विपक्षियों, विशेषकर मुगलों के हरम की पैदाइश कांग्रेस और कम्युनिस्टों के संसर्ग से पैदा सेकुलरों की छटपटाहट

केवल पांच साल पहले देश के भविष्य को निर्धारित करने वाले मायावी ताले की चाभी 10 लथपथ की मैडम फिरंगन के बेड के नीचे कभी फेंकी पड़ी रहती थी.. आज उसी फिरंगन मैडम के चाटुकार चिंदंबरम बाबा के साथ डी.के. शिवकुमार तो अपनी सही जगह पहुंच चुके हैं.... अब इसी #तिहाड़_प्रवास वाली परम्परा का पूर्ण श्रद्धा के साथ निर्वहन करने के लिये NCP के प्रफुल्ल पटेल भी परिवार सहित बिल्कुल तैयार दिखाई दे रहे हैं....

असल में अपने को बचाने के लिये ऐसे लोग चाहे जितना चीख चिल्ला कर राजनैतिक शत्रुता का आरोप सरकार पर लगा लें...लेकिन गजवा-ए-हिंद के प्रसूति केन्द्र के संचालकों की दाई अम्मा बन चुके दाउद भाईजान की आतंकी फैक्टरी यानी 'D' कम्पनी से नाजायज रिश्ता रखना वो गंदा पाप है, जिसको अब वो न छिपा सकते हैं और न ही अब उस पर प्रायश्चित करना ही  संभव लग रहा है....तभी तो एक एक करके कांगरेस जैसे विषैले वृक्ष की चिंदंबरम जैसी डालों के साथ उसकी छांव में पाल पोस कर बड़े किये गये पिंडारियों का पाप मुंह खोल कर बोलना शुरू कर दिया है......

बस धीरज से देखते रहिये.......उन सभी का नम्बर लगेगा, जिन्होंने आजादी के बाद से देश सेवा के नाम पर केवल देश को नोचा, खसोटा है....जो कुर्सी को बपौती समझते रहे हैं...जिन्होंने सत्ता को हथियार बना कर राष्ट्रपुत्रों की बलि ही नहीं चढ़ाई, बल्कि तुष्टीकरण करके देश की संस्कृति से खिलवाड़ करने के साथ देश की #डेमोग्राफी को खतनाधारी मोमिनों के साथ गलबहियां करके बदलने का अक्षम्य अपराध किया है....!!

वास्तव में हम लोग बस इतना जानते हैं कि कांग्रेस ने भारत पर लगभग 65 साल शासन किया...लेकिन गहराई में जाने पर समझ में आता है कि कांग्रेस तो सरकारी रबर स्टैम्प बन कर लूटने, रिश्वत खाने, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार करने में मगन रही....असल काम तो कांग्रेस के कंधे पर बंदूक रख कर सरकारों में प्रभावी रहे माओ की औलाद कम्युनिस्टों ने किया...!!!!

सरकार की कमान जरूर कांग्रेस के हाथों में रही थी, लेकिन हमारी जीवन पद्धति और वैदिक परम्परा को असली नुकसान तो ये देशद्रोही कम्युनिस्टों ने पहुंचाया, उन्होंने जानबूझ कर हमारे गौरवशाली इतिहास को बदला, गरिमामयी और गौरवान्वित तथ्यों को पाठ्यक्रम से हटाया, शिक्षानीति मे संस्कार, सभ्यता और वास्तविकता को बदल कर आक्रान्ताओं को शामिल कराया.................

कुल मिला कर कहने का तात्पर्य यह है कि जहां हमें अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरक उत्कृष्टता होनी चाहिए, वहां इन मक्कार कम्युनिस्टों ने उसे निकृष्टता से भर दिया, जिसका साक्षात उदाहरण JNU, जाधवपुर जैसे शिक्षा के मंदिर हैं, जिसे उच्छृंखल ही नहीं, बल्कि राष्ट्र और सनातन विरोधी मानसिकता का प्रसव केन्द्र बना दिया है..!!!

