हमने अपने बच्चों को करबला की कहानियाँ नहीं सुनाई हैं सौहार्द हमारे खून में है नहीं तो दुनिया भर के समुदाय भारत में आकर बसे हैं

हमने अपने बच्चों को करबला की कहानियाँ नहीं सुनाई हैं 
सौहार्द हमारे खून में है 
नहीं तो दुनिया भर के समुदाय भारत में आकर बसे हैं 

भारतीयों की तरह ही स्वीकार किया है उनको आज तक 
और बो कहते हैं 
किसी के बाप का हिंदुस्तान थोडी है 

हमने जीवन भर युद्ध देखे हैं 
पर कभी हमारे खून में क्रूरता नहीं आयी 

हम भी अपने बच्चों को करबला सिखाते सिवाय हिंदू के हर कोई हमारे लिये काफिर या मलेच्छ होता 

नसों में ग्लूकोज की जगह जहर भरते तो ये बच्चे आज पत्थर फेंक रहे होते इन्ही पुलिस बालों पर

दिल्ली पुलिस जितना सहन कर रही है 
उनके मुँह पर उनकों औरतें दलाल बोल रहीं हैं 
गले में तिरंगा लगाकर नारा ए तकबीर लगा रहीं है 

दिल्ली पुलिस द्ल्ली पुलिस हिजडा बोला जा रहा है 
फिर भी इन्होने अपना आपा नहीं खोया 

सलाम है दिल्ली पुलिस को

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