"फिरंगन नैरेटिव सेट करने में लगी है सावधान रहे"

"फिरंगन नैरेटिव सेट करने में लगी है सावधान रहे"

पुलवामा को लेकर 136 साल पुराने विषैले वृक्ष सहित उसकी छांव मे पलती देश विरोधी ताकते एक बार फिर बहुत ही घिनौने नैरेटिव को सेट करने मे जुटी हैं....

इस बहाने एक तो वो पाकिस्तान को न केवल क्लीन चिट दे रही है बल्कि देश की अखंडता पर चोट करने के लिये घात लगा कर बैठी विधर्मी शक्तियों के मनोबल को बढ़ाते हुये उन्हे उकसा रही है......

कुर्सी के लिये कलपती विदेशी नगर वधू अब खुल कर बेहद गंदा और बेहद खतरनाक खेलने पर उतर चुकी है..!!

देश की जागरूक हो चुकी जनता ने लोकसभा चुनाव के दौरान ही पुलवामा को लेकर फैलाई गई इस फिरंगन की साजिशों को समझ लिया था...और फिरंगन को उसकी असल औकात उसी समय कायदे से बता भी दिया था........!!

बस दोबारा लगी उसी चोट से अहंकारी मैडम फिरंगन तिलमिला कर अब लगभग विक्षिप्त हो चुकी है...उसके मुंह से अब बोल नही फूट रहें हैं बल्कि जहरीला झाग निकल रहा है.....पागल हो चुकी है..इसीलिये बार बार फन पटक पटक कर अपने गुस्से का इजहार कर रही है.. बस किसी तरह वेटीकन, पाकिस्तान और चीन से ली गई भारत विरोध की सुपारी का काम पूरा कर देना ही उसका उद्देश्य है.... !

बेहद मायावी, शातिर और छल छंद मे माहिर है इ पायलट बाबू की फिरंगन बहुरिया....अब एक बार फिर से मोदी सरकार को देश और दुनियाँ मे बदनाम करने के लिये पुलवामा को लेकर क्विन्ट,वायर जैसे झूठे समाचार पोर्टलों,भांड़ो की तरह बेसुरे राग पर मुजरा करने वाली देसी मीडिया, डालर और दीनार के दम पर जिंदा दीमक जैसे तमाम NGO's और क्रास व मजहबी कटोरे के भरोसे अपने जिस झूठे एजेंड़े को परोस कर देश की जनता को मोदी के विरोध में बहका कर खड़ा करना चाहती है वो बार बाला के लिये मुंगेरीलाल के सपने की तरह ही साबित होने वाला है......इससे उसे कोई लाभ नही होने वाला....

हां अपनी लगाई इस आग में वो और उसकी सल्तनत के गुलाम और चाटुकार जमूरे जरूर जल कर खाक हो जायेंगे.....

अब पता नही क्यों जनता का मिजाज सफेद चमड़ी नही समझ पा रही है....वो क्यों नही जान पा रही है कि उसकी पोल खुल चुकी है. इतने के बाद भी जाने किस गलतफहमी मे वो कुर्सी पाने का सपना देख रही है....खैर......??

हिन्दुस्तान के होते विकास को देख कर जल भुन कर काली पड़ चुकी बाटला हाऊस पर रोने वाली  सफेद चमड़ी वाली फिरंगन की बेहयाई देख कर तो शायद अब खुद बेशर्मी भी शर्म से गड़ जाती होगी......तुष्टीकरण की हद पार करने के लिये सफेद लोमड़ी ने रोबोट के शासन मे न केवल हिंदुओं को आतंकी साबित करके इस्लामी आतंकवाद को कवर फायर देने के लिये 26/11 का हमला करवाने का षडयंत्र रचा था.............बल्कि एक कदम आगे बढ़ कर सांप्रदायिक हिंसा कानून लाने का प्रयास करके साफ कर दिया था कि इस मुलमुलाती आँखों वाली मैखाने की नचनिया हिंदुओं से कितनी नफरत करती है....

बाकी याद करिये कि इसी नागिन ने कर्नल पुरोहित,साध्वी और असीमानंद को कैसे फंसाया था....कैसे मालेगांव और समझौता एक्सप्रेस की साजिश रच कर राष्ट्रवाद की लड़ाई लड़ रहे योद्धाओं को फंसाया था....

कैसे सोहराबुद्दीन और इशरत जहां जैसे आत्मघाती इस्लामी आतंकियो को निर्दोष साबित करने के लिये देश की कानून, व्यवस्था और न्यायतंत्र पर हमले किया था...
कैसे जालीदार टोपी वाले मोमिनो के गोधरा मे किये गये कुकर्म को बिसरा दिया था....
कैसे 2002 के गुजरात दंगों मे मोदी और अमित शाह को फांसने के लिये अपनी पूरी ताकत झोंक दिया था....!!

आज फिर पुलवामा पर झूठा बोल कर हुतात्माओं के परिवार की भावना से खेलने वाला पाप करने वाली इस बेहद खतरनाक और जहरीली नागिन के त्रिया चरित्र के बारे मे जो बताया वो बहुत है या 1979,1984 और 1991 मे जिस पापी साजिश को उसने असली जामा पहनाया था...उसके बारे मे भी कुछ बताऊं??

दरअसल पिछले छ: साल से जब जब देश हित में मोदी की राष्ट्रवादी सरकार कोई अच्छा कदम उठाती रही है,तब तब देशद्रोही और गद्दारों का कबीला  उसके विरोध में उतर कर वेवा विलाप करने लगता हैं...अफवाह फैला कर बहकाने लगता है...अब एक बार फिर से पुलवामा के बहाने मरती हुयी गुलाबो और मैमूना की संक्रमित पार्टी वही झूठ फैला कर उकसाने का काम कर रही है....!!

बहरहाल आज हमारी भी जिम्मेदारी बन चुकी है कि हम सरकार के समर्थन में मन, वचन और कर्म से खड़े रहें...
देश के हर हिन्दू और प्रत्येक राष्ट्रवादियों से अनुरोध है वो खुलकर सरकार का समर्थन करें...
यह राष्ट्र हमारा है...तब तो राष्ट्र की अखंडता और अस्मिता के चौकीदार और पहरेदार हम ही हैं कि नहीं...???

हमेशा अचेतन मे भी याद रखियेगा.....जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरियसी........!!
नमस्ते सदावत्सले मातृभूमे.......!!!

....क्योंकि भारतवर्ष की धरती किसी और के लिये भूमि का टुकड़ा हो सकती है लेकिन हमारे लिये तो हमारा राष्ट्र...भूमि का टुकड़ा नही वरन मां समान है...जिसके आंचल मे हमे मां के आंचल की छांव मिलती है..... !!
 
#वन्देमातरम्

"ठाकुर की कलम से"

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