टीपूसुल्तान के बाप #हैदरअली ने लगाया था #शूद्रों पर #breast टैक्स"*

*"#टीपूसुल्तान के बाप #हैदरअली ने लगाया था #शूद्रों पर #breast टैक्स"*

जेहादी चाटूकार वामपंथी इतिहासकारों के इतिहास लेखन में इतने छेद हैं कि इतिहास भी शर्मा जाए। इतिहास लेखन में जेहादियों का महिमामंडन करना और हिंदू सनातनियों का अपमान और विकृत रूप देना जिहादी वामपंथियों के हिंदू विरोधी, राष्ट्रविरोधी मानसिकता  का परिचायक रही। इन्हीं विकृत लेख और इतिहास के बहकावे में आकर भीमटे अक्सर कहते रहते है कि केरल के ब्राह्मण राजा ने शुद्र कन्यायों पर breast tax लगाया और टीपू सुल्तान ने शुद्रों को इस टैक्स से मुक्ति दिलवाई।

मित्रों!,
लाख टके का सवाल ये है जब नंगेली ने अपने स्तन काटे तब राजा था हिन्दू तो टीपू सुल्तान ने मदद कैसे कर दी, क्योंकि दूसरे राज्य के राजा टीपू सुल्तान तो मर चुका था उस समय???

आखिर किसने और क्यों लगाया था शुद्र कन्यायों पर ये भयानक टैक्स! जरूर पढ़ें और समझे
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चित्रदुर्गा किले में ओनेक ओबावा (शुद्र) के पति  रक्षक थे, उनके पति दोपहर को खाना खाने आये  हुए थे घर मे पानी नही था इसलिए ओनेक ओबावा पानी भरने के लिए ऊपर पहाड़ी में स्थित तालाब में गयी।
वहाँ  से उन्होंने देखा कुछ सैनिक किले में घुसने का प्रयास कर रहे है।
ओनेक ओबावा ने बिना वक़्त गवाए अपनी मूसल लेकर उन सैनिकों पर छिप कर प्रहार करने लगी, एक एक कर उनके हाथों सैनिक मारे जाने लगें, उसी समय  जेहादी हैदर अली के सेनापति को भनक लगी कि कोई पीछे से उन पर वार कर रहा है, और तभी सेनापति की नज़र ओनेक ओबावा पर पड़ी, वो तुरंत वहाँ से भागी इधर  चित्रदुर्गा किले के सैनिकों को भी जेहादी हैदर अली के सेना का होने की सूचना मिलते ही बाहर निकल कर जेहादी हैदर अली की सेंना पर टूट पड़े, परंतु तब तक देर हो चुकी थी ओनेक ओबावा बुरी तरह घायल अवस्था मे अपने पति के पास पहुँची और प्राण त्याग दिये।
इधर जेहादी हैदर अली के सेना बुरी तरह परास्त हो चुकी थी।
जेहादी हैदर अली शुद्रो से बहुत क्रोधित था उस ने दोबारा चित्रदुर्गा पर आक्रमण किया और इस  बार चित्रदुर्गा को जीतने के बाद उसने शुद्र कन्याओं को दंड देने के लिए BREAST TAX  लगा दिया।

जेहादी हैदर अली के मरते ही पूरे हिन्दू समाज ने ब्राह्मणों के नेतृत्व में शुद्र कन्याओं को इस भयानक tax से मुक्ति दिलाने के लिए विद्रोह कर दिया, जेहादी हैदर अली के पुत्र जेहादी टीपू सुल्तान ने इस विद्रोह का बुरी तरह दमन किया, हज़ारो हिन्दुओं को मारा, लूटा गया, ब्राह्मणों की गर्दने कटवा दी गयी, मंदिरों को नष्ट कर दिया गया।

इधर विद्रोह का दमन करने के चक्कर मे जेहादी टीपू सुल्तान केरल राज्य गवां बैठा।
केरल और अंग्रेज़ों का गठबंधन हो चुका था, उधर जेहादी टीपू के राज्य में शुद्रों पर breast tax लगता ही था, इधर केरल में भी  अंग्रेज़ों ने राजा पर दबाव बना कर समस्त हिन्दू मुसलमान कन्यायों पर tax जारी रखा, 
अमीर घराने के हिन्दू मुसलमान तो ये टैक्स भर देते थे पर गरीब यह टैक्स न भर पाते अतः टैक्स से मुक्ति पाने के लिए ईसाई धर्म अपना लेते।

राजा ने कई बार इस कर को हटाने की कोशिश की पर वह किसी हालात में अंग्रेज़ों को दुश्मन नही बनाना चाहता था क्योंकि अंग्रेज़ों से दुश्मनी मतलब जेहादी टीपू का आक्रमण, अतः विवश हो राजा ने इस कर को जबरदस्ती नही हटवाया परंतु वह दरख्वास्त करता रहता था।
समय बीतता गया, जेहादी टीपू की मृत्यु (ई० 1799) हो गयी, राजा बूढ़ा हो गया।

एक दिन जब अंग्रेज़ शुद्र कन्यायों से ब्रैस्ट टैक्स वसूलने गांव पहुँचे वहाँ  नंगेली नामक  गरीब शुद्र कन्या ने दुखी और क्रोधित होकर अपना स्तन काट (ई०1824) लिया इसके बाद पूरे राज्य में समस्त स्त्रीयों ने विद्रोह कर राजा और अंग्रेज़ों पर दबाव बना कर इस टैक्स से मुक्ति पाई (ई०1859)।

ये थी breast tax की कहानी, जेहादी टीपू सुल्तान के बाप जेहादी हैदर अली ने इस टैक्स को शुद्र कन्यायों पर लगाया, जेहादी टीपू में इसको जारी रखा,
केरल में विद्रोह हुआ वो भी टीपू के मरने के बाद।

मित्रों!
ब्राह्मणों को बदनाम करने के लिए जेहादी वामपंथी इतिहासकारों और लेखकों ने जेहादी टीपू को हीरो बनाया और आज भी भ्रामक दुश्प्रचार निरंतर जारी है।

Note - नंगेली की स्तन काटे जाने वाली घटना की किसी भी ऐतिहासिक पुस्तक में उल्लेख नही है Net के आधार पर नंगेली की कहानी और Date ली गयी है।

ब्यथित मन से,

ठाकुर की कलम से

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