हिन्दू राजा मुस्लिम रानी
अक्सर हिन्दू राजपूतो को नीचा दिखाने के लिए जोधा अकबर का झूठा वैवाहिक संबंध इतिहास बता दिया जाता है!
तो आज हम बताते हैं राजपूतो और मुस्लिम लड़कियो के वैवाहिक संबंध बनाने का इतिहास!
1-अकबर की बेटी शहज़ादी खानूम से महाराजा अमर सिंह जी का विवाह!
2-कुँवर जगत सिंह ने उड़ीसा के अफगान नवाब कुतुल खा कि बेटी मरियम से विवाह!
3-महाराणा सांगा मुस्लिम सेनापति की बेटी मेरूनीसा से ओर तीन मुस्लिम लड़किया से विवाह!
4-महाराणा कुंभा (अपराजित योद्धा) का जागीरदार वजीर खा की बेटी से विवाह!
5-बप्पा रावल (फादर ऑफ रावलपिंडी) गजनी के मुस्लिम शासक की पुत्री से और 30 से अधिक मुस्लिम राजकुमारीयो से विवाह!
6-विक्रमजीत सिंह गोतम का आज़मगढ़ की मुस्लिम लड़की से विवाह!
7-जोधपुर के राजा राजा हनुमंत सिंह का मुस्लिम लड़की ज़ुबेदा से विवाह!
8-चंद्रगुप्त मौर्य (राजपूत) का सिकंदर के सेनापति सेल्यूकस निकेटर की बेटी हेलेना से विवाह!
9-महाराणा उदय सिंह II ने एक मुस्लिम लड़की लाला बाई से विवाह
10-राजा मान सिंह मुस्लिम लड़की मुबारक से विवाह!
11-अमरकोट के राजा वीरसाल का हामिदा बानो से विवाह!
12-राजा छत्रसाल का हैदराबाद के निजाम की बेटी रूहानी बाई से विवाह
13-मीर खुरासन की बेटी नूर खुरासन का राजपूत राजा बिन्दुसार से विवाह
ये तो वैवाहिक संबंध की बात हुई अब राजपुत राजाओ की मुस्लिम प्रेमिकाओ पर बात करते हैं!
1-अल्लाउदीन खिलजी की बेटी "फिरोजा"" जो जालोर के राजकुमार विरमदेव की दीवानी थी वीरमदेव की युद्ध मै वीरगति प्राप्त होने पर फिरोजा सती हो गयी थी!
2-औरंगजेब की एक बेटी ज़ेबुनिशा जो कुँवर छत्रसाल के पीछे दीवानी थी ओर प्रेम पत्र लिखा करती थी ओर छत्रसाल के अलावा किसी ओर से शादी करने से इंकार कर दिया था!
3-औरंगजेब की पोती ओर मोहम्मद अकबर की बेटी सफियत्नीशा जो राजकुमार अजीत सिंह के प्रेम की दीवानी थी!
4-इल्तुतमिश की बेटी रजिया सुल्तान जो राजपूत जागीरदार कर्म चंद्र से प्रेम करती थी!
5-औरंगजेब की बहन भी छत्रपति शिवाजी की दीवानी थी शिवाजी से मिलने आया करती थी!
राजपुत राजाओ की और भी बहुत सी मुस्लिम बीवीया थी लेकिन वो राज परिवार और कुलीन वर्ग से नहीं थी!
लेकिन उस समय की किताबो में ब्रिटिश और उस समय के कवियों के रचनाओ मैं जिक्र स्पष्ट है!
और ब्रिटिश रिकॉर्ड में भी औऱ ज्यादातर राजपूतो राजाओ की एक से ज्यादा मुस्लिम बीवीया थी लेकिन रक्त शुध्दता की वजह से इनके बच्चो को अपनाया नहीं जाता ओर उन बच्चों को वर्णशंकर मान के जागिर दे दी जाती थी!
तो ये ऐतिहासिक प्रक्षेप चप्पल की तरह फेंक कर उनके मुह पर अवश्य मारिए जो हिन्दुओ को जोधा अकबर जैसे झूठे ऐतिहासिक तथ्यों पर बहस करते हैं!
