फिलहाल बिहार सरकार से अपना समर्थन वापस लेकर भाजपा को उत्तम और स्वच्छ राजनीति का परिचय देना चाहिए।
जातिगत तुष्टीकरण,अपराध,माफिया,शराब तस्करी तथा अवसरवादी राजनीति के सहारे लालची नीतीश से भाजपा को अलग कर एक पारदर्शिता वाली सुशासन बिहार को प्रदान करने का कोशिश करना चाहिए।
अपनी असफलता तथा अक्षमता का दोष दुसरे पर डालने के अलावा और कुछ नही जानता कपटी नीतीश।
कोरोना संकट से लडने के बजाए PPE नहीं होने का केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए यह बोला है कि मुझे पर्याप्त मात्रा में ppe और जाँच उपकरण नही दिया जा रहा है। मैं नीतीश कुमार से एक सवाल पूछना चाहता हूँ कि आप किसी पंचायत का सरपंच या वार्ड सदस्य हैं क्या??
आप अपने पद के बारे में नहीं जानते तो मैं बता देता हूँ कि आपके पास इतना पावर है जितना किसी बिहार के लोगो को नही है लेकिन आप किसी भी मुद्दा को लेकर हाथ खड़ा करना बेहद आसान समझते हैं क्योंकि जनता तो स्वीकार ही रही है लेकिन आपको पता नहीं है कि जनता ने जो हाल #लालू को किया था वही हाल आपको भी करने में ज्यादा समय नहीं लगाएगी।
आप को शर्म आना चाहिए कि 15 सालों से मुख्यमंत्री हैं काफी अनुभवी हो गए है आपको खुद सपोर्ट करना चाहिए था प्रधानमंत्री जी को इस महामारी मे।
नीतीश अब बिहार के लिए सरे हुए अंग के समान है इसलिए आत्मविश्वास और आत्मबल को पहचान कर नीतीश को त्याग अकेले बिहार चुनाव का रुख करें भाजपा विजय इंतजार में हैं।
बिहार के जनता करें पुकार
फिर नहीं #नीतीश #कुमार
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