500 साल पहले राम जन्मभूमि मंदिर की जगह मस्जिद बनायी गयी... फिर भी कुछ लोग अड़े रहे..

500 साल पहले मंदिर की जगह मस्जिद बनायी गयी... 
फिर भी कुछ लोग अड़े रहे... पूजा बंद नहीं की... 
इसकी जानकारी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जाती रही... 
पांच सदियों में क्या से क्या नहीं बदलता.... 
लेकिन नहीं बदला तो केवल पुनः राम मंदिर बनाने का संकल्प। 

इन पाँच सौ वर्षों में हर वह व्यक्ति पूजनीय है जिसने इस लौ को जलाये रखा... 
मशाल एक हाथ से दूसरे हाथ जाती रही... 

महंत रघुबर दास जी से लेकर अशोक सिंघल जी तक... आडवाणी जी से लेकर मोदी जी तक... 
एक एक कारसेवक जिन्हें गोलियों से भून दिया गया... 
हर वह रामभक्त जिन्हें कार सेवा की वजह से गोधरा में जलाया गया... 
दंगों में मारा गया... 
सब के त्याग और बलिदान का यह फल आज हमें मिला है।...

इन सबसे अलग.... 
पूर्व उच्चतम न्यायाधीश दीपक मिश्रा जी जिनके सत्प्रयासों से इस वाद की प्रतिदिन सुनवाई हो सकी
92 वर्षीय वृद्ध वरिष्ठ वकील जिन्होंने इस सदियों से हो रहे अन्याय के अंत की कहानी को स्याही दी...

कोटि कोटि नमन आपको... 

रंजन गोगोई जी को बारंबार प्रणाम कि उन्होंने और जजों की तरह मामले को आगे नहीं ढकेला... 
इतिहास में उनका नाम सदैव के लिये दर्ज होता है...

यह श्रीराम की जीत नहीं है... वह तो अजेय हैं... 
उनपर फैसला देने की किसी कोर्ट की क्या औकात... 
यह तो जीत है सदियों से हिन्दुओं द्वारा किये गये त्याग, विश्वास और धैर्य की... न्याय की...

बाकी रही पाँच एकड़ जमीन उन्हें देने की बात... 
तो कोई बात नहीं...देश में इतनी मस्जिदें हैं एक और सही... 
सरकार उन्हें भारत के किसी भी भूभाग में जगह दे दे... 
वैसे POK और अक्साई चीन को भी हम भारत का ही हिस्सा मानते हैं.... 
वहाँ पाँच एकड़ दे देना चाहिये... इससे उन स्थानों पर हमारा दावा और भी मजबूत होगा...

और मुझे लगता है भारत के इस मजबूत दावे में भारत का देशभक्त मुसलमान बिलकुल बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेगा... 

बाकी मंदिर वहीं बनायेंगे लेकिन तारीख नहीं बतायेंगे बोल कर ताना मारने वालों... 
मौजूदा सरकार के साथ पूर्ण विश्वास के साथ हर अच्छे बुरे वक्त में खड़े होने वालों को अंधभक्त, अंडोला वगैरह बोलने वालों... 
बीच में साथ छोड़ नोटा पकड़कर रामद्रोही काँग्रेस की तीन राज्यों में सरकार लाने वालों... 
तुम्हें बारम्बार लानत है ...

जय श्री राम ....

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