जीवंत सभ्यता का राज

पूरी दुनिया #CoronaVirus से भयभीत है और भारत में तीन दर्जन मामले पाए जाने के बाद भी सोशल मीडिया में उसपर अनगिनत चुटकुले बनाए जा रहे हैं।

यही है हमारी जीवंत सभ्यता का राज!
मणिकर्णिका घाट के भस्म से शुरू हुई होली मथुरा वृंदावन और अयोध्या में गुलाल उड़ने तक सारा देश धूल, कीचड़, गोबर, रंग और गुलाल से सराबोर हो गया।

टोलियों में समूहों में गाते बजाते एक दूसरे पर कीचड़ रंग गुलाल उड़ाते लोग न भय न चिंता न भेद।
क्या बिगाड़ लेगा इस जीवंत राष्ट्र का कोई!
अनगिनत आक्रांता आए सत्ता के शिखर पर अधिकार किया अपने अपने धर्म रिवाज और संस्कृति थोपने का प्रयास किया, लेकिन हमारी सांस्कृतिक विरासत को मिटा नहीं पाए।
क्योंकि हमारी संस्कृति तो #सनातन है अक्षय है वैज्ञानिक है।
विज्ञान भी तो कहता है शरीर की इम्युनिटी व्यवहार पर भी निर्भर करता है।
इसीलिए हमारे पुरखों ने त्योहार के बहाने जीवन में उल्लास मस्ती उमंग स्वच्छता भर कर रखा!

मजा आ गया लोगों को मस्ती से भरे पर्व को जीते देख!

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