एक होती है फुटबॉल ....... पैरों से खेली जाती है

एक होती है फुटबॉल ....... पैरों से खेली जाती है ...... उसमे थोड़ी भोत धक्का मुक्की तो चलती है , एकाध बार अंटी लंगड़ी भी मार देते हैं ....... पर हाथ से गेंद को छूना अपराध नही बल्कि पाप है ........

एक दूसरा गेम है Hand ball .... इसमे हाथ से गेंद को हल्का फुल्का dribble करते हुए गोल में पहुंचाना होता है ....... गोल के बाहर एक semi circle होता है , उसके बाहर से ही गोल मारना पड़ता है .........

एक तीसरा गेम भी है ....... उसको बोलते हैं Rugby ...... उसमे सारी दुनिया के सबसे तगड़े प्लेयर होते हैं ........ मने जितने भी ओलंपिक और विश्व स्तर के heavy wt पहलवान , जुडोका , Boxer होते हैं वो सब Rugby में आ जाते हैं ...... इस गेम में बॉल एक लाइन के पार करानी है , चाहे जैसे कराओ ....... कोई सामने आ जाये तो उसके भैंसे की तरह टक्कर मारो ....... उठा के साले को पटक दो , टांग पकड़ के घसीट लो .......... इस गेम में हल्का फुल्का 40 किलो का आदमी कामयाब नही है ........ इसमे 100 -- 120 वाले कामयाब हैं ........

जहां तक मैंने पढ़ा है , आज़ाद भारत की पहली चुनावी धांधली खुद चचा लिहरू ने की थी रामपुर में , जब वहां से चुनाव हार चुके एक कांग्रेसी को DM पे दबाव डाल के जबरदस्ती जितवा दिया था ........ उससे भी पहले एक चुनावी धांधली अपने ब्रह्मचर्य के प्रयोग वाले बापू ने की थी कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में जब नेता जी को जबरदस्ती मैदान से हटाया गया .......

उसके बाद चुनावी धांधली , बूथ कैप्चरिंग , चुनावी रिश्वत , पैसा , साड़ी , शराब बांटना इंदिरा G और संजय G ने शुरू किया ........ फिर चोरों डाकुओं माफिया को टिकट दे के सांसद , विधायक और मंत्री बनाना भी इन्ने ही शुरू किया .......... इसके अलावा जातिवाद , साम्प्रदायिकता , दल बदल , Horse Trading जैसे जो भी पाप आज राजनीति में हैं , सबकी जननी यही congress ही है ।

Congress ही वो पार्टी थी जिसने फुटबॉल में fowl खेल उसे Handball बनाया ........ पर मज़े की बात ये कि खुद तो फुटबॉल में handball खेलती थी पर सामने वाली टीम का हाथ हल्का सा भी छुआ जाए तो Hand Hand चिल्लाती थी ........

कालांतर में देश मे कुछ ऐसी पार्टियां बनी जो धीरे धीरे हैंडबॉल खेलना सीख गई और उन्ने इस खेल में कांग्रेस को पटखनी दे दी और इनसे बहुत आगे निