मनु स्मृति लिखने वाले ब्राह्मण नहीं थे। महाराज मनु क्षत्रिय थे।

मनु स्मृति लिखने वाले ब्राह्मण नहीं थे। महाराज मनु क्षत्रिय थे।

इसी तरह गीता का ज्ञान देने वाले कोई ब्राह्मण नहीं थे, भगवान श्रीकृष्ण थे। जिन्हें यदुश्रेष्ठ कहा गया।

महाभारत को लिखने वाले भी ब्राह्मण नहीं थे। वह मछुआरे थे। उनके पिता अवश्य तकनीकी रुप से ब्राह्मण थे लेकिन कभी स्वीकारे नहीं गये। समाज में वह मछुआरे ही थे।

रामायण को लिखने वाले भी कोई ब्राह्मण नहीं थे। वह तो शूद्र थे। और उस रामायण के महानायक.... क्या वो ब्राह्मण थे?? नहीं... क्षत्रिय थे। बल्कि उस ग्रंथ का खलनायक ब्राह्मण था।
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लेकिन दलित मुवमेंट और तथाकथित जय मीम जय भीम वाले कभी किसी ठाकुर को, यादव को या फिर मल्लाह को, भंगी को गाली नहीं दे सकते।
इसका एकमात्र कारण यह नहीं है की समाज में व्यवस्था बनाए रखने के जिम्मेदार ब्राह्मण थे।

दूसरा लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की ब्राह्मणों के अलावा ये सब जो जातियां हैं वह मार्शल/लङाकू जातियां हैं।
इनको गाली देने में इन दलित मुवमेंट और जय भीम और जय मीम वालों की फट जाती है।

इनको यदि गाली दिया तो बदले में भरपूर पिटाई होगी और इतनी पिटाई होगी की मुवमेंट वहां घुस जाएगा, जहां से शुरु हुआ था।
इसलिये साफ्ट टारगेट खोजो। ब्राह्मणों को गाली देते रहो। रस्सी पीटकर, सांप पीटने का भ्रम बनाये जाने का माहौल बनाते हैं। ऐसे डरपोक और दोगले जातिवाद खत्म करना चाहते हैं।

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