लॉक डाउन के बाद व्यापारिक व्यवस्था चाकचौबंद होगी।चीन के तिरस्कार के बाद, देश मे नए व्यापार या चीन द्वारा खत्म कर दिए गए व्यापार, तरक्की करेंगे।

#लॉकडाउन
स्नेही मित्रों!
कुछ बाते ध्यान रखियेगा, आप लंबे समय के लिये लॉक डाउन में हैं🙏

लॉक डाउन के बाद व्यापारिक व्यवस्था चाकचौबंद होगी।
चीन के तिरस्कार के बाद, 
देश मे नए व्यापार या चीन द्वारा खत्म कर दिए गए व्यापार, तरक्की करेंगे।

पूरी दुनिया की क्रयशक्ति कम होगी तो बड़े ब्रांड्स का प्रॉफिट कम होगा।

एशिया में चीन को छोड़ फिलीपीन्स, भारत, सिंगापुर, बाँग्लादेश जैसे देशों में नए उद्योग आएंगे।

दुबई में काम करने वाले भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान के मजदूर, जिनमें 90% मुस्लिम है, बड़ी संख्या में बेरोज़गार होंगे।
इससे पाकिस्तान को #गठिया हो जाएगा।

यूरोप अमेरिका में भी बेरोज़गारी बढ़ेगी।
पर भारत मे नए उद्योग लगने की संभावना है, जिनमें कुशल कर्मचारियों की जरूरत होगी।
भारत मे काफी बड़े सरकारी और प्राइवेट इंफ़्रा प्रोजेक्ट पैसे की कमी के कारण बन्द होंगे जिससे ग्रामीण पलायन रुकेगा।
मेक माई ट्रिप, ओयो और गोआइबीबो जैसे स्टार्टअप ध्वस्त होंगे।

तम्बाखू, गुटका और नशे के बाजार को वापस रास्ते पर आने में साल भर लगेगा।
टैक्स से सरकार को कम पैसा मिलेगा, मतलब सरकार जरूरत के काम पर फोकस करेगी, मतलब नए उद्योग, एफडीआई, ग्रामीणों के लिए स्किल डेवलपमेन्ट, आदि जिससे सरकारी आय मतलब टैक्स बढ़े।।

अगले 2 साल सरकार धन प्राप्ति और सरकारी खर्च घटाने तेजी से विनिवेशीकरण करेगी।
तेल की कीमत कम होने से बचने वाला पैसा, सरकार के बहुत काम आएगा।

लॉक डाउन से हुये, पर्यावरण में सुधार से जनता प्रभावित होगी और सरकारे पर्यावरण सुधार के कार्यक्रमो पर ध्यान देंगी।
मतलब सोलर, विंड और हाईड्रल एनर्जी की बल्ले बल्ले हैं।

तेज टेक इनोवेशन पर अब रोक लगेगी,
नए रिसर्च प्रोजेक्ट पर सरकारें और कम्पनिया धन की कम आवक के कारण कम खर्च करेंगी।

भारत सरकार की मजबूरी :
फ्री पैसा और सामान बांटने वाली सेवाओ का खर्च कैसे मेंटेन होगा?

अकुशल श्रमिको के लिए काम का जुगाड़ कैसे होगा?
सामाजिक परिवर्तन
वर्क फ्रॉम होम और डिस्टेंस लर्निंग के कारण सामाजिक व्यवस्था सुधरेगी।
जरूरत है ;

चूंकि, दुनिया के बिग ब्रेन्स महीनों से घरों में बंद हैं और अर्थ और काम की व्यवस्थाओं का सायकल टूटा है, तो दुनिया के ये लीडर और मनी मैग्नेट नए विचारों और नई व्यवस्थाओ के साथ लौटेंगे।
और फिर नया समाज निर्माण शुरू होगा जैसा द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद हुआ था।।

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