#जय_श्रीराम_जय_सनातन_धर्म 🙏
इस्लाम धर्म का उदय 570 ईसवी के बाद हुआ और बिंदुसार चंद्रगुप्त 300 ईसा पूर्व से पहले की है आपने यह गलत मैसेज दिया है अपने देश के इतिहास में नहीं जानते हो आप नहीं जानते हो तो फिर क्यों इस पर भेजते रहते हो
ReplyDeleteसेना ईसाई थी सम्भवतः
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DeleteBosdika Helena yunani thi yani eshayi
DeleteAge chal ke Muslims ye log hi bane hai,, Isliye inlogo ko muslims Btaya usne samjhe
Deleteचंद्रगुप्त मौर्य धनगर गडरिया थे, कुच भी गलत जाणकारी देते हैं आप, आज भी भारतीय parliament के बाहर चंद्रगुप्त मौर्य का पुतला हैं उस पर साफ साफ लिखा हैं अजापाल शेफर्ड बॉय जो की धनगर गडरिया का कहा जाता है
Deleteमोरि एक उपाधि थी ....जो परमार क्षत्रिय लगाते थे ,हरिजन सामाजिक सम्मान पाने के लिए वो उपाधि जाति सूचक के रूप में लगाने लगे .....और फिर कुछ समय बाद उशी पहचान से इतिहास चोरी करने लगे ......चमार ,नन्द भी थे और मौर्य भी - मतलब राजा थे ,फिर चमार लोगो का शोषण कैसे हुआ ,राजा भी थे और अछूत भी हो गए....मतलब कुछ भी ।।
Deleteऔर हा धनखड़ गड़ेरिओ ....सुनो पाल सूर्यवंशी उड़िया बांगोली क्षत्रियो की उपाधि थी जिसे तुम लोगो ने जातिसूचक सब्द के रूप में इस्तेमाल किया नकल किया सामाजिक सम्मान पाने हेतु ....और अब उशी बेस पर इतिहास चुराने लगे .हो...ध्यान दो उपाधि हमेसा नाम के साथ लगती है नाम से दूर नही अजपाल नाकि अजा पाल ध्यान देना
example अनंगपाल तोमर ।।
मतलब अगर सब राजा महाराजा ही थे तो अछूत कौन था सूद्र कौन था जिशका शोषण हुआ ,अगर तुम लोग राजा थे तो तुम लोग ही ब्राम्हणवादी लोगो को संरक्षण प्रदान किये अपने ही लोगो को अछूत बनाने के लिए .....लॉजिक का खून कर दिया तूने उपाधि ,इतिहास चोर (सामाजिक सम्मान हेतु)
बौद्ध धर्म ,जैन धर्म और ब्राम्हण धर्म के साहित्यो का सही से अध्यन करो जिनको तुम गड़ेरिया और हरिजन बताब रहे हो वो खुद अपने आप को क्षत्रिय बताते थे (राजपूत)
तुम लोगो का अजब चरित्र है लाभ लेने के लिए दलित और सामाजिक सम्मान पाने हेतु राजा महाराजा बन जाते हो ....
राजा भी थे और शोषण भी हुआ तुम लोगो का ,अपने मानसिक बीमारी का इलाज कराओ ।।
गुड
DeleteAap khud jahil hai kaha bindusar ka jikra kiya gaya. Changupt maurya ki shadi ko selukas ke beti se bata rahe hai jo aitihasik satya hai
ReplyDeleteWight sikander ke senapati ki ladki helena se chandergupt ne sadi ki
DeleteTo jajahilo tumhe apna itihas kitna pta hai tum logo ne suru se dokha diya hai
DeletePahle itihas jano chutiyo
ReplyDeletePahle itihas jano chutiya
ReplyDeleteUlta pulta news dalta itihas hum bhi pade h mughal ke rajya me Hindu ladka Muslim ladki se viwah karna namumkin waise abhi bhi hai ye
ReplyDeleteTeri bhenki chuth
Deleteनहीं तू देख के आया था
DeleteHa hello Teri बहन की चू त नहीं है क्या हमको लगता है तूने देख के बोला🤣🤣
DeleteAfwah news only
ReplyDeleteHamida bano ka husband humayun tha in sabka answer hum dege but afwah h only sab afwah h but Muslim raja Hindu aurato ko shaadi kiya h ye sach h only
ReplyDeleteTu Dekh ke aya tha kya
Delete.
Kahan padha hai ki hindu raja muslim se sadi karli maha jhuth bolte ho are nalayako muslim nabab sahab log hindi he sadi kiya yah sach hai samjha
ReplyDeleteभोसड़ा के छत्रसाल की बेटी मस्तानी कौन थी
Deleteबप्पा रावल तेरे रावलपिंडी के बाप ...ने ईरान और तुर्की के 35 बड़े बादशाहो की शाहजादियों से शादी की थी ।।
Deleteललितादित्य मुक्तपीड
मिहिरभोज गुर्जर प्रतिहार सूर्यवंशी
नागभट्ट गुर्जर प्रायिहार
बिक्रमादित्य
राणा सांगा ,महाराणा प्रताप ,अमर सिंह राणा ,अमरसिंह राठौर ,राणा राज सिंह ,क्षत्रसाल ....हम्मीर देव ,कान्हल देव और .....राणा कुम्भा ......etc नाम याद रखना
अलाउदीन की बेटी फिरोज शती हुई थी हमारे विराम देव के नाम पर ....जो पूरे eshlam के मुह पर सल्तनत काल के मुह पर कालिख है ।।
Etihas ko badalne me laga tum tum apne bap ke bare me Jan pahle samjha
ReplyDeleteKeval musli kiya hai hindu se sadi samjha
ReplyDeleteBhai हमारे मामा हिन्दू मामी मुस्लिम है जहां तक हम भी मुस्लिम से सादी करेंगे है
DeleteBhai mai kiya hu hindu ladki se sadi ladki abhi bhi hindu dharm ko manti hai par 1 ladka hua hai taimur name rkkha hu
DeleteDono bahari hain to apas me shadi karenge hi
ReplyDeleteBeta gaar me mota mirchi gusa laga na esi ley jhut laga hi Randi Ka
ReplyDeleteBeta gaar me mota mirchi gusa laga na esi ley jhut laga hi Randi Ka
ReplyDeleteVery good inki ma ki chut m
ReplyDeleteChandragupta ki biwi Helena selukas nikoter ki beti thi. Aur Greek rajya ko bachane ke liye selukas ne apani beti ka hath Chandragupta ko diya tha. Wo muslim nahi per videshi thi.
