गंभीर सवालों संदेहों के कठघरे में केजरीवाल और उसके मीडियाई दलाल..
केजरीवाल, उसकी सरकार तथा उससे विज्ञापनों की मोटी रकम लील कर देश और दुनिया से सरासर सफ़ेद झूठ बोलती रही बेशरम दलाल मीडिया के मुँह पर जोरदार थप्पड़ की तरह है कोरोना के भयानक कहर से कराह रही दिल्ली की वर्तमान गम्भीर स्थिति.
याद करिए कि केवल 2 महीने पहले तक दिल्ली का मीडिया देश और दिल्ली की जनता के सामने प्रचण्ड निर्लज्जता के साथ कई महीनों तक लगातार यह सफ़ेद झूठ परोस रहा था कि केजरीवाल की प्रशासनिक क्षमता अद्वितीय है. केजरीवाल ने दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय, देश में सर्वश्रेष्ठ बना दिया है. केजरीवाल द्वारा 5 साल तक किए गए मोहल्ला क्लीनिक नाम के फर्जीवाड़े पर यही मीडिया अपनी प्रशंसा के पर्दे डालने में जुटा हुआ था. लेकिन कोरोना संक्रमण के जानलेवा संकट से बुरी तरह जूझ रही दिल्ली की वर्तमान गम्भीर स्थिति ने केजरीवाल की प्रशासनिक क्षमता तथा उसकी सरकार के विज्ञापनों की रकम लील कर उसकी कठपुतली की तरह नाचती रही मीडिया के उस झूठ की धज्जियां उड़ा दी हैं.
देश में कोरोना वायरस के जानलेवा संक्रमण की अबतक की कहानी उपरोक्त तथ्य की पुष्टि करती है. आप मित्र भी परिचित होइए इस कहानी से....
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े बता रहे हैं कि कल 11 अप्रैल की शाम 7:30 बजे तक #दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 1069 हो चुकी थी. तथा 19 लोगों की मौत हो चुकी थी.
उल्लेख आवश्यक है कि 7 यूनियन टेरिटरी (UT) के अलावा देश के शेष 29 राज्यों में दिल्ली की जनसंख्या सबसे कम है. जनसंख्या के आधार पर देश में उसका नंबर उनतीसवां है. लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े यह शर्मनाक सच उजागर कर रहे हैं कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या के मामले में देश में दिल्ली में दूसरे स्थान पर है. तथा इस महामारी के कारण हुई मौतों की संख्या के मामले में देश में दिल्ली तीसरे स्थान पर है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के ही आंकड़े यह भी बता रहे हैं कि कल 11 अप्रैल की शाम 7:30 बजे तक #उत्तरप्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या दिल्ली की तुलना में आधे से भी कम, 456 हो चुकी थी तथा 5 लोगों की मौत हो चुकी थी. उत्तरप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की मौत की संख्या दिल्ली की तुलना में लगभग 4 गुना कम है. उल्लेखनीय है कि दिल्ली से लगभग 11 गुनी अधिक जनसंख्या वाला उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक जनसंख्या वाला प्रदेश है. देश की कुल जनसंख्या का लगभग छठा भाग उत्तरप्रदेश में रहता है. देश में कोरोना संक्रमण फैलाने का सबसे बड़ा माध्यम बने तबलीगी मुल्लाओं की सबसे बड़ी संख्या भी उत्तरप्रदेश में ही घुसी और छुपी हुई थी. 24 मार्च को लॉकडाऊन की घोषणा के साथ ही केजरीवाल की धूर्तता के कारण 25 और 26 मार्च को दिल्ली में रह रहे यूपी बिहार के लाख डेढ़ लाख कामगारों की भीड़ भी दिल्ली की सीमा लांघ कर उत्तरप्रदेश में अचानक प्रवेश कर गई थी. लेकिन इसके बावजूद उत्तरप्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या दिल्ली के आधे से भी कम है.
केवल उत्तरप्रदेश ही नहीं बल्कि दिल्ली से दो गुनी तीन गुनी 4 गुनी अधिक जनसंख्या वाले अनेक प्रदेशों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या दिल्ली की तुलना में आधे से भी कम तथा कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण हुई मौतों की संख्या दिल्ली की तुलना में एक तिहाई से भी कम है.
उपरोक्त स्थिति केजरीवाल और उसकी बेशरम दलाल मीडिया के मुँह पर जोरदार थप्पड़ की तरह है जो केवल 2 महीने पहले तक देश और दिल्ली से यह सफ़ेद झूठ बोल रहे थे कि केजरीवाल ने दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय, देश में सर्वश्रेष्ठ बना दिया है और केजरीवाल की प्रशासनिक क्षमता अद्वितीय है.
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