सेक्युलिरिज़्म "The Untold Story"

सेक्युलिरिज़्म 
"The Untold Story"

चंदन गुप्ता याद हैं ?? 
चलो मैं बता देता हूँ कासगंज (उत्तरप्रदेश) के एक कस्बे में एक उन्मादी मुस्लिम भीड़ द्वारा मौत के घाट उतार दिया गया कारण सिर्फ ये था कि वो गुस्ताख़ ये भूल गया था कि मोमिनों के इलाके से  तिरंगा रैली निकालना कितना बड़ा गुनाह हैं😥

डॉ पंकज नारंग याद हैं ??
आपकी यादाश्त कमज़ोर हो गई होगी क्योंकि सेक्युलिरिज़्म का चश्मा आपकी आँखों पे चढ़ा हुआ हैं,विकास पूरी (दिल्ली) के रहने वाले डॉ नारंग का कसूर केवल ये था कि भारत की क्रिकेट टीम ने विश्वकप में बांग्लादेश को हरा दिया जिसकी खुशी मनाने वो अपने बेटे के साथ सड़क पे आ गये और कुछ जेहादियों को ये रास नही आया 😥

नवीन यादव याद हैं ??
ओह सॉरी भला कैसे याद होगा चलो मैं ही बता देता हूँ उदाका (नूह,हरियाणा) का एक वकील जिसका दोष केवल ये था कि पेसे से वकील होना ऊपर से शांतिप्रिय कौम के लोगो का केस लड़ना भला ये गुस्ताख़ी कैसे बर्दाश्त होती 😥

अंकित शर्मा याद हैं ??
ये तो याद ही होगा क्योंकि इसकी तो चिता की राख भी अभी ठंडी नही हुई हैं,इसका कसूर ये था कि मुस्लिम्स द्वारा हिन्दुओ के घर और दुकाने जलने के तमाशा देखने ये घर से बाहर आ गये जो उन्हें बर्दाश्त नही हुआ नतीजा रोज शाम को सुधीर चौधरी के DNA में बताया जा रहा हैं।

ऐसे असंख्य नाम भरे पड़े हैं जिनका किसी दंगे से कोई वास्ता नही रहा पर फिर भी नरपिचासो की भूख इन्हें निगल गई।

हिन्दू का मरना कोई बड़ी बात नही हिन्दू हजारों साल से यातनाएं सहता आया हैं आगे भी सहता रहेगा,ये लड़ाई अस्तित्व की हैं,जब तक सांस हैं चलती रहेगी,पर दुःख इस बात का हैं कि हम पर रोने वाले सीमित हैं।

वही उस और आप किसी ताहिर हुसैन का नाम ले लीजिये आप किसी शरजील ईमाम पर उंगली उठाईये पूरे भारत के मुस्लिम एक स्वर में चींख पड़ेंगे की तुम गलत हो वो सही हैं क्योंकि वो मुस्लिम हैं,और पूरी कौम उसके साथ खड़ी हो जाएगी नतीजा राजनीति के गिद्दों को उनकी नाराजगी नही चाहिये इसलिये चाहे कितने ही  अंकित शर्मा यूँही नालो में कटे पड़े मिलते रहे।

पर आप इस भाई'चारे' को तबतक संभाले रखना जब तक खुद चारा ना बन जाओ।

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