एक अमीर बिल्डर की बेटी और खुद भी वकालत की उच्च शिक्षा प्राप्त महिला, आखिर क्यों एक नेता के घर उसकी मालिश करने जाती थी ? उसका अपना आलीशान घर चिन्मयानन्द के आश्रम से मात्र 2 किमी दूर था तो भी आश्रम के हॉस्टल में क्यों रहती थी ?
वह रहकर कौन सा ज्ञान प्राप्त कर रही थी ? वह उस का मसाज़ क्यों किया करती थी ? जब उसके साथ पहली बार अचानक कुछ गलत हुआ तब ही उसने इसका विरोध क्यों नहीं किया ? 43 वीडियो आखिर क्यों बनवाये ? किस बात का इन्तजार था ?
बार बार जाने वाली और 43 वीडियो बनवाने वाली महिला, बिना मामले की जांच के मासूम और पीड़ित कैसे घोषित कर दी गयी ? क्या यह जानना आवश्यक नहीं कि वह इस सबके साथ चिन्मयानंद से क्या चाहती थी, जिसके न होने पर वीडियों रिलीज किये गए ?
मुझे ऐसी लड़कियों से सख्त नफरत है जो ख़ुद अपने किसी निजी लाभ के लिए नेता / अधिकारी / धनवान व्यवसायी / घटिया साधु / आदि की की मसाज करने का शौक रखती हो. और काम न होने की स्थिति दूसरे को बलात्कार और खुद को पीड़िता बताते हो.
ऐसी शातिर महिलाओं के कारण वास्तविक मजबूर और पीड़ित लड़कियों का केस कमजोर होता है, जो वास्तव में जबरदस्ती का शिकार होती हैं. इसलिए किसी की मसाज करने से पहले उनको खुद भी सोंच लेना चाहिए।
कुछ वर्ष पहले एक महिला वकील की वीडियो तत्कालीन कानून मंत्री अभिषेक मनु सिंघवी के साथ भी देखी गई थी जो सम्बन्ध बनाने के बदले में जज बनने की रिक्वेस्ट कर रही थी. क्या यह मामला भी कुछ वैसा ही नहीं लगता है ?
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