वो भी क्या दिन थे

वो भी क्या दिन थे 

जब इस देश में आतंकी जब चाहे घुसकर, कभी भी, कहीं भी धमाके कर जाते थे... निर्दोष मासूमों को मार जाते थे.. तबकी 'शांतिदूत सरकार' केवल कड़ी निंदा करके ही काम चला लेती थी.. ग़ुलामों की अम्मी आतंकियों के मरने पर आँसू बहाया करती थी.. गुलाम भी आतंकियों को जी, साहब, श्री करके अदब से, सम्मान से बुलाया करते थे..
अब देखो ई मोदिया को.. आतंकियों ने डर के मारे, गहरी नींद में सो रहे हमारे सैनिकों पर अंधेरी रात में चुपचाप हमला कर दिया.. सैनिक शहीद हो गए..

'कड़ी निंदा' से काम चलाने वाले गुलाम, उनकी अम्मी और उसका मंदबुद्धि बेटा सबके सब 56 इंच की छाती को इंची टेप लेकर नापने लगे..
फिर क्या था एक दिन सेना ने बताया हमने उरी हमले के बदला ले लिया है.. पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक करके आये हैं और उसी अंदाज़ में मारकर आए हैं जिस अंदाज़ में वो हमारे सैनिकों को मारकर गए थे...
ग़ुलामों की अम्मी, उसके मंदबुद्धि बेटे, सारे ग़ुलामों और उनके तलवे चाटने वालों की नींद उड़ गई, होश फ़ाख्ता हो गए कि ये क्या हो गया... बंगाल में बैठी भूतनी, दिल्ली में बैठा चुतिया मुख्यमंत्री सबके सब सबूत माँगने लगे..
उनके लिए तो ऐसा सोच पाना भी मुमकिन नहीं था.. सो उनको साँप सूँघ गया..

गद्दारों के प्रिय पाकिस्तान की हालत खराब हो गई.. सारी दुनियाँँ में भागता फिरा.. रोता फिरा..

लेकिन गद्दारों ने उनके प्रिय पाकिस्तान ने सोचा कि एक बार घुसकर मार गए तो क्या हम फिर अपनी ताक़त दिखाते हैं..

इस बार पुलवामा में फिर कायराना तरीके से करीब 46 जवानों पर हमला करके उनको शहीद कर दिया..

ग़ुलामों की अम्मी, मंदबुद्धि बेटा, सारे गुलाम, तलवे चाटु फिर हल्ला मचाने लगे, घड़ियाली आँसू बहाने लगे.. फिर से टेप निकाला और छाती का साइज नापने लगे.. मंदबुद्धि तो 5.6 सेमी नाप आया.. जाने क्या नाप आया था..
इस बार पाकिस्तान तैयारी से बैठा था.. कि आओ सर्जिकल स्ट्राइक करो हम तैयार बैठे हैं.. इस बार 56 इंची ने जहाज़ उड़ा दिए और हमारे वीर सैनिक एयर स्ट्राइक करके फिर आतंकियों को मौत की नींद सुलाकर आ गए.. और तो और मोदिया अभिनंदन को एक दिन में वापस ले आया.. जबकि ग़ुलामों की सरकार ने सरबजीत को ताबूत में लाया था..

NRC, NPR CAA कांग्रेस ही लाई थी.. चूँकि गद्दारी के सिवाय कुछ आता नहीं है तो पहले संसद में विरोध का नाटक किया.. फिर मुसलमानों को भड़काया और दंगे फ़साद शुरू करवा दिए..

हर सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए तमाम तरह के कागज़ात दिखाने वाले मुसलमान मंदबुद्धि बेटे की तरह चुतियापा करने लगे कि हम कागज़ात नहीं दिखाएंगे.. ग़ुलाम चूतिये भी पोस्ट करने लगे कि हम भी कागज़ नहीं दिखाएंगे..

देश में जगह जगह सड़कों पर हंगामा शुरू कर दिया.. यूपी में भी शुरू हो गए.. थोड़े दिन चुप रहने के बाद मोदीजी की तरह जोगीजी ने ऐलान कर दिया कि जिन जिन्ने नुकसान पहुँचाया है उन सबकी पहचान करके उनसे वसूली की जाएगी और अगर पैसा नहीं दिया तो उनकी संपत्ति भी जप्त की जाएगी.. गाँव तुड़ाई, पेलाई अलग से शुरू कर दी.. कुछ को हूरों के पास भी पहुँचा दिया..

जब सीसीटीवी में सबकी पहचान करके उनके फोटो सब दूर चस्पा कर दिए तो कल तक अपने मज़हब और संविधान की रक्षा (?) के दावे करते हुए अपनी मूछों पर ताव देने वाले, दाढ़ी पर हाथ फेरने वाले बड़े बड़े सूरमा सैलून के बाहर लाइन लगाकर अपनी दाढ़ी, मूँछ मुंडाने पहुँच गए..

बहुत डर का माहौल है.. ना तो बाहर से आकर कोई आतंकी हमले कर पा रहा है और ना देश में रहकर कोई शांति से पत्थर चला पा रहा है.. ना आगजनी, तोड़फोड़ कर पा रहा है.. बेचारा डरा हुआ आदमी किसी को डरा नहीं पा रहा है.. फटी फटी में घूम रहा है..

वो भी क्या दिन थे..

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