वेटिकन तथा मक्का दोनों कोरोना वायरस के कारण बंद कर दिए गए, पोप ने तो स्वतः को एक सुरक्षित कमरे में बंद कर रखा है।

वेटिकन तथा मक्का दोनों कोरोना वायरस के कारण बंद कर दिए गए, पोप ने तो स्वतः को एक सुरक्षित कमरे में बंद कर रखा है।

ये वही धर्मांध लोग हैं जिन्होंने अपने खुदा के भरोसे करोडों निर्दोषों का नरसंहार किया, यदि इतना ही विश्वास था अपने खुदा पर तो अपने अपने धर्मस्थलों को बंद क्यों करवाया?

दोगले मूर्खों देख लो आज हमारे होली के पर्व पर भारत के समस्त धर्मस्थलों में जैसे मथुरा, काशी,, पुष्कर, उज्जैन इत्यादि स्थानों पर करोड़ों लोगों ने रंगोत्सव मनाया, इसे बोलते हैं विश्वास।

कभी अपने विवेक बुद्धि का भी इस्तेमाल कर लिया करो,  तुम्हें जो भी सीखा पढाकर बरगलाया गया है इससे यही साबित होता है कि तुम सब यहुदियों के बंधुआ गुलाम से अधिक कुछ भी नहीं।

आ जाओ परब्रह्म परमात्मा की शरण में, घरवापसी कर लो सनातन धर्म में मोक्ष मिल जाएगा।

ॐ परमात्मने नमः।।

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