कमलेश तिवारी की हत्या पर शोर मचा हुआ है। ... पर सच यह है कि कमलेश की मृत्यु तो बहुत पहले हो चुकी थी।
कमलेश तिवारी की हत्या पर शोर मचा हुआ है। ... पर सच यह है कि कमलेश की मृत्यु तो बहुत पहले हो चुकी थी।
1. कमलेश तिवारी तो तभी मर गया था जब उसे एक धर्म विशेष के बारे में बोलने पर रासुका लगा जेल में डाल दिया गया था, पर हिन्दू देवियों के नग्न चित्र बनाने वाले, माँ दुर्गा को वेश्या बताने वाले वामपंथी, महिसासुर जयंती मनाने वाले JNU के लोगो का महिमामंडन हो रहा था।
2. कमलेश तिवारी तभी मर चुका था, जब उसके विवादित बयान के बाद देश भर में करोड़ो मुस्लिमो ने रैली की, जबकि हिंदुओ में से कोई एक उसके पक्ष में न बोला कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तो उसको भी है।
3. जब खुद कथित हिन्दू महासभा के दूसरे नेताओ ने उसके बयान पर उससे दूरी बना ली थी, जिसकी वजह से कमलेश तिवारी ने अलग पार्टी बनाई।
उसकी हत्या ने एक मैसेज दिया है कि एक वर्ग है जो देश के कानून को नही मानता। .. कानूनन अगर कमलेश तिवारी गलत था तो उस पर जेल, मुकदमे, रासुका सब कार्यवाही चल रही थी। ...पर मैसेज बहुत साफ है, की वो कानून से अलग हट खुद कार्यवाही करेंगे। ... तिरंगा यात्रा में गोली चलाएंगे, विरोधियों को मारेंगे ... चाहे, यूपी हो, बंगाल हो या केरल ...
आप देख कर आईये उन लोगो को, जो इस मर्डर को जस्टिफाई कर रहे है। .. लिबरल का लबादा ओढे उन लोगो को पहचानिए, जिन्हें केवल खलीफा का राज चाहिए।
हिंदूओं में, एक कथित ब्राह्मण लॉबी यह कह रही, की ब्राह्मण होने की वजह से, ठाकुरवाद में योगी ने सुरक्षा न दी। ... ऐसे बाँटने वाले लोगों से भी सावधान रहिये। .. ये भी उन खलीफा राज वालों से कम नहीं है।
Comments
Post a Comment