सरजील_इमाम#जिहादियों_का_अरमान .....

#सरजील_इमाम
#जिहादियों_का_अरमान .....

सरजील का खुलासा तो आज हो रहा है ...लेकिन ISI का सपना तो मैंने दिल्ली से छपने वाले "आर्य जगत" नाम के साप्ताहिक पत्र में शायद 1999 या 2000 में ही पढ़ लिया था।
शायद बलराज मधोक जी का लेख था ...

फिर एक बार पांचजन्य में और अंतिम बार ...26/11मुम्बई हमले के बाद ..तीसरे दिन शहीद हेमन्त करकरे के भाई प्रकाश करकरे का लेख "दैनिक भास्कर" में पढ़ा था ...

उन लेखों में यही बताया गया था की ...कैसे पाकिस्तान और सऊदी के फंड से ...सब तरफ बड़ी मस्जिदों का निर्माण किया जाए ...और महत्वपूर्ण मार्ग अवैध निर्माणों से संकरे किये जाएं ...फल सब्जी के ठेले और खोमचे वाले सिर्फ खरीद बिक्री नहीं करेंगे बल्कि दंगों की स्थिति में हिंदू इलाकों की सूचनाएं भी रखेंगे ...समय पड़ने पर ठेले अड़ाकर मार्ग अवरुद्ध करेंगे ...मस्जिदों का निर्माण शहर के चारों कोनों में और मध्य में भी होगा ...जिससे दंगों के समय हिंदुओं को चारों ओर से घेरकर मारा जा सके ...

जितने भी मुख्य मार्ग हैं ..रेलवे स्टेशन हैं उनके साथ झोपड़पट्टी में मुस्लिम बसे हैं वो एक आदेश पर पूरे रेल मार्ग को ध्वस्त कर देंगे ...महत्वपूर्ण पुल हैं ...उनके किनारे से लग कर ही बड़ी बड़ी मजारे बनेगी जहाँ मूर्ख हिंदू फंसाये भी जाएंगे और पैसे भी चढ़ाएंगे ...फिर क्रमशः जब इन सभी जगहों पर हथियार भर दिये जायेंगे ...तो पाकिस्तान चीन और दूसरे देशों की सहायता से हमला कर के सारे पुल और महत्वपूर्ण मार्ग उड़ा देगा ..भारत की सेना में स्लीपर सेल भरने का काम ...88-90 से ही चल रहा है ...

90 से 2013 तक अगर वाजपेयी जी का काल छोड़ दिया जाए तो सड़कें नहीं बनीं न पुल बने ...यूपीए ने सड़क परिवहन की स्थिति खराब बनाए रखी और पुलिस तथा सेना में घुसपैठियों को जासूसों और स्लीपर सेल को भरकर रखा ...तथा रोज नए नए तरीकों से सेना और अन्य सुरक्षा बलों को कमजोर करते गए ....नए नए तरीकों से रोज बांग्लादेशियों रोहिंग्या को घुसाते रहे..

मोदी जी की सरकार ने इनके एक ही नहीं सारे सपनो तोड़ दिया है..मार्गों का नवीनीकरण और 4 6 8 लाइन बनना ..एयरपोर्ट बनाना ..सब हिन्दू समाज की सुरक्षा के लिये ही है ...अगर कोई समझे ...

अभी ताजा मामले में सिर्फ असम ऐसी जगह है जहां घुसपैठियों की संख्या बहुत अधिक है ...और सरजील ने ऊपर का फार्मूला वहीं आजमाने की बात कही है ...बात इतनी सी नहीं है कि चिकन नेक काट दी जाए सैन्य सहायता न पहुंचे ..बात इतनी है कि उनकी वहां तैयारी पूरी है और कम से कम 500 जगह ऐसी हैं जहां पाकिस्तान आज भी पूरी तरह जी रहा है ...वो कभी हिंदुओं की हालत सीमापार वाली कर सकता है ...इसलिए जागरूक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर क्या कर सकते हैं ...वो करिये।

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