दिल्ली के चुनाव परिणाम के प्रभाव व परिणाम ।

दिल्ली के चुनाव परिणाम के प्रभाव व परिणाम ।

दिल्ली के चुनाव के दो ही परिणाम होगें , या तो कजेरीवाल के नेतृत्व में सरकार बनेगी या भाजपा की सरकार बनेगी ।

अगर दिल्ली मे भाजपा हारती है तो आने वाले दो महीने के अन्दर पूरे देश मे छः स्थानों पर मुसलमानों की 80 से 90 लाख की संख्या मे रैलियां होगी ।

अगर दिल्ली मे भाजपा जीतती है तो दिल्ली की आबादी से एक महिने मे 10 से 15 लाख धुसपैठियै स्वयं भाग जायेंगे ।

मेरा ये सब कहने का पुख्ता आधार है अगर वर्तमान मे घट रही घटनाओं को ध्यानपूर्वक जोडकर देखेंगे तो आप भी भली प्रकार समझ सकते है ।

आज संसद भवन मे काग्रेंस के सासंदों द्बारा केन्द्रीय मंत्री हषर्वर्धन की मोबलिचिगं का प्रयास भी उसी श्रृंखला का एक छोटासा हिस्सा है ।

आपको ध्यान होगा तीन चार दिन पहले राहुल ने एक सभा मे बयान दिया था कि आने वाले कुछ महीनों मे देश का युवा नरेन्द्र मोदी को डँडो से मारेगा । यह बयान केवल बयान नहीं है यह उस तैयारी की झलक है जो अन्दर खाने चल रही है ।

कल 06/02/2020 को कांग्रेस के नेता उदिताराज का PFI के लोगों के निरन्तर संपर्क मे रहने का खुलासा हुआ है , आम आदमी party का राज्यसभा सांसद भी निरन्तर PFI के समर्पक मे है । मणिशंकर अय्यर इसी कार्यक्रम कि तैयारी के लिए पिछले दिनों पाकिस्तान गया था तथा वहाँ से लौटते ही अगले ही दिन शाहिनबाग गया था , उसके दो दिन बाद दिग्विजय सिहँ भी वहाँ गया था उसके दो दिन बाद शशि थरूर भी शाहिनबाग गया था ।

इस सबके बाद पाकिस्तान के एक मंत्री का दिल्ली के मुसलमानों को दिल्ली मे भाजपा को हराने की अपील ट्विटर के माध्यम से जारी करता है ।

26 जनवरी के दिन को दिल्ली मे देशभर के लगभग तीन करोड़ मुसलमानों को जुटाने की तैयारियां हो चुकी थी परंतु बाद मे दिल्ली चुनाव को देखते हुए योजना मे बदलाव कर दिया गया । बदलाव ये हुआ है कि, अगर दिल्ली मे भाजपा हार जाती है तो अब ये बडी बडी छः मुस्लिम रैलियां पूरे देश मे की जायेगी जिन मे लगभग एक एक करोड़ की संख्या मे मुसलमानों को लाने की योजना पर काम हो रहा है ।

और अगर दिल्ली मे भाजपा जीत जाती है तो ये रैलियां उत्तर और मध्य भारत मे नहीं हो पायेगी , तब ये रैलियां केवल दो स्थानों पर होगी । एक कलकत्ता मे और एक हैदराबाद में ।

दिल्ली का चुनाव केवल दिल्ली की जनता पर प्रभाव नहीं डालेगा अपितु पूरे देश की सुरक्षा व राजनीति पर इसका गहरा प्रभाव पडने वाला है ।

दोनों विचारधारों की अपनी अपनी तैयारियां है जिसकी झलक भी संसद भवन मे मोदी के उस बयान से मिल जाती है जब वो राहुल गाँधी के प्रघानमंत्री को देश के युवाओं के द्वारा डँडो से मारने वाले बयान के जबाव मे दिया गया । बयान ये था कि डँडै खाने की क्षमता पैदा करने के लिए वो ओर अधिक सूर्यनमस्कार करेगें ।

उनके बयान का साफ साफ अर्थ है अगर दिल्ली मे भाजपा जीतती है तो वो ओर अधिक तेजी से CAA जसै कानून संसद मे लेकर आयेगे और अगर हारती है तो NRC ,comman civil code , जनसंख्या नियंत्रण आदि बिल ठँडें बस्तै में | 

इसीलिए दिल्ली सोच समझकर फैसला ले उसके फैसलै का दुरगामी प्रभाव पूरे भारत पर पडने वाला है ।

इसलिए सिर्फ और सिर्फ बीजेपी को वोट दे और मोदी जी को शक्ती दे |

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