#सिद्ध_करो_बुध्द_थें.............
या स्वीकार करो कि #त्रिपिटक_काल्पनिक_ग्रंथ है...
(1). एक समय पर दो तरह के इंसान कैसे हो सकते हैं?
एक लंबे कान वाला,लंबे नाक वाला अफ्रीकी नश्ल के घुघराले बाल वाला और एक भारतीय नश्ल का सामान्य मनुष्य...वर्तमान में बुद्ध की मूर्ति अर्थात उनके सिर पर घुंघराले बाल जो यूथोपीय देश की नस्ल की पहचान है|
(2). हाथी के संभोग से बुध्द की मां कैसै गर्भवती हो सकती है?हो सकती है तो साबित करो? नही तो मान लो वंशहिन..
(3). पराई स्त्री सुजाता के हाथों खीर पिने से कोई बुध्दत्व को कैसै प्राप्त हो सकता है?जबकी यशोधरा उसकी खुद की बीबी से नही!
आखिर क्यो?
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(4).मनुष्य पक्षी की तरह कैसे उड़ सकता है? अपने पिता की मृत्यु के बाद बुध्द कुशीनगर से कपिलवस्तु उड़कर कैसे गये?|
-जातक कथा(तिपिटक)|
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(5). किसी मनुष्य को खीर पीने से ज्ञान मिलता हो अभी तक किसी भी वैज्ञानिक ने ऐसी कोई औषधि भी तैयार नहीं की है|
जबकी बुध्द को ज्ञान खीर सेवन से हुआ|
(6). बौध्द भिच्छुओ के छू लेने से भिच्छुणियां गर्भवती कैसे हो सकती है?
हाथी और माहामाया के संभोग करने से बुध्द जैसा अंतरंगी मनुष्य कैसे पैदा हो सकता है??
अगर संभव है तो साबित करो...
(7). 8000 साल पुरानी सिंध लिपि को कोई पढ़ नहीं सका।
तो बौध्दों को सिंधु सभ्यता मे बुध्द सभ्यता कैसे नजर आता है?
(8). जब बौध्द ग्रंथ तिपिटक मे राम का जिक्र है अयोध्या का जिक्र है तो बुध्द पहले कैसे पैदा हो गया?
पुरातत्व विभाग की तरफ से एक भी प्रमाण हो तो बताओ कि बुद्ध नाम का काल्पनिक ब्यक्ति चन्द्रगुप्त के समय था भी?
जबकी चन्द्रगुप्त के समय मे लिखी गई इंडिका मे कृष्ण,शिव व राम का जिक्र है|
(9). जब बुध्द पैदा हुआ था तो पैदा होते ही सात कदम पैदल चला था.....
कोई बच्चा पैदा होते चलता है क्या?
चलता हो तो साबित करके दिखाओ?
(10). बौध्द ग्रंथो मे बुध्द खुद को ब्राह्मण कहता है|
(कायेन मनसा वाचाय नत्थि दुक्कतं,
संबुतं तीहि ठानेही अहम जातिया ब्राह्रणं,,
काया मन वाणी से कोई दुस्कृत नहीं किया|
जिसका तीनों कर्म फल सुरक्षित है उसी ब्राह्मण जाति से हूं|
साबित करो बुध्द सही या बौध्द ग्रंथ?
(11).बुद्ध बौद्ध ग्रंथों में खुद को आर्य जाति(युरेशियाई) भी बताता है आखिर बुद्ध काल्पनिक है या बौद्ध ग्रंथ यदि बौद्ध ग्रंथ काल्पनिक है तो बुद्ध भी काल्पनिक सिद्ध हो जाएंगे क्योंकि बिना बौद्ध ग्रंथ के बुद्ध की फिलॉस्फी शून्य हो जाएगी!
ययोहं भगिनि! अरियाय जातिया जातो,
नाभिजानामि सच्चिच्च पाण जीविता वोरोपेता।
तेन सच्चेन सोत्थि ते होतु सोत्थि गबभस्साती।
दैनिक सुत्तपठन / पृष्ट स.
अर्थात - बुद्ध ने कहा ,.... बहिन ! जब से मैने आर्य जाति में जन्म लिया है तब से मैं जानबूझकर जीव् हिंसा करने की बात नही जनता । उस सत्य वचन से तेरा कल्याण हो और तेरे गर्भ का भी कल्याण हो
(12). बुद्ध की पहली मूर्ति कनिष्क काल 76 ईसवी में बनाई गई अशोक घोष नामक ब्राह्मण के द्वारा जो कनिष्क राजकवि था। तार्किक प्रश्न यह उठता है कि जब बुद्ध की मूर्ति ईसबी के बाद बनाई गई तो सिंधु सभ्यता से उनका क्या संबंध है जबकि वह 8000 साल पुरानी है आपको तय करना है बुद्ध काल्पनिक है या बौध्द ग्रंथ या फिर कनिष्क का इतिहास?
(13).बौद्ध ब्रह्मा और इंद्र के अस्तित्व को नकारते है तो जो तीन सीढियो की सहायता से ही बुध्द स्वर्ग से धरती पर उतार देते है।
बुद्ध स्वर्ग में ब्रह्मा और इंद्र के पास क्या करने गए थे ?,,
बुद्ध अपनी माँ को स्वर्ग में धम्मोपदेश देने गए थे ,, तो वहां पर बुद्ध की अम्मा क्या कर रही थी?
वहां पर कैसे पहुंची यह कथा तो बहुत धन ग्रंथ त्रिपिटक में ही लिखा है हम आप तय करें बुद्ध काल्पनिक है या बौद्ध ग्रंथ? यदि बौद्ध ग्रंथ काल्पनिक है तो बुद्ध का अस्तित्व शून्य हो जाएगा!
क्योंकि सारी फिलॉस्फी बुद्ध की बहुत द ग्रंथों पर ही निर्भर है|
(14). बौध्द जातक कथा दशरथ जातक के अंत में भी बुद्ध कहता हैं कि पूर्वजन्म में वे ही राम थे और देवदत्त रावण था।
मतलब राम काल्पनिक है,
बुध्द वास्तविक कैसै?
(15). अपने भाई देवदत्त को बुध्द सुधार नही सका तो उसके बकलोल चेले उसे अंगुलीमाल को सुधारने की उपाधि कैसे देते है?
सवाल और भी बहुत है....
किसी ने सही कहा है यह बुद्ध नाम की कॉल पर बीमारी यूनान के देवता( BODDO) की है यही सही इतिहास कहा था पोंगा वामपंथी बौद्ध भंते ने वहीं से इस बीमारी को इंपोर्ट किया! काल्पनिक बुद्ध का अस्तित्व बकलोल (भंते) के ज्ञान पर नही, भीमटों की अज्ञानता पर टिका हुआ है!
जिस दिन सनातनी भारतीय अपने विवेक, सोच और तर्क के आधार पर वेद को फॉलो करने लगेगा - अपनी तार्किक शक्ति एवं विवेक का उपयोग करना शुरू कर देंगे, उस दिन इन पोंगा भंते के द्वारा काल्पनिक गप्प कथाओं के द्वारा निर्मित किये गए यूनानी बोडो अर्थात बुद्ध धरासायी हो जाएंगे|
ये भी बौधिक आतंकवादी है
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