गांधी खानदान और उनकी गरीबी मिटाने का संकल्प

आज जो कांग्रेसी नेता टीवी पर बैठकर #लोकतंत्र की दुहाई देते हैं ना,,,
आप यह जानकर चौक जाएंगे 1980 में #उत्तर_प्रदेश में #जनता_पार्टी की सरकार थी ।
और 
#बाबू_बनारसी_दास #मुख्यमंत्री थे ।
लेकिन 
उनकी सरकार को सिर्फ इसलिए बर्खास्त कर दिया था क्योंकि #कुशीनगर जिले के कप्तानगंज के पास नारायणपुर कस्बे में एक #ट्रैक्टर ट्राली से एक व्यक्ति का निधन हो गया था और इतिहास में या घटना #नारायणपुर_कांड के नाम से जानी जाती है।

लेकिन इस घटना का एक दूसरा पहलू भी है जो बड़ा जोरदार है।

आजकल आप #प्रियंका_गांधी को जगह-जगह #दंगाइयों के घर जाकर घायल दंगाइयों के सर पर हाथ फिराते देखते होंगे।

ठीक ऐसी ही धूर्तता इंदिरा गांधी भी करती थी ।
क्योंकि 
उस समय इंदिरा गांधी सत्ता से बाहर हो चुकी थी तो उन्हें जैसे ही पता चला कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के दूरदराज इलाके में एक व्यक्ति की ट्रैक्टर से कुचल कर मौत हो गई है और उसकी बेटी अनाथ हो गई है तब वह तुरंत भागकर नारायणपुर गई और उस लड़की जिसका नाम #सोनकलिया था उसे गोद में लिया और मीडिया के सामने ऐलान किया मैं इस बेटी को गोद लेती हूं आज से यह मेरी बेटी है इसकी पढ़ाई लिखाई की जिम्मेदारी मेरी है।

इंदिरा गांधी का शह पाकर गांव वाले उत्तर प्रदेश की #जनता_पार्टी सरकार के खिलाफ बगावत पर उतर आए और जगह-जगह चक्का जाम कर दिया दंगा कर दिया पीएसी को गोली चलानी पड़ी और जनता पार्टी की सरकार यानी बाबू बनारसी दास बर्खास्त हो गई।

इतना ही नहीं इंदिरा गांधी उस सोनकलिया को अपने साथ जहाज में लेकर दिल्ली आई। दिल्ली में उन्होंने सोनकलियां को गोद में लेकर दुलारा पुचकारा और ऐलान किया कि यह मेरी गोद ली हुई बेटी है और अब यह इसकी पूरी जिम्मेदारी मेरी है मैं इसे विदेश में पढ़ाऊंगी.. 
फलाना करूंगी,
ढिकाना करूंगी।

शाम को एक व्यक्ति सोनकलिया को जहाज में बिठाकर वापस उसके गांव में छोड़कर चला गया।

आज इंदिरा इंदिरा गांधी की गोद ली हुई बेटी सोनकलिया #भीख मांग कर गुजारा करती है।

जिसको शक हो वो गूगल पर सर्च कर ले । जिसमें इंदिरा गांधी की उस गोद ली हुई बेटी की बदहाली लिखी हुई है वह एक झोपड़ी में रहती है और भीख मांग कर गुजारा करती है।

इसीलिए मैं हमेशा से मानता आया  हूं कि यह धूर्त खानदान बहुत बड़ा #नौटंकीबाज है.. ।
सत्ता के लिए यह दोगले कुछ भी कर सकते हैं यहां तक कि आप के तलवे भी चाटने लगेंगे।

इस खानदान ने आज तक नौटंकी करने के अलावा कुछ नहीं किया है ।
ये हमेशा ग्लिसरीन लेकर घूमते हैं और जहां जरूरत पड़ती है आंखों में ग्लिसरीन लगाकर धूर्त भेड़ियों की तरह रोने लगते हैं। क्योंकि इन्होंने भारत की जनता की कमजोरी जान ली है कि भारत की जनता बहुत #भावुक होती है वह भावनाओं में बह जाती है।

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