मोहनदास करमचंद गांधी को गोली लगी ! भीगे अनाज की बोरी की तरह वहीँ गिर पड़े ! मुँह से कोई बोल फूटा ही नहीं ! किसी चालाक बिल्ली ने उड़ा दिया कि मरते समय 'हे राम' बोला था !

मोहनदास करमचंद गांधी को गोली लगी ! भीगे अनाज की बोरी की तरह वहीँ गिर पड़े ! मुँह से कोई बोल फूटा ही नहीं ! किसी चालाक बिल्ली ने उड़ा दिया कि मरते समय 'हे राम' बोला था ! हिंदुओं ने बेवजह ही गांधी को अपना आदर्श सनातन नेता मान लिया ! कवि प्रदीप ने तो एक 'हे राम' कहते हुए भजन ही ठोक दिया !*

*गांधी वह हस्ती थे जिन्होंने हिंदुओं को विधर्मियों के हाथों, क़त्ल और संतुष्ट होने तक बलात्कार झेलने की सलाह दी थी ! गांधी ने सत्य और न्याय की भीख मांगते हिंदुओं का कभी साथ नहीं दिया, बेशक हिंदुओं को मूर्ख बनाने के लिए रामराज्य' की पीपनी बजाते रहे और मुसलमानों की हर नाजायज़ मांग को, अनशन और भूख हड़ताल जैसी इमोशनल ब्लैक मेलिंग कर, मनवाते रहे ! इसी धींगामुश्ती में वह परमानेंट राष्ट्रपिता की पोस्ट पा गए !!*

*कवि प्रदीप ने ही एक गाना और लिखा 'ज़रा आँख में भर लो पानी' !! लता जी ने लाल किले के मंच से उपरोक्त गीत गाया, सभा में आशिक सम्राट नेहरू भी थे ! कार्यक्रम के उपरांत नेहरू ने लता जी से कहा कि 'तुम्हारा गाना सुनकर मेरी आँखों में आंसू आ गए ' किसी प्रत्यदर्शी ने मौके पर नेहरू को रोते,आंसू बहाते नहीं देखा था ! झूठ को प्रचारित कर चीन युद्ध में मारे गए हज़ारों सैनिकों की मौत के ज़िम्मेदार को देशप्रेमी बता दिया गया और झूठ को आज भी ढोया जा रहा है !!!*

*ऐसा ही एक झूठ आज तक ढोया जा रहा है कि अटल बिहारी बाजपेयी ने 1971 के बांग्ला युद्ध के दौरान संसद में इंद्रागांधी को दुर्गा कहा था ! लोकसभा के मिनट्स मौजूद हैं ! कोई उल्लेख नहीं है ! बाजपेई जी ने स्वयं कहा कि मैंने इंद्रा को कभी दुर्गा नहीं कहा परंतु भाजपाई तक इस कांग्रेसी झूठ को ढो रहे हैं !!*

*हद हो गई, अफवाहों से ही इस देश का इतिहास बना है ! जैसे औरंगज़ेब टोपी सी कर अपना भरण पोषण करता था ! हत्यारे औरंगज़ेब की लाखों हिंदुओं की हत्याओं- जज़िया और धर्मपरिवर्तन की सच्चाई को गायब कर दिया गया ! लीजिए अकबर तक 'महान' था !लाखों हिंदुओं का हत्यारा ,मीना बाजार सरीखा वेश्यालय, जिसमे 5000 हिंदु औरते प्रतिदिन मुग़ल और तुर्क सैनिकों की वासना की भेंट चढ़ती थी,का संस्थापक अकबर, हम भारतीयों को "महान" दिखता है !!*

*एक ऐसी ही अफवाह पर देश विश्वास किये बैठा रहा है कि क्वात्रोकी सोनिया के महज़ एक मित्र थे और अहमद पटेल सिर्फ एक राजनीतिक सलाहकार !! ब्राह्मण सिर्फ इस झूठ पर पांच दशक तक कांग्रेस को वोट देते रहे कि गांधी परिवार ब्राह्मण है !!*

*अफवाहें ही इस देश में सच बन गईं जैसे राजदीप सरदेसाई कहते हैं कि अम्बेडकर फ्रीडम फाइटर थे और मुसलमानों ने आज़ादी की लड़ाई में भाग लिया !! अफवाहों के आधार पर ही मदरसा शिक्षित अबुल कलाम आज़ाद स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षामंत्री बन बैठे,जिन्हें हिंदी और इंग्लिश लिखना नहीं आता था !*

*यह भी अफवाहें ही थी जिसमे भोले हिंदू,सूफी इस्लाम को भाई-चारे और मानवता का धर्म समझते रहे ! सूफी इस्लाम, इस देश में सॉफ्ट इस्लाम का विज्ञापन बन कर आया , करोड़ों हिंदुओं को साम-दाम-दंड-भेद से इस्लाम का कलमा इसी सूफी इस्लाम ने पढ़वाया ! कश्मीर और भारतीय उपमहाद्वीप में फैले 75 करोड़ उग्र और धर्मांध शांतिदूत हमारी नासमझी का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं !

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