए दोषी मानता हूं। अब इस घटना के 3 साल हो गए हैं, लेकिन मैं अभी भी नए लोगों पर भरोसा नहीं कर सकता। यहां तक कि कोई नया रिश्ता भी नहीं बना सकता, क्योंकि कहीं न कहीं मैं अपने सुरक्षा कवच में ढील नहीं दे पाता, विशेष रूप से किसी नई महिला पर भरोसा नहीं कर सकता। खैर। MD का प्रभाव मुझ पर एक वर्ष से अधिक रहा। नशे से मुक्ति की प्रक्रिया और भी कठिन थी, लेकिन अब यह आदत ख़त्म हो चुकी है।

हर रात मैं इस बारे में पहले नहीं बोलने का अपराधबोध महसूस करता हूं। वे अब एक शक्तिशाली कॉर्पोरेट हैं। वे अब बहुत शक्तिशाली हैं। क्या आपको लगता है कि वे वास्तव में मराठी गौरव या शहर की फ़िक्र करते हैं? कंगना के कार्यालय में तोड़फोड़ एक राजनीतिक आत्महत्या थी। वे इसे जानते थे, लेकिन फिर भी उन्होंने इसे किया। ये कोई उन्माद या आवेश में उठाया गया कदम नहीं है। यह एक स्पष्ट संदेश है मेरे जैसे लोगों को जो बहुत कुछ जानते हैं। संदेश कि हम तुम तक पहुँच जायेंगे और तुमको नष्ट कर देंगे। मैं एक बार मारे जाने के करीब था। लेकिन आज भी मैं यहां हूँ ज़िंदा। अब मैं नहीं डरता। मैं सही लोगों को सभी नाम तक देने के लिए तैयार हूं, जो वास्तव में इस सबको ख़त्म कर सकते हैं।

आपको ऐसा लग सकता है कि मैं इस पूरे दरम्यान शांत था, लेकिन नहीं। मैं चुप नहीं था। मैंने ठीक वो ही महसूस किया जो सुशांत ने महसूस किया होगा। दो कहानियां। लेकिन एक ही चीजें, एक ही जाल परन्तु भिन्न अंत। शायद मैं उनका पहला प्रयोग था। या शायद नहीं। हो सकता है कि उन्होंने कई बार ऐसा किया हो। या शायद नहीं।

विडंबना ये है कि वही लोग, उनमें से कुछ बिगड़ैल लोग जो कि उन्ही में कुछ अन्य बिगडैलों की धुन पर नग्न नृत्य कर रहे थे, वो ही लोग आज पितृसत्ता का रोना रो रहे हैं, और उसी “honey” के साथ खड़े हैं जिसने सुशांत को “trap” किया! उदाहरण के लिए एक शक्तिशाली Mrs! पहले मुझे लगा कि वह ऐसा क्यों कर रही है! लेकिन फिर समझ आ गया कि आखिर उनका अति शक्तिशाली पति एक कॉर्पोरेट माफिया का मुखिया जो है! ये चक्र अत्यंत स्पष्ट है। जब तक यह केवल सुशांत और रिया के बारे में था, वे शांत थे। पूर्ण मौन। पर जिस पल कोक ने कहानी में प्रवेश किया, उन्हें अचानक पितृसत्ता याद आ गयी और उस पर तेज आवाज में चिल्लाना भी। 
जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे इस बड़ी समस्या का एक छोटा सा कण भी नहीं हैं। यह कहीं ज्यादा ऊंची बात है। इसकी जड़ें हर जगह हैं। बहुत गहरी...बहुत बहुत गहरी । यह सिर्फ ड्रग्स कि बात नहीं है। यह उससे बहुत आगे की बात है। एक दिन सब सामने आएगा। ज़रूर आएगा!

Comments