राजीव गांधी और उनके मित्र INS विराट पर कौन सा आफिसियल काम कर रहे थे ?
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कांग्रेस ने न केवल संसद में अपने परिवार के बफादारों को पहुंचाया था बल्कि हर संस्थान में अपने परिवार के बफादार लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर बिठा रखा था. युद्धपोत पर राजीव गांधी के छुट्टी मनाने की सफाई देतेे हुए पूर्व एडमिरल रामदास के कहा है कि- राजीव गांधी आधिकारिक दौरे पर आई एन एस विराट पर 10 दिन के लिए थे.
हम उनके पद का सम्मान करते हुए मान लेते हैं कि- राजीव गांधी सहित वे 30 लोग, दस दिन की आफिसियल विजिट पर थे, लेकिन आपको यह भी तो बताना चाहिए कि - आखिर राजीव गांधी, अमिताभ बच्चन और राजीव की ससुराल वाले (कुल 30 लोग) युद्धपोत (आईएनएस विराट ) पर, कौन सा आफिसियल काम कर रहे थे ?
क्या वे तीस लोग समुद्र में चलते हुए जहाज की धुलाई सफाई कर रहे थे, उसके कलपुर्जों की मरम्मत कर रहे थे या फिर वहां मौजूद नौसैनिकों को युद्धाभ्यास करा रहे थे ? राजीव गांधी, उनका परिवार, उनके रिश्तेदार और उनके बच्चे, आईएनएस विराट पर नौसैनको की सेवा कर रहे थे या नौसैनिकों से अपनी सेवा करवा रहे थे ?
बैसे इनके बारे में आपको बताते चलते हैं कि - ये पूर्व एडमिरल रामदास जी टुकड़े - टुकड़े गैंग के सबसे बड़े मेंटर हैं और असहिष्णुता गैंग में भी शामिल रहे हैं. इन्होंने जेहादी आतंकी अफजल गुरु और याकूब मेमन की फांसी की माफी की मांग वाले पत्र पर भी हस्ताक्षर किए थे. ये श्रीमानजी हिंदुत्व, भाजपा और मोदीजी के कट्टर विरोधी भी हैं.
आईएनएस विराट पर नौसेना के अधिकारी रहे कमांडर हरिंदर सिक्का का कहना है कि - आईएनएस विराट को निजी तौर पर इस्तेमाल किए जाने पर नौसेना के अधिकारियों में नाराजगी थी लेकिन हम लाचार थे क्योंकि न तो हम अपनी आवाज उठा सकते थे और न ही शिकायत कर सकते थे। ऐसा करने पर, हम पर केस दर्ज हो जाता.
उनका कहना है कि - 'आईएनएस विराट उस समय हमारा प्रमुख युद्धपोत हुआ करता था. एक प्रधानमंत्री के रूप में राजीव गांधी के इस युद्धपोत पर आने पर हमें कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन उस समय कई ऐसे मौके भी होते थे जब सुरक्षा कारणों के चलते, नौसेना के अफसरों तक को डेक पर आने की मनाही होती थी.
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