पवार की पावर

राजनीति गर सीखनी हो तो शरद पवार को देखिये ... ऐसे ही नहीं हर पार्टी का नेता इनका कायल है ... जब सारे विधायक और मित्र भाजपा ने तोड़ लिये उसके बिना यह चुनाव में गये और 50 से ज्यादा सीटें निकाल ली .... सिर्फ इतना ही नहीं अपने विधायक तोड़ने वालों का गठबंधन ही तोड़ कर रख दिया ...

महज पाँच वर्ष पहले सत्ता गंवाने वाले आज फिर सत्ता की चाभी जेब में लेकर घुम रहे हैं ....

महाराष्ट्र में कितना शातिर खेल रच दिया इन्होंने वह देखिये ....

सबसे पहले संजय राउत के जरीये शिवसेना को चढा कर इस स्थिति तक ले आये कि उसके भाजपा के साथ रिश्ते इस कदर खराब हो गये हैं कि अब अगर वह भाजपा के पास जाये तो भारी बेइज्जती होगी ... शिवसेना समर्थन जुटा नहीं पायी तो पहले ही शर्मनाक स्थिति में है ही ....

शरद पवार और सोनिया गाँधी मिले ... फैसला हुआ कि काँग्रेस समर्थन न करे शिवसेना के दावे का ताकी वह सरकार ना बना सके .... NCP ने समर्थन की बात की ताकी शिवसेना का भरोसा बना रहे .... काँग्रेस अब NCP के दावे का समर्थन कर देगी .... शिवसेना को भी करना होगा ... कारण अगर अब वह सरकार ना बना सकी ठीक है लेकिन अगर सरकार बनाने में सहयोग नहीं किया तो थू थू हो जायेगी ...

लेकिन प्लान सिर्फ इतना नहीं है ... शिवसेना के लिये स्थिति इससे भी बुरी हो सकती है ... अगर NCP यह कहकर सरकार ना बनाये कि काँग्रेस शिवसेना के साथ मिलकर सरकार नहीं बनाना चाहती ....

इससे होगा क्या??? महाराष्ट्र फिर से चुनाव में जायेगा .... NCP और काँग्रेस एकजूट होकर लड़ेंगे ... जितनी सीटें आज लाये हैं उससे ज्यादा ही लायेंगे कम नहीं .... लेकिन भाजपा और शिवसेना अलग अलग लड़ेंगे ... दोनों एक दुसरे के बंपर वोट काटेंगे .... शिवसेना स्वयं तो 25-30 सीटों पर आ जायेगी लेकिन भाजपा को भी ले डुबेगी ऐसा सोचना शरद पवार का हो सकता है .... यह एक चांस है ...

लेकिन मेरा मानना है कि भाजपा 135+ सीटें आज की तारीख में महाराष्ट्र में अपने दम पर ले सकती है .... पर पवार साहेब का नहीं ....

आगे से महाराष्ट्र में दो ही धड़े होंगे एक NCP+काँग्रेस ... दुसरा भाजपा ....

संजय राउत ले डुबा शिवसेना को ...

शरद पवार ने प्रधानमंत्री छोड़ हर पद का मजा लिया है .... तीन चार बार मुख्यमंत्री ... केंद्रीय मंत्री .... BCCI अध्यक्ष ... कितने ही मालदार जगह बैठे और माल कमाया .... अब वह जो कर रहे हैं अपनी आने वाली पवार नस्लों के लिये कर रहे हैं .... इस समय कम से कम 25 पवार परिवार के सदस्य सक्रिय राजनीति में हैं ...

इनके लिये वह आगे का रास्ता खाली कर रहे हैं .... शिवसेना को साफ कर रहे हैं ... कारण उन्हें पता है कि उनकी पार्टी सिर्फ महाराष्ट्र में ही रहने वाली है ... यहाँ पर शिवसेना वाला विकल्प हमेशा के लिये खत्म कर देना है ... सिर्फ आज सरकार बना लेना उनका मकसद नहीं है .... लंबा सोचा है ...

काँग्रेस शरद पवार को बहुत अच्छे से जानती है ... वह जानती है कि शरद पवार सबसे चालाक और निर्मम राजनेता हैं ...इसलिये बहुत सोच समझ कर आगे बढ रही है ... भाजपा भी खुश है ... उसे अपनी मेहनत और नेतओं पर पुरा भरोसा है कि वह अपने दम सत्ता ले लेगी ... शिवसेना का रोज रोज का झिकझिक खत्म हुआ ...

शिवसेना क्या करेगी??

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