सोनिया गांधी राजीव गांधी से विवाह करने के 17 साल बाद भारत की नागरिकता लेती है ।
और नागरिकता लेते समय जो हस्ताक्षर किए थे वह सोनिया गांधी के नाम से ना होकर एंटोनियो माइनो गांधी के नाम से हस्ताक्षर थे। हमारे देश में तो विवाह होते ही नाम उपनाम परिवर्तन हो जाता है। फिर 17 वर्ष, बाद भी नाम और उपनाम ना बदल पाना, इस परिवार की कौन सी विदेशी साजिश थी?
यदि कोई साजिश नहीं थी तो फिर एंटोनियो माइनो कहे जाने पर इतनी तिलमिलाहट क्यों हैं ??
चरण भक्तों को यह बात समझना चाहिए कि कांग्रेस की मातोश्री का यह नाम उनके माता पिता ने दिया है और इस ही नाम से उनका मित्र, क्वात्रोची उन्हें बुलाता था। आज वही नाम सुनकर आप लोगों को हिस्टीरिया का दौरा पड़ना मैडम के साथ नाइंसाफी है।
वरिष्ठ कांग्रेसी दिग्गज, कांग्रेस का पूरा थिंक टैंक, कांग्रेस कार्यकर्ता और छुटभय्ये नेता, पूरा लेफ्ट लिबरल कबाल और विपक्ष में कांग्रेस के सहयोगी बने बैठे राजनीतिक दल आज रिपब्लिक टीवी के एडिटर अर्नब गोस्वामी के खून के प्यासे हो रखे हैं,
इनके अनुसार अर्नब गोस्वामी ने इनकी साम्राज्ञी सोनिया गांधी को उनके वास्तविक नाम एंटोनियो माइनो से संबोधित कर ब्रह्मांड का सबसे बड़ा अपराध कर दिया है,
वैसे यदि वास्तव में यह अपराध है तो इन लोगों को सर्वप्रथम अपनी साम्राज्ञी सोनिया गांधी उर्फ एंटोनियो माइनो को ही सबसे पहले दंड देना चाहिए, क्योंकि अर्नब गोस्वामी से पहले तो सोनिया गांधी उर्फ एंटोनियो माइनो ने ही आधिकारिक रूप से सरकारी दस्तावेजों में स्वयं को एंटोनियो माइनो बताया है,
और आज स्वयं को सोनिया गांधी कहलवाने वाली कांग्रेस की साम्राज्ञी एंटोनियो माइनो ने भारत की नागरिकता भी अपने वास्तविक नाम एंटोनियो माइनो से ही ली है, प्रमाण के रूप में आप सोनिया गांधी का भारतीय नागरिकता सर्टिफिकेट देख सकते हैं जिसमें कांग्रेस की साम्राज्ञी ने खुद को एंटोनियो माइनो गांधी बताया है और उसपर हस्ताक्षर भी एंटोनियो माइनो के नाम से ही किए हैं।
अब विचार कीजिये कि जब कांग्रेस की साम्राज्ञी ने इसी एंटोनियो माइनो के नाम से भारत की नागरिकता ली है तो फिर आखिर इन कांग्रेसियों, विपक्षी दल के नेताओं और लेफ्ट लिबरल बुद्धिजीवियों को भला सोनिया गांधी के वास्तविक नाम एंटोनियो माइनो से क्या आपत्ति हो रही है ?
कहीं इसलिए तो नहीं कि आम जनता को यदि सोनिया का वास्तविक नाम एंटोनियो माइनो पता चल गया तो वे उन्हें और उनकी इटैलियन ब्रीड की संतानों को भारतीय मानने में संदेह कर वोट देने से सकुचा सकते हैं, और इसी कारण से भारत की भोली-भाली जनता को अंधेरे में रखने हेतु एंटोनिया माइनो के नाम से इन लोगों को इतनी चिढ़ हो रखी है ?
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