आज आपको सुप्रीम कोर्ट की निष्पक्षता व न्याय का स्तर बताने हेतु एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहें हैं *..*..

आज आपको सुप्रीम कोर्ट की निष्पक्षता व न्याय का स्तर बताने हेतु एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहें हैं *..*..

वर्ष 2018 में जब कर्नाटक चुनाव सम्पन्न हुए थे तो भाजपा चुनाव जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी किंतु बहुमत से कुछ दूर थी, इसके बाद भाजपा ने राज्यपाल को सरकार बनाने का दावा प्रस्तुत किया, इसी बीच कांग्रेस व जेडीएस ने भी मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया *..*..

परन्तु सर्वाधिक जीते हुए विधायकों की पार्टी होने के कारण नियमानुसार राज्यपाल ने भाजपा को सरकार बनाने हेतु आमंत्रित किया !!

राज्यपाल के इस निर्णय के विरोध में कांग्रेस रात में ही सुप्रीम कोर्ट गई, और चमत्कारिक रूप से नियमों के विरुद्ध रात के 1:00 बजे सुप्रीम कोर्ट खुल गया और उसी समय 10 मिनट की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को 24 घंटों के अंदर सदन में अपना बहुमत साबित करने को कहा *..*..

अब कर्नाटक में वर्तमान स्थिति यह है कि कांग्रेस व जेडीएस के कई विधायक त्यागपत्र दे चुके हैं, कांग्रेस मिलीजुली सरकार कर्नाटक में अब बहुमत से बहुत दूर है, किन्तु वही सुप्रीम कोर्ट इस विषय की सुनवाई हेतु पूरे 2 दिन का समय लेता है और कांग्रेस को 4 दिनों का समय देता है, अपने विधायकों पर दबाव बनाकर उनका द्वारा दिया त्यागपत्र उनसे वापस लेने हेतु *..*..

*तुलना कर लीजिये सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए इन निर्णयों की*:-

🛑 कर्नाटक चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा को रात के 1 बजे सुनवाई कर 10 मिनट की सुनवाई में 24 घण्टे का समय देकर बहुमत साबित करने का फरमान जारी करना !!

🛑 उसी कर्नाटक में कांग्रेस खिचड़ी को पूरे 2 दिन की सुनवाई के बाद 4 दिनों का समय देकर अपने विधायकों को रुकवा कर अपनी सरकार को बचाने का अवसर देना !!

सुप्रीम कोर्ट दशकों से कांग्रेस द्वारा सींची गयी संस्था है जिसमें कॉलेजियम सिस्टम द्वारा कांग्रेस के वफादार और कांग्रेसी गोत्र के लोगों को ही जज बनाया जाता है, *वर्तमान सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस गोगोई भी कांग्रेस के पूर्व असम मुख्यमंत्री केशब चन्द्र गोगोई के पुत्र है !!*🤔🤨

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