भीम आर्मी के 80% कार्यकर्त्ता मुस्लिम या इसाई हैं – मुख्य काम – दलितों का धर्मांतरण करना है

*ख़ुलासा✊* थोड़ा समय लगेगा जरूर पड़ें।

भीम आर्मी के 80% कार्यकर्त्ता मुस्लिम या इसाई हैं – मुख्य काम – दलितों का धर्मांतरण करना है

*: भीम आर्मी को फंडिंग कोई और नहीं बल्कि मिशनरियां और मुस्लिम संगठन कर रहे है,*

*और भीम आर्मी के कार्यकर्त्ता बनकर जितने भी लोग घूमते है उनमे से सभी के सभी धर्मान्तरित है*

50% से ज्यादा मुस्लिम है,
और बाकि अन्य मिशनरियों द्वारा धर्मान्तरित इसाई – भीम आर्मी दलितों को बड़े पैमाने पर मुर्ख बनाकर राजनीतिक मलाई खा रही हैं
ये लोग दलितों के पास जाकर इस्लाम और ईसाइयत का प्रचार करते है,

*और अगर दलित इस्लाम या ईसाइयत स्वीकार कर ले,तो इनको कमीशन भी मिलता है*

और अगर कहीं दलित इस्लाम या ईसाइयत को पसंद न करे,
तो उनको बैकूफ बनाओ,
कुल मिलाकर भीम आर्मी वर्तमान में धर्मांतरण का ही काम कर रही है

*और अपने लोगों को भीम आर्मी का कार्यकर्त्ता बनाकर दलितों के बीच घुमा रहे है अब देश में पहले जैसे हालात नहीं रहे की हर जगह सेकुलरों और कांग्रेस की सरकारें होती थी*

उस दौर में मिशनरियों और जिहादी संगठनो के लिए धर्मांतरण का धंधा आसान था

*अब उत्तर प्रदेश समेत तमाम राज्यों में बीजेपी की सरकारें है*

तो ऐसे में मिशनरियां और मुस्लिम संगठन खुलेआम अपनी असल पहचान के साथ धर्मांतरण का खेल नहीं चला सकते,
इनको कठिनाई होती है,

*अब मिशनरियों के पादरी और नन खुलेआम घूम घूम कर धर्मांतरण का धंधा नहीं कर पा रहे है*

तो ये ही लोग भीम आर्मी के कार्यकर्त्ता बनकर घूम रहे है, ,,,,,,की हम दलित है
और दलितों के बीच काम कर रहे है,

*असल में,,,इनको दलितों से कुछ लेना देना नहीं है सिर्फ़ राजनीतिक स्वार्थ के लिए हैं*

इनका उपयोग कर रहे हैं ,,सिर्फ़ दलितों को मूर्ख बनाकर अपना स्वार्थ सिद्ध कर रहे हैं

*अगर दलितों पर कहीं मुस्लिम द्वारा अत्याचार होता है, ,,तो भीम आर्मी ,,1 शब्द भी क्यों नहीं बोलती ये आप समझ सकते है,*

भीम आर्मी संगठन अगर सच में दलितों का संगठन है
तो दलितों पर होने वाले अत्याचारों पर मौन क्यों रहते  हैं
*ये सब तो मुस्लिम और इसाईयों का संगठन है तो ये मौन क्यों नहीं रहेंगे*

Reality of Bheem Army : अभी दिल्ली में ही सद्दाम हुसैन नाम के 30 साल के मुस्लिम ने 14 साल की दलित बच्ची को अगवा कर लिया
*और अबतक दलित बच्ची का कुछ पता नहीं चल सका है,*

भीम आर्मी के लोग इसपर कोई एक सब्द भी  मुंह नहीं खोले ,,,,,कारण ये है की भीम आर्मी में कोई दलित है ही नहीं
ये सभी धर्मान्तरित मुस्लिम या इसाई है

*दलितों को सचेत रहना होगा, ,,और अगर उनको कोई ऐसा व्यक्ति मिलता है जो खुद को भीम आर्मी का एजेंट बताता है*

*तो उस से जरुर पूछें की मुस्लिमों द्वारा दलितों पर हो रहे अत्याचार पर ,,आप लोग मौन क्यों रहते हो, फ़िर देखें*

*कैसे वो भीम आर्मी वाला आपसे चिढ़ता है !*

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