सरकार का चालान का मनमानी ढंग से बढाना, सिर्फ पैसे कमाई का जरिया है

सिर्फ पैसे कमाई का जरिया है

1-  सरकार ₹1000 लेने के बाद वाहन चालक को रसीद क्यों देती है हेलमेट क्यों नहीं देती है?

क्या 1000 रुपए की यह रसीद जेब में रखने के बाद कहीं भी दुर्घटना होने पर मेरे सर में चोट नहीं लगेगी?

क्या हेलमेट के बदले ₹1000 के चालान काटने के बाद इस बात की गारंटी सुनिश्चित हो जाती है?

चालान की रसीद जेब में लेकर घर की ओर जाने वाले व्यक्ति की आगे कहीं भी दुर्घटना होने पर?

जुर्माना भरने वाले को सर में कोई भी चोट नहीं लगेगी?

जब मोटर व्हीकल अधिनियम जनता की भलाई सुरक्षा यानी जनकल्याणकारी योजना के आधार पर लागू किया गया है
तो फिर ₹1000 लेकर सरकार उस आदमी को एक हेलमेट क्यों नहीं प्रदान करती है?

पहले यह स्पष्ट होना चाहिए सरकार का उद्देश्य जनता की जान माल की रक्षा करना है जनता की भलाई करना है

#क्या_उद्देश्य_केवल_जनता_से_पैसा_कमाना_है...???

सरकार जिन चीजों के जुर्माने पर जो रकम लेती है
उस रकम के बदले वह चीज जैसे
प्रदूषण के कागज
इंश्योरेंस पेपर
ड्राइविंग लाइसेंस
फिटनेस पेपर
हेलमेट

यह सब चीजें उस व्यक्ति को मुहैया क्यों नहीं करवाती है।

आप कड़े कानूनों से जनता को कानून के प्रति सम्मान के स्थिति में नही ले सकते... बस वह सहम सकता है।

1. आप हेलमेट न होने पर चालान काट रहे हैं
तो उसे साथ मे एक हेलमेट उच्च मानक का बना हुआ दिया जाए

2. आप लाइसेंस न होने पर चलना काट रहे हैं
तो उसको लाइसेंस विभाग की फीस भरवाया हुआ चलान दिया जाए जिससे वह लाइसेंस विभाग में जाकर अपना लाइसेंस बनवा सके ।

3. प्रदूषण के मामले में भी चालान ऐसा ही हो,
उससे भले भारी जुर्माना लिया जाए,
पर नियम हो कि प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवा कर संबंधित विभाग में जमा करवाने के उपरांत उसको जुर्माने की 80% रकम लौटा दी जाएगी।

ऐसे बहुत से सुधारवादी कार्य संतोषजनक रूप से हो सकते हैं... परन्तु इच्छाशक्ति का अभाव स्पष्ट दिखाई देता है।

अगर सरकार एक बार उस व्यक्ति को वह चीज दे देगी तो दोबारा सभी चीजें उसके पास उपलब्ध रहेगी और जुर्माने की नौबत नहीं आएगी।

जब सरकार की ऐसी कोई मंशा जो जनहित में हो जनता की भलाई के लिए हो जनता की सुरक्षा के लिए हो नहीं है

तो फिर मोटर व्हीकल अधिनियम को किस आधार पर जनता की भलाई के लिए

सुरक्षा के लिए लागू किया गया कानून बताया जाता है

जनता बैंक में मिनिमम बैलेंस ना रख पाए तो पेनल्टी!

ड्राइवर लाइसेंस ना हो तो पेनल्टी!

किंतु सांसद संसद में अनुपस्थित रहे  तो क्या पेनल्टी?

मंत्री जी अपने काम में विफल हो जाएं तो क्या पेनल्टी?

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