"वे आपके भावनाओं से खेल रहे हैं क्योंकि वो मनोविज्ञान में पारंगत है"
मित्रों!
मनोवैज्ञानिक खेल से सावधान रहिये", भावनाओं में बहकर देश के भविष्य को गर्त में न धकेलें🙏
👉उन्हें जब यूरोप के द्वार खुलवाने थे तब उन्होंने “समुंदर के किनारे एक बच्चे की लाश की फ़ोटो को वायरल किया” और यूरोप की जनता ने अपनी ही सरकारों पर दबाब बना कर यूरोप के दरवाजे खुलवा दिए जबकि उसी समय साऊदी अरब ने अपनी सीमाएं सील कर दी थी।
👉जब उन्हें रोहिंग्या आपके देश में घुसेड़ने थे तब “गर्भवती औरतों के फोटो वायरल किये” और उसकी बदौलत रोहिंग्या जिन्हें अपने ही देश से भगा दिया गया आपके देश में कश्मीर से कन्याकुमारी तक फैल गए।
😠 वो कश्मीरी पंडितों और उनके बच्चों के फोटो वायरल नहीं करेंगे
😠 ध्यान रखिये वो कभी भी तालिबान के खिलाफ नहीं होंगे.
😠 वो कभी ISIS के खिलाफ नहीं होंगे.
👉 वो धरने प्रदर्शन तब करेंगे जब अमेरिका लादेन को मारेगा।
👉 वो 26/11 के बाद कोई राष्ट्रीय मुहिम नहीं चलाएंगे।
इस बार भी उन्होंने यही किया
आपके जब 45 मारे तो वो खामोश थे और आपकी प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे थे और आपकी ताकत जांच रहे थे
जैसे ही ताकत दिखाई वो अपने प्रोपेगेंडा पर आ गए!
🙏 समझिए उनके कुचक्र को वो सिर्फ युद्ध के मैदान में नहीं लड़ते उनके सिपाही हर जगह हैं अपने अपने तरीके से युद्ध लड़ने के लिए!
👉 जब वो जीत रहे होंगे तो कोई मानवाधिकार पोस्ट वायरल नहीं होगी पर वो जब हार रहे होंगे तो हमेशा रोती गिड़गिड़ाती फ़ोटो और विडियो आपके सामने लाये जाएंगे!
आपकी भावनाएं ही उनके हथियार हैं!
ध्यान रखिये वो एक लक्ष्य को लेकर चल रहे हैं आपको बार बार जीतना होगा पृथ्वीराज की तरह, पर उन्हें सिर्फ एक बार जीतना होगा मोहम्मद गौरी की तरह.
🙄😳सतर्क रहें सावधान रहें और एक योद्धा की तरह अपने मन को अपने वश में रखिये क्योंकि आपका भावनाओं में बहना राष्ट्र के भविष्य के लिए भयावह सिद्ध होगा।
"ठाकुर की कलम से"
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