*भारत को भिखारियों का देश मानने वाली कांग्रेस का ट्रंप की यात्रा पर तिलमिलाना बिलबिलाना मुझे चौंका नहीं रहा।*
*भारत को भिखारियों का देश मानने वाली कांग्रेस का ट्रंप की यात्रा पर तिलमिलाना बिलबिलाना मुझे चौंका नहीं रहा।*
2006 में भारत दौरे पर आए नार्वे के राजकुमार हाकून के सम्मान में 3 नवम्बर 2006 को राजधानी दिल्ली में उनके सार्वजनिक नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया था।
इस समारोह में केन्द्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कांग्रेस नेतृत्व वाली तत्कालीन यूपीए सरकार का केन्द्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर भी मंच पर उपस्थित था।
उस मंच से नार्वे के राजकुमार के स्वागत में भाषण देते समय मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि... हम तो भिक्षुक परम्परा वाले देश हैं, मुझे पूरी उम्मीद है कि हम जब आपके सामने अपना कटोरा आगे करेंगे तो आप उसमें कुछ ना कुछ अवश्य डालेंगे।
मणिशंकर अय्यर की इस करतूत से प्रत्येक स्वाभिमानी भारतीय नागरिक बुरी तरह आहत और अपमानित हुआ था, क्रोध से उसका रक्त उबल गया था। लेकिन भारतीयों के मान-सम्मान, स्वाभिमान के साथ जघन्य बलात्कार करती उसकी उपरोक्त टिप्पणी के बावजूद तत्कालीन यूपीए सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की थी और मंत्रिमंडल में उसका स्थान ज्यों का त्यों बना रहा था।
अतः सार्वजनिक मंचों पर अन्तर्राष्ट्रीय अतिथियों के समक्ष भारत को भिखारियों की परम्परा वाला भिखारी देश बताने वाली संस्कृति से संक्रमित कांग्रेस आज भारत द्वारा ट्रंप के भव्य स्वागत की नीति से तिलमिला बिलबिला रही है तो आश्चर्य क्यों..? क्योंकि उसके अनुसार भारत तो भिखारियों की परम्परा वाला भिखारी देश है जिसे अतिथि स्वागत की वैभवशाली परम्परा का प्रदर्शन करने का कोई अधिकार नहीं है। इसीलिए भारत को भिखारियों का देश मानने वाली कांग्रेस का ट्रंप की यात्रा पर विषवमन मुझे चौंका नहीं रहा।
"ठाकुर की कलम से"🙏🚩🙏
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