#भारत पाकिस्तान नाम भी रख सकते थे फ़िल्म का

#भारत
पाकिस्तान नाम भी रख सकते थे फ़िल्म का

जितने सफेद बाल मेरी दाढ़ी और सर पर है उससे कहीं ज्यादा रंगीन मेरी जवानी रही है, इस डायलॉग के साथ शुरू हुई है फ़िल्म भारत।

(अब भाई इस वाहियात अधेड़ की जवानी से आप सभी परिचित है ही तो इस संवाद पर तो उल्टी ही आएगी।) 🤓

#आइए_फ्रेम_दर_फ्रेम_देखिये

देश के विभाजन के बाद मुस्लिमो की लाशों से भरी ट्रेन भारत से पाकिस्तान गयी जिसके बाद वहां के मुस्लिमो का खून खौल गया। मतलब शुरुआत भारत से हुई थी। #शाबास 👏👏

नायक की बहन नेहरू जैसे किसी लड़के से शादी करना चाहती है क्योंकि नेहरू सबसे आकर्षक, सौम्य और अनुकरणीय व्यक्ति थे।
#बहुत_खूब 👏👏

देश की अर्थव्यवस्था और उन्नति मनमोहनसिंह के वित्त मंत्री बनने के बाद सुदृढ हुई क्योंकि ग्लोबलाइजेशन मिस्टर सिंह की देन है।
#उत्तम 👏👏

नायक की बहन विभाजन में बिछड़कर एक मुस्लिम के द्वारा पाली गयी और निकाह के बाद बेहद खुश है। धर्म परिवर्तन और लव जिहाद को स्वीकृति।
#बेहद_प्रभावशाली 👏👏

शायद मैं पहला खुशनसीब होऊंगा जिसे उसकी माँ ने लिव इन मे रहने की इजाजत दी। ग़ैरसामाजिक कुकृत्यों की हिमायत।
#साधुवाद 👏👏

विश्व की बड़ी से बड़ी समस्या बातचीत से हल हो सकती है। इस संवाद द्वारा पाकिस्तान के प्रति अपनी निष्ठा बताई। #वतनपरस्त 👏👏

ये नया भारत है।
छोटी दुकानों को तोड़कर मॉल बनाना देश की उन्नति है। ये डायलॉग सीधे निम्न और मध्यम वर्गीय दुकानदारों पर वार है। नायक को *विशेष नमन* 👏👏
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आगे आप समझ ही रहे होंगे कि फ़िल्म में क्या और किस तरह पेश किया गया होगा।

सर्वप्रथम तो ये की मु-सलमान खान कभी प्रथम श्रेणी का कलाकार था ही नही।

बंदरों की भांति उछलकूद और भोंडापन जाने कैसे उसे प्रसिद्धि दे गया।
उसपर कैटरीना जैसी रोबोट कलाकार (भावशून्य) फ़िल्म को उबाऊ बनाने में उसकी मदद ही करती है।

तरस आता है लाचार भारतीय समाज की बुद्धि पर जो ऐसे दो कौड़ी के कलाकारों पर करोड़ो लुटा देती है।

कहानी के नाम पर बकवास, किसी भी फ्रेम का अगली फ्रेम से नही जुड़ता है। पूरा कहानी कुर्ला परला बना के छोड़ दिया है।

निर्देशक क्या कहना चाहता है ये आप थियेटर से बाहर आकर किसी अन्य दर्शक से पूछिए, वो भी आप ही कि तरह ठगा हुवा ना हो तो कहना।

शायद देश मे नायक और नायिका ही २ जीवित लोग थे क्योंकि इन्हें जब जो चाहे वो नोकरी या काम मिल जाता था।

मैंने ये फ़िल्म डाउनलोड करके देखी है क्योंकि बॉलीवुड के किसी खान की फ़िल्म पर पैसा लुटाना एक अरसे से छोड़ चुकी हूं👌🏻

समझा दिया,आगे आपकी इच्छा है थियेटर जाए ना जाये।

इससे अच्छा आप सभी #दी_ताशकंत_फाइल्स देखे जिसमे पूरे देश के साथ हुए एक बड़े षड्यंत्र को सही तथ्य व प्रमाण के साथ बताया गया है।

#जय_हिंद💪🏻🚩
#वन्देमातरम💪🏻🇮🇳

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