#महिषासुर का जन्म कैसे ?

#महिषासुर का जन्म कैसे ?
*पौराणिक कथाओं में जिन सभ्यताओं,संस्कृतियों का उल्लेख मिलता है वे देव,दैत्य,दानव,राक्षस,यक्ष , अप्सरा,नाग,गंधर्व,मानव,वानर, रीछ,गरुड़,गृद्ध,सिंह,वाराह,मत्स्य,गज,महिष, कूर्म,कपोत,श्येन, पिशाच,वृष,अश्व,श्वान आदि थे !
*रावण के पुत्र मेघनाद का विवाह नागराज बासुकि की कन्या सुलोचना से हुआ !
*दैत्यकन्या कैकसी का विवाह मानव ऋषि विश्रवा से हुआ !
*इन्द्र पुरंदर का विवाह दानव कन्या पुलोमा से हुआ,जिसे शची पौलोमी कहा गया !
*मानव ऋषि भृगु का विवाह पुलोम दानव की कन्या पुलोमा से हुआ ! जिससे च्यवन का जन्म हुआ !
*वानरराज वाली का विवाह मानव कन्या तारा से और उनके भाई सुग्रीव का विवाह मानव कन्या रुमा से हुआ !
*ऋषिपुत्र राक्षसराज रावण का विवाह दानव मय की कन्या मन्दोदरी से हुआ !
*दानव मय का विवाह अप्सरा हेमा से हुआ जिससे मन्दोदरी का जन्म हुआ !
*मानव ऋषि भृगु का विवाह दैत्य हिरण्यकश्यप की कन्या दिव्या से हुआ ! जिससे शुक्र का जन्म हुआ !
*मानव ऋषि शुक्र का विवाह देवराज इन्द्र और शची की पुत्री जयंती से हुआ !
*भृगु के पुत्र त्वष्टा का विवाह दैत्यराज प्रहलाद की कन्या यशोधरा से हुआ !
*चंद्रवंशी आयु का विवाह दानवराज स्वर्भानु या राहु की कन्या प्रभा से हुआ !
*चंद्रवंशी ययाति का विवाह दानवराज वृषपर्व की कन्या शर्मिष्ठा से हुआ !
*चंद्रवंशी ऋक्ष/रितेयु का विवाह नागराज तक्षक की कन्या ज्वलना से हुआ ! जिससे पौरव मतिनार का जन्म हुआ !
*पौरव एलीन का विवाह मय दानव की कन्या उपदानवी से हुआ जिससे दुष्यंत का जन्म हुआ !
बसु उपरिचर चैद्य का विवाह अप्सरा गिरिका/आर्द्रिका से हुआ !
*यादव मधु का विवाह रावण की मौसी कुम्भीणसी से हुआ !
*दानव वैश्वानर की कन्या हयशिरा का विवाह मानव ऋषि क्रतु से हुआ !
*इक्ष्वाकु वंशी कुवलयाश्व का विवाह विश्वावसु गंधर्व की कन्या मदालसा से हुआ !
*इक्ष्वाकु युवनाश्व तथा हर्यश्व की बहनों का विवाह धूम्रवर्ण नाग से हुआ !
*धूम्रवर्ण नाग की की पांच कन्याओं का विवाह चंद्रवंशी हर्यश्व के दत्तक पुत्र यदु से हुआ था !
*इक्ष्वाकु पुरुकुत्स का विवाह नागकन्या नर्मदा से हुआ !
*विप्रचित्ति दानव पुत्र शंखचूड़ जनक वंशी धर्मध्वज की कन्या तुलसी का पति था !
*किष्किन्धा नरेश वानर राज बालि की पुत्री सुभद्रा का विवाह एक्ष्वाकु अवीक्षित से हुआ !
*चन्द्रवंश में वृष्णिवंश के शूर का विवाह नागराज आर्यक की कन्या भोजा से हुआ ! इन्हीं के पुत्र वसुदेव और वसुदेव के कृष्ण हुए !
*महर्षि गौतम की कन्या अंजनी वानर यूथपति केसरी की पत्नी और हनुमान की मां थीं !
*देव यम की पुत्री भया का विवाह दैत्य हेति से हुआ ! जिससे सुकेश-माली,सुमाली, माल्यवान-केकसी हुए ! केकसी और विश्रवा से रावण का जन्म हुआ !
# इन विवाह संबंधों से एक तथ्य तो स्पष्ट हो जाता है कि नाग,वानर,सिंह,महिष आदि तत्कालीन सभ्यताओं के नाम थे ! न कि वे पशु-पक्षी या जलचर थे ! इनमें जिन्हें कथित मूलनिवासी अपना कहकर स्वयं को उत्पीड़ित और अन्य को उत्पीड़क कहते हैं ! वे सभी परस्पर विवाह संबंधों में आबद्ध थे ! क्या पीड़क और पीड़ित में इस प्रकार के संबंध संभव हैं ? और महिषासुर का जन्म किसी भैंस से संभव है ? वास्तविकता यह है कि किसी एक पुराण में वर्णित कथा में निहित संकेतों को न समझ पाने के कारण अर्थ का अनर्थ किया जा रहा है ! पुराणों में एक स्थान पर महिषासुर की मां को यक्ष कन्या कहा गया है ! जबकि तत्कालीन विश्व में प्रचलित संस्कृतियों में महिष को अपना प्रतीक मानने वाली एक संस्कृति की किसी कन्या से महिषासुर का जन्म हुआ था ! न कि किसी भैंस से ।
अभी शेष है .......यदि आवश्यक हुआ तो !

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