एक षडयंत्र "अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार"
आजतक भारत मे दिए जाने वाले सभी पुरस्कार सवालों के घेरे में थे
चाहे वो भारत रत्न हो,
पदम श्री हो
खेल पुरस्कार हो
फ़िल्म फेयर अवार्ड्स हो
सब अपने अपने लोगो को एक विशेष विचारों और सोच को खुश करने के लिए दिए जाते थे
सुभाष चंद बोस को भारत रत्न के लिए 1992 तक इन्जार करना पड़ा ।।
ये सारे अवार्ड्स किसी वर्ग विशेष को खुश करनें के लिए या किसी वर्ग विशेष को आरोपित करने के लिए दिए जाते थे
पाकिस्तानी लड़की मलाला को अपना एजेंडा चलाने के लिए नोबेल पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में दिया गया जबकि शिक्षा में उसका योगदान शून्य है
जिस अर्थशास्त्री ने कन्ग्रेस को 72000 मुफ्त में बाँटने की सलाह दी
उसे आज इकोनॉमिक्स का नोबेल पुरस्कार दिया गया
क्या मुफ्त बाँटने की सलाह देने वाला अर्थशास्त्री हो सकता है ।
मुझे लगता है यह पुरस्कार भी भारत विरोधी एजेंडे का हिस्सा है
मुफ्त बाँटने की सलाह देनेवाला कुछ भी हो पर अर्थशास्त्री नही हो सकता
सावधान रहें सचेत रहे
#नोबेल पुरस्कार
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