ReplyDeleteJai Shri ram बहुत अच्छे ये खबर हम लोग सभी तक पहुंचाएंगे
ReplyDeleteJai ram ji ki
ReplyDeleteBakwass
ReplyDeleteTumhari maa ki chuttt
ReplyDelete🚩Jay bhawani🚩
ReplyDelete🙏Jay Rajputana🙏
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बेटा इस्लाम का उदय 1400 ईसवी में हुआ है और तू बात कर रहा है 300 ईसा पूर्व की चंद्रगुप्त मौर्य तुझे पता नहीं है अभी इतिहास बेटा सच्चाई छुपा नहीं करती सच्चाई से आपको मिर्ची लगती है फर्जी व्यक्ति पूरा का पूरा मैसेज ही फर्जी डाल रखा है अखंड चूतया अंधभक्त
ReplyDeleteY kon katwa h
Deleteमुश्लिम कंट्रीज जैसे पाकिस्तान में मुश्लिम नेता लोग सिकंदर-ये-काजी की उपाधि लेते है kue भला सिकंदर मुश्लिम थोड़ी न था वो तो यूनानी था फिर मुश्लिम लोग सिकंदर-ये-काजी की उपाधि kue लेते है ?
Deleteकभी सोचा है ...kue की बो अपने आपको सिकंदर का वंशज मानते है ,मतलब सिकंदर का इतिहास उनका इतिहास !!
यहां सेल्युकस निकेटर और हेलेना का वर्णन इसीलिए किया गया है ।।
इसरो के शांतिदूत वैज्ञानिकों को ,जेहादी chutio को मीम भीम के पट्टा धारी पशुओं को ये समझ मे नही आया होगा कि क्षेत्रीय कल्चर का सम्बंध भी कुछ होता है ।।
चंद्रगुप्त मौर्य धनगर गडरिया थे, कुच भी गलत जाणकारी देते हैं आप, आज भी भारतीय parliament के बाहर चंद्रगुप्त मौर्य का पुतला हैं उस पर साफ साफ लिखा हैं अजापाल शेफर्ड बॉय जो की धनगर गडरिया का कहा जाता है
ReplyDeleteNand vans aur morye vansh camaro ka hai lavdo
DeleteSach kaha nand vansh aur maurya vansh ...Ka sambndh chamaro hai, utna hi jitna sonu nigam ka nagar nigam se .(व्यंग्य)
Deleteमोरि एक उपाधि थी ....जो परमार क्षत्रिय लगाते थे ,हरिजन सामाजिक सम्मान पाने के लिए वो उपाधि जाति सूचक के रूप में लगाने लगे .....और फिर कुछ समय बाद उशी पहचान से इतिहास चोरी करने लगे ......चमार ,नन्द भी थे और मौर्य भी - मतलब राजा थे ,फिर तुम लोगो का शोषण कैसे हुआ ,राजा भी और अछूत भी ....मतलब कुछ भी ।।
Deleteऔर है धनखड़ गड़ेरिओ ....सुनो पाल सूर्यवंशी उड़िया बांगोली क्षत्रियो की उपाधि थी जिसे तुम लोगो ने जातिसूचक सब्द के रूप में इस्तेमाल किया सामाजिक सम्मान पाने हेतु ....और अब उशी बेस पर इतिहास चुराने लगे ....ध्यान दो उपाधि हमेसा नाम के साथ लगती है नाम से दूर नही अजपाल नाकि अजा पाल ध्यान देना ।।
मतलब अगर सब राजा महाराजा ही थे तो अछूत कौन था सूद्र कौन था जिशका शोषण हुआ ,अगर तुम लोग राजा थे तो तुम लोग ही ब्राम्हणवादी लोगो को संरक्षण प्रदान किया अपने ही लोगो को अछूत बनाने के लिए .....लॉजिक का खून कर दिया तूने उपाधि ,इतिहास चोर (सामाजिक सम्मान हेतु)
बौद्ध धर्म ,जैन धर्म और ब्राम्हण धर्म के साहित्यो का सही से अध्यन करो जिनको तुम गड़ेरिया और हरिजन बताब रहे हो वो खुद अपने आप को क्षत्रिय बताते थे (राजपूत)
तुम लोगो का अजब चरित्र है लाभ लेने के लिए दलित और सामाजिक सम्मान पाने हेतु राजा महाराजा बन जाते हो ....
राजा भी थे और शोषण भी हुआ तुम लोगो का ,अपने मानसिक बीमारी का इलाज कराओ ।।