"युद्ध के आयाम" [हनुमान जी प्वांइट आफ व्यू]

"युद्ध के आयाम" 
[हनुमान जी प्वांइट आफ व्यू]
हनुमान जी लंका केवल सीता माता का पता लगाने के लिए नहीं गये थे, उनकी लंका की ट्रिप एक पावर एनालिसिस थी।
बिल्कुल रिसर्च & एनालिसिस विंग की तर्ज पर तत्कालीन मोसाद की तर्ज पर...

श्री राम और सुग्रीव ने हनुमान जी को बस पता लगाने के लिए भेजा था की सीता माता कहाँ हैं...परंतु हनुमान जी ने लंका जाकर "श्री राम" का ट्रेलर दिखाया...

लंका वासियों को समझा दिया की देख लो निसाचरों जिसका दूत इतना दमदार है वो स्वयं कितना दमदार होगा...

ख़ैर हनुमान जी जब सीता माता से मिले तो उनसे बोले माता मुझमें इतना साहस है की मैं आप को यहां से उठा कर स्वामी के पास ले जा सकता हूँ, परंतु मुझे ये करने की अनुमति नहीं है...

इस प्रसंग को तुलसी दास ने अपने शब्दों में कहा है...

अबहिं मातु मै जाऊं लवाई,
प्रभु आयसु नहि राम दोहाई !!
कछुक दिवस जननी धरु धीरा,कपिन्ह सहित अइहहिं रघुबीरा !!

हनुमान जी ने अशोक वाटिका में केवल निसाचरों को ही नही मारा...रावण को अपनी शक्ति दिखलाई अपितु एक ऐसा काम किया जिसने आने वाले समय के लिए लंका को "राक्षस विहीन" कर दिया...!

विज्ञान इस बात को प्रमाणित करता है की एक स्तर के बाद कोई भी ध्वनि विध्वंसक हो जाती है आप ने भी सुनी होगी, मधुमेह रक्त-चाप के मरीज या गर्भवती महिला अगर "हाई बीप" लगातार सुनते हैं बोले तो एक बूम बूम वाला डीजे तो उनकी मौत भी हो सकती है...?

हनुमान ठहरे ज्ञानिनामग्रगण्यम जटिल वैज्ञानिक वो ये बात जानते थे, लंका से विदा समय वो एक स्थान पर पर्वताकार "कनक भूधराकार शरीरा" रूप बनाकर खड़े हो गये मुट्ठी बंद की सांस अंदर की और अपने चेहरे को आसमान की ओर किया...और एक तेज गर्जना कर चिल्ला उठे...और उस ध्वनि मे बस तीन शब्द थे "जय श्री राम" अब इस तीव्र ध्वनि का आयाम यह हुआ की लंका मे जितनी भी रक्षनियां यानी की निसिचरियां गर्भवती थी उनका गर्भ गिर गया...आज की भाषा में कहें तो "आटो अबार्सन" हो गया...हनुमान जी ने पैदा होने वाले शत्रुओं को भी मार दिया...इस प्रसंग का वर्णन करते हुए बाबा तुलसी दास जी कहते हैं कि...चलत महाधुनि गर्जेसि भारी,गर्भ स्त्रवहिं सुनि निसिचर नारी !!
कहने का मतलब यह है की जब युद्ध हो अथवा शत्रु खुलकर सामने हो आप के आँगन में तांडव हो रहा हो, आप की भूमि संपत्ति को क्षति पहुंचाई जा रही हो तो वहां भावुकता का स्थान नहीं होता, शत्रु सिर्फ शत्रु होता है वह बूढ़ा बच्चा महिला गर्भवती कुछ नहीं सिर्फ शत्रु होता है...

अभिमन्यु बच्चा था बालक था लेकिन जब बात युद्ध के नजरिए से होगी तो जो युद्ध में है जो रणभूमि में है वह हर प्रकार से मारने/वध करने हत्या करने योग्य है...

मुगलों के हरम की पैदाइश "गजवा-ए-हिंद के लिए नंगा नाच कर रहें हैं
ऐसी अवस्था में भावुकता सबसे बड़ा शत्रु है...समझदार बनिए...

जय जय श्री राम...!!!

"ठाकुर की कलम से"

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