कल रात को दूरदर्शन पर #चंद्रयान2 के चंद्रमा पर उतरने का लाइव प्रसारण देख रहा था!
हम चंद्रमा के बहुत करीब पहुंच चुके थे,
भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिक रोमांच से तालियां बजा रही थी,
स्क्रीन पर एक #फाइन_ब्रेकिंग_फेज का नोटिफिकेशन लगातार फ़्लैश हो रहा था,
यान की चाल धीरे हो चुकी थी और हम बस अब चाँद छूने ही वाले थे कि अचानक से यान.!
हमारे वैज्ञानिकों के द्वारा अनुमानित पथ से हटकर थोड़ा अलग चलने लगा और पूरे अनुसंधान केंद्र में एक चिंतित स्थिति साफ नज़र आने लगी.!
अंततः कुछ देर बाद हम सिग्नल भी खो बैठे और चाँद को छूने से करीबन (2.1 कि.मी) पहले ही हमारा संपर्क यान से टूट गया...😭
पल भर में ही करोड़ो मुस्काने थम गई,
अनुसंधान केंद्र में एक खमोशी छा गयी!
उस एक पल में ही करोड़ो हाथ दुआओं के लिए उठ गए पर अफसोस कि हम फिर से अपने यान से संपर्क जोड़ पाने में असफल रहे !
अब इसरो के अध्यक्ष श्री #कैलाशवादिवू_सीवन जी उठते है और एक हारे हुए सिपाही की तरह पीछे बैठे हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री श्री #नरेन्द्र_मोदी जी के पास आते है और उनको वर्तमान स्थिति से अवगत कराते है तो हमारे प्रधानमंत्री जी उनके कंधे को थपथपाते हुवे
गले से लगा लेते है और लगभग मिनट भर के लिए सीवन जी उनसे लिपटकर रो पड़ते है.!
बड़ा ही भावुक दृश्य था,😭
उनके साथ हमारे आंखे भी बरस पड़ती है !
हम टीवी बन्द कर देते है और उन नम आंखों से ही आसमान की तरफ देखते है जिस पर आज चाँद नही खिला था.!
रात के तीन बज रहे थे चारो तरफ सन्नाटा था पर मेरे अंदर एक गज़ब का शोर हो रहा था...
मेरे लिए ये बिल्कुल ऐसा ही था जैसे मैं किसी परीक्षा में 70 स्कोर करता हूँ और कटऑफ 72 चली जाती है.! पास में होकर भी खेल से बाहर हो जाना कितना दुखद होता है,
इसका अनुभव मुझे है.!
जैसे किसी मुसाफिर के घर जाने वाली एकलौती बस चंद मिनट की देरी होने से छूट जाए और उसे अगली बस पकड़ने के लिए घंटो इंतज़ार करना पड़े,
ये दुख भी वैसा ही है !
मैं भारी दिल और नम आंखों से धन्यवाद और सलाम कहना चाहूंगा देश के उन सभी प्रतिभाओं को जो अनुसंधान केंद्र में बैठे इस मिशन में कार्यरत थे,
हम बेशक चाँद नही छू पाए पर मंज़िल का ठिकाना और वहां तक जाने का रास्ता तो हमने ज़रूर ही ढूंढ लिया है, आज न सही कल वहां पहुंच कर रहेगे!
"भारतीय है हम, लड़ते है हारते है, सीखते है और अंततः जीतते है !"
एक विशेष धन्यवाद प्रधानमंत्री जी को भी,
जो उन्होंने मौके की नजाकत को समझा और इस असफलता को भी मुस्कुराकर गले लगा लिया!
टीम #इसरो हमे आप पर गर्व है और हमेशा रहेगा!
प्रिय 'इसरो' आप लोगो की आलोचनाओं का फिक्र मत करिए...
सेकुलर कीड़े हों या टुकड़े गैंग, पाकिस्तान हो या चीन-अमेरिका हम सबके कमेंट्स सोशल मीडिया पर हैंडल कर लेंगे,
उनको हंसने का मौका नही देगे!
हम इन सबमे माहिर है..!✌️💪
मंजिल मिल ही जाएगी भटकते हुए ही सही,
गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं !
आगे के लिए ढेरो शुभकामनाएं टीम ईसरो...❤️🙏🇮🇳
*ठाकुर की कलम से*
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