दीपिका को छपाछप खेलने दो अब ज्वलंत मुद्दों पर आते हैं!
बहुत से हिंदुस्तानी समाचार चैनल ईरान अमेरिका युद्ध में भारत को अहम भूमिका निभाने के बारे में समाचार प्रसारित कर रहे हैं।
पर सनद रहे यह अमेरिका का भारत को फाँसने का एक हनी ट्रैप है। भारत को सिर्फ अपने हित देखने चाहिए। हमें सऊदी और इस्राइल को नाराज किये बिना ईरान से अपने रिश्ते बनाये रखने चाहिए। अगर भारत को ईरान या USA में से एक को चुनना हो तो भारत को ईरान का साथ देना चाहिए जो आगे चलकर चीन और पाकिस्तान को स्ट्रैट ऑफ़ हरमौज़ में घेरने के काम आएगा जबकि USA नें पिछले 60 वर्षों में हमारी खिलाफत करके भी हमारा क्या बिगाड़ लिया जो आगे बिगाड़ लेगा? हम अगर खुलकर भी ईरान के पक्ष में आ जाये तो भी हमें ज्यादा नुकसान नहीं हो सकता जबकि अगर चीन ईरान के पक्ष में चल गया तो भारत को पाकिस्तान की तरह हमेशा के लिए अमेरिका का पिछलग्गू बनना पड़ेगा।
भारत की डिफेंस की जरूरत फिलहाल रूस पूरी कर देगा जो आगे चलकर भारत को रक्षा उद्योग में स्वालम्बी बना देगा।
इधर मोदी ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों का आगाज कर आने वाले समय में CAD का स्थायी इलाज तो ढूंढ ही लिया है।
बस सिर्फ मोदी जी के लिए अंदुरुनी टुकड़े गैंग से निबटने की चुनौती है। शांतिप्रिय समुदाय और टुकड़े गैंग को भगवान सद्बुद्धि दे या ठिकाने लगाएं।
"ठाकुर की कलम से"
Comments
Post a Comment