आप अब एक सरसरी नजर डालिए अपनी पिछले 70-75 वर्ष के मध्य के काल की पीढ़ी पर...
समझिये कि उन्हें कभी ये क्यों नहीं लगने दिया गया कि वो विश्व के सर्वश्रेष्ठ मनुष्यों के वंशज हैं?
--उनके क्रियाकलापों से कभी क्यों नहीं लगा कि वो संस्कार, सभ्यता और संस्कृति के जनक वीर, बुद्धिजीवी और समृद्ध पूर्वजों लोगों के वंशज हैं?

--उन्हें सदैव यही क्यों लगा कि बस किसी प्रकार जीवनयापन हो जाये, परिवार पल जाये यही पर्याप्त है, प्रगतिवर्धक मानसिकता का गला घोंट कर क्यों उन्हें दाल रोटी की सोच तक सीमित करके काठ का उल्लू बना दिया गया था???

इस मानसिकता को खाद पानी देकर बढ़ावा देने का काम भी हरामखोर कम्युनिस्टों ने ही कांग्रेस की सहमति से किया...!!
अब सबसे महत्वपूर्ण और मजेदार तथ्य बताता हूं.....

पूरी दुनियाँ में कम्युनिस्ट और मुसलमान, ये दोनों लोग एक दूसरे का इस्तेमाल कर रहे हैं ????

दुनिया भर के कम्युनिस्टों को लग रहा है कि वो मुसलमानों को बेवकूफ बना रहे हैं और पूरी दुनियाँ के मुसलमान समझ रहे हैं कि वो कम्युनिस्टों को मूर्ख बना रहे हैं..!!!!

अब पूछिये कैसे???
पूरी दुनियाँ में सिर्फ भारत ही एक ऐसा देश है, जहां अपने अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिये मुसलमान और कम्युनिस्ट एक दूसरे का खुला समर्थन करते हैं, वहीं पूरी दुनियाँ में आप कोई एक उदाहरण बता दें, जहां कि कम्युनिस्टों का शासन हो और इस्लाम सुरक्षित है...या कोई ऐसा ही उदाहरण बता दें, जहां कि इस्लामी कानून लागू हो और वहां कम्युनिस्ट हों....?

है न कमाल की बात??

बस भारत को प्रयोगशाला बना कर यहां हो रहे इसी कमाल के पीछे की छिपी साजिश की सच्चाई पर कांग्रेस और कम्युनिस्टों ने 65 साल तक पर्दा डाल कर रखा था और अंदर ही अंदर दीमक की तरह देश खोखला किये जा रहे थे!!!

पिछले पांच वर्षों से मोदी जी के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी सरकार ने इसी कुटिल और कपटी गठबंधन के काले पंखों को जब एक एक कर नोच कर फेंकना शुरू क्या कर दिया, बस समझिये तब से ही देश मे मोदी सरकार विरोधी विषवमन शुरू हो गया...एकदम से प्रलय ही आ गई....विपक्षियों, विशेषकर मुगलों के हरम की पैदाइश कांग्रेस और कम्युनिस्टों के संसर्ग से पैदा सेकुलरों की छटपटाहट अपने भविष्य की सुरक्षा के लिये ज्यादा ही बढ़ गई है...उनका दिन रात मोदी को गाली देना, रोज नई साजिश रचना इसी बौखलाहट का परिणाम है....!!

फिलहाल अगर आप सतर्क और सजग रहेंगे तभी आप भविष्य में सहज रह पायेंगे...नहीं तो भगाये गये रजाकारों के रक्तबीज अपने भयावह रूप से बढ़ती संख्या के दम पर बलरामपुर, मुर्शिदाबाद और टोंक की तरह यलगार ए जेहाद के अब तक के छिपे एजेंडे पर अब सामने आकर कार्यवाही शुरू कर ही दिये हैं...!!

#वन्देमातरम

"ठाकुर की कलम से"

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