सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस को ऑक्सीजन क्यूँ दी --
किसका कर्ज उतारा है मी-लार्ड ने -
वो नंगे साबित भी हुए और नंगे दिखाई भी दिए -
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार तक के लिए यथास्तिथि कायम रखने के
आदेश दे कर कांग्रेस को ऑक्सीजन दे कर उसे बागी विधायकों
को वापस लाने के लिए जोड़तोड़ करने का खुला मौका दे दिया -
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस जानना चाहते हैं कि क्या स्पीकर
को विधायकों के त्यागपत्र स्वीकार करने से पहले उनकी
अयोग्यता पर फैसला देने के लिए बाध्य है --इसलिए मंगलवार
तक स्पीकर विधायकों के त्यागपत्रों पर कोई फैसला ना करें -
न्यायपालिका को ना केवल निष्पक्ष होना चाहिए बल्कि निष्पक्ष
दिखना भी चाहिए --ये कहानी तो अब पुरानी हो गई --अब तो
हकीकत में सुप्रीम कोर्ट के मई, 2018 के येदिरप्पा के लिए दिए
गए आदेश और कल के आदेश को देखें तो यही लगता है कि
न्यायपालिका ना केवल नग्न हो गई बल्कि नग्न दिखाई भी दे रही
है --
17 मई, 2018 को भाजपा नेता बी एस येदिरप्पा को चीफ मिनिस्टर
बनाया गया और 2 हफ्ते में बहुमत साबित करने का आदेश दिया
राज्यपाल ने --कल जो कांग्रेस की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी
अदालत में खड़ा था वो 18 मई, 2018 को राज्यपाल के आदेश के
खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया था --2018 में येदिरप्पा के वकील
मुकुल रोहतगी थे और कल बागियों के वकील भी मुकुल थे -
सुप्रीम कोर्ट की 3 जजों की बेंच ने, जिसमे जस्टिस ए के सिकरी,
जस्टिस बोबडे और जस्टिस अशोक भूषण थे, आदेश दिया कि 24
घंटे में येदिरप्पा बहुमत सिद्ध करें यानि 19 मई,2018 की शाम
4 बजे तक - येदिरप्पा के वकील मुकुल रोहतगी ने बहुत विनती
करी कि सोमवार 21 मई तक का समय दे दीजिये --लेकिन किसी
का तो कर्ज चुकाना था जजों को जो टस से मस नहीं हुए जैसे
सोमवार तक तो आसमान गिर जाता --
फिर आज क्या हो गया सुप्रीम कोर्ट को जो स्पीकर के अदालत के
आदेश को ना मानने पर भी चुप हो गए -आज अपने आप 3 दिन का
समय क्यूँ दे दिया और अभी ये भी पता नहीं कि मंगलवार को भी कुछ
आदेश होंगे या नहीं या मंगलवार तक आदेश देने की जरूरत रहेगी
भी नहीं क्यूंकि कांग्रेस उन 10 बागियों को अपने "तरीके" से वापस
ले आएगी -
अबकी बार बेच में चीफ जस्टिस गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और
अनिरुद्ध बोस थे --जस्टिस सिकरी ने भी अभिषेक सिंघवी की मानी
और रंजन गोगोइ ने भी जबकि मुकुल रोहतगी की दोनों ने नहीं सुनी -
येदिरप्पा की सुनवाई भी शुक्रवार को हुई थी और 24 घंटे का समय
दिया उन्हें और कल भी शुक्रवार था लेकिन अबकी बार कांग्रेस को
बचा लिया मंगलवार तक वेंटिलेटर पर पड़ी कांग्रेस को ऑक्सीजन
दे कर --जिस पार्टी को जनता ने ठुकरा दिया और जिसके विधायक
उसे ठुकरा रहे हैं, उसे सुप्रीम कोर्ट के जज बचा रहे हैं --
विधायकों की अयोग्यता पर फैसला पहले कैसे हो सकता है, ये कोई
मूढ़ मति का व्यक्ति भी जानता है क्यूंकि अयोग्य साबित करने के
लिए या तो विधायकों ने त्यागपत्र दिए हो जो स्वीकार कर लिए गए
हों और या उन्होंने पार्टी का अनुशाशन भंग किया हो, किसी व्हिप को
ना मान कर -स्पीकर को अयोग्यता पर फैसला करने के लिए पहले
त्यागपत्र स्वीकार करने पड़ेंगे और तब कांग्रेस उन्हें अयोग्य करने के
लिए स्पीकर को कह सकती है --
त्यगपत्रों को स्वीकार किये बिना अयोग्य करार देने का मतलब तो ये
होगा कि अभी तलाक हुआ नहीं और पति को मुआवजा देने के आदेश पहले दे दिए गए -
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