रामायण के प्रमुख पात्र "श्री अरुण गोविल जी"*

*रामायण के प्रमुख पात्र "श्री अरुण गोविल जी"*

आप लोग इन्हें श्री राम का किरदार निभाने के लिए बहुत सम्मान और प्रेम देते हैं वे पूर्ण रूप से उसके हकदार हैं।

रामायण और महाभारत लगभग साथ साथ ही आए थे और दोनों को अपार सफलता मिली। महाभारत के सारे बड़े किरदार धीरे धीरे राजनीति में आ गए। नीतीश भारद्वाज, रूपा गांगुली, गजेन्द्र चौहान इत्यादि। वैसे पॉपुलर होने के बाद लोग उसे भुनाते ही हैं। स्मृति ईरानी धारावाहिकों से आज केंद्रीय मंत्रिमंडल तक पहुंच गईं इसी लोकप्रियता से।

राजीव गांधी ने खुद अरुण जी से आग्रह किया कि सीतापुर से लोकसभा का चुनाव लड़िए, पर अरुण जी ने मना कर दिया। वे बोले चुनाव मत लड़िये कम से कम प्रचार ही कर दीजिए अरुण जी ने वो भी नहीं किया। बोले ये लोकप्रियता मुझे श्री राम का किरदार निभाने के कारण मिली है, राजनीति में जो गालियां पड़ेंगी वे इसी राम के किरदार को पड़ेंगी। मैं राम के नाम के साथ अनादर नहीं कर सकता। आप जरा सोचिए जिस राम के नाम के सहारे चुनावी दल विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन जाता है, जिस राम के नाम पर सत्ताएं बनती हैं और गिर जाती हैं। अगर अरुण जी जिनको देश स्वयं राम के रूप में देखता है अगर राजनीति में आते तो कितने सफल होते। जब स्मृति ईरानी केंद्रीय मंत्री बन सकती है तो ये तो अवश्य बन जाते। ऐसे ही एक बार सेट पर इनकी सिगरेट पीते हुए तस्वीर लीक हो गई थी इन्हें इतनी ग्लानि हुई कि उसके बाद कभी सिगरेट शराब को हाथ नहीं लगाया। मैगज़ीन इनको बहुत पैसे ऑफर करती थी शराब का गिलास हाथ में लेकर पोज़ देदो ये कर दो वो कर दो। इन्होंने सब ठुकरा दिया कि नहीं राम के किरदार निभाने वाले को शोभा नहीं देगा।

इन्होंने राम का किरदार केवल रामायण में नहीं निभाया, इन्होंने जिया है राम को। मैं बहुत कम लोगों को अपना आदर्श मानता हूं शायद 4  या 5 लोग होंगे बस जैसे रतन टाटा, अब्दुल कलाम, अटल जी, मोदीजी और अमित शाह है पर मैं अरुण जी से हमेशा प्रेरणा लेता रहूंगा की अपने लक्ष्य से कभी मत डिगो, चाहे संसार तुम्हे कितने ही प्रलोभन दे🙏🏻❤️

Comments