9 नवंबर 2019 इस तिथि को याद रखना।

शुक्ल त्रयोदशी, कार्तिक मास
विक्रम संवत 2076, 
9 नवंबर 2019 

इस तिथि को याद रखना। 

अपने बच्चों और फिर उनके बच्चों को बताना कि आप इस तिथि के सौभाग्यशाली साक्षी रहे थे, जब भारत के 'सांस्कृतिक स्वतंत्रता संग्राम' में हिंदुत्व की प्रथम विजय का शंखनाद गुंजित हुआ था।

यह विजय का वह क्षण है जिसकी नींव  दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह के निहंग योद्धाओं जैसे सिखों व 'कोठारी बंधुओं' जैसे लाखों हुतात्माओं के रक्त से रखी गई थी। 

यह विजय उस दिन सुनिश्चित हुई जब आपने नरेन्द्र दामोदरदास मोदी को 'रामकाज' हेतु अपना पंत प्रधान चुना और उन्होंने अमित भाई शाह को 'रामबाण' के रूप में संधान किया जिसकी काट किसी के पास नहीं थी। 

-खैर बातें तो होती रहेंगी, फिलहाल तो उत्सव मनाने का समय है। 
-एक बार फिर से दीपमालिका का समय है। 
-शंखनाद कर संसार में हिंदू जागृति के उद्घोषणा  का समय है। 

आज सही अर्थों में राम साढ़े चार शताब्दी के  वनवास के  बाद घर जो लौटे हैं।

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