आज तक मैंने केवल सुना था "हिन्दू तभी जागता है, जब चार कांधों पर पांचवें की अर्थी हो" आज यह तुमने साबित भी कर दिया।
किन्तु यह क्या इस बार तो तुम हिंदुत्व का शेर खा बैठे।
हिंदुत्व की बुलंद कर्कश आवाज आज चीर निद्रा में विलीन हुए है, इसका कारण कोई और नहीं कुंभकर्णी नींद में सोया हिन्दू जन मानस है।
आज आपना आंकलन खुद करलो
तुम्हारे आराध्य श्रीराम को अपशब्द कहने वाला अकबरुद्दीन ओवैसी आज भी जिंदा है।
१५ मिनट पुलिस हटा कर दिखाओ कहने वाला अकबरुद्दीन ओवैसी जिंदा है।
क़ुरान और मोहम्मद का सच बताने वाले #कमलेश_तिवारी_जी की निर्मम हत्या कर दी गई।
उनको किसी का भय नहीं,किसी की परवाह नहीं है।
दुश्मन निर्भीक, निर्मम है
तीन वर्ष पहले खुला चैलेंज दिया और मार भी डाला,
तुम अकबरुद्दीन ओवैसी का बाल भी आज तक ना उखाड़ पाए।
तुम्हीं ने एक घर का बेटा एक मांग का सिंदूर, बच्चो के सर से बाप का साया उठाया है।
घर का चिराग किसी का भी बुझा हो
तुम्हे क्या,
बच्चे किसी के बाप के साय से महरूम हुए
तुम्हे क्या,
तुम्हारी दुकानें खुलनी चाहिए
किसी के घर फाँके हों
तुम्हे क्या,
किसी बहन की मांग का सिंदूर गया
तुम बचे हो तुम्हे क्या,
आग लगे जहांन को हम सलामत रहें
हमें क्या।
हिंदुत्व का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार के घर लखनऊ में मारा गया है हिन्दू शेर इससे बड़ी विडम्बना भला क्या हो सकती है।
कैसा हिंदुत्व है भाई?
आपकी कथनी और करनी में बड़ा फर्क है आप योगी हो किन्तु एक कुशल प्रशासक नहीं।
उत्तर प्रदेश पुलिस में आपका भय मुझे आज तक नहीं दिखा।
हे भारत के राम जगो
में तुम्हे जगाने आया हूं,
सौ धर्मो का एक धर्म बलिदान बताने आया हूं।
सुनो हिमालय कैद हुआ है दुश्मन की जंजीरों में,
आज बतादो कितना पानी है भारत के वीरों में।
खड़ी शत्रु की फौज तुम्हे ललकार रही, सोए सिंह जागो भारत के माता तुम्हे पुकार रही।
रण की भेदी बज रही
उठो मोह निद्रा त्यागो
पहला शीश चढाने वाले मां के पुत्र जागो।
बलिदानों के वज्रदंड पर देश भक्ति की ध्वजा जागे,
रण के कंकर पहने है वह राष्ट्रभक्त की भुजा जागे।
अभी समय है राम मन्दिर निर्माण से पहले ही शांतिदूत आतंकी अपना चेहरा दिखा चुके हैं।
सनातन धर्म की वह परम्परा त्याग दो की हम पहला वार नहीं करेंगे,
अब पहला और आखिरी सोचने और समझने समझाने का समय जा चुका है।
#हिंदुत्व_के_योद्धा_को_कोटि_कोटि_नमन
"ठाकुर की कलम से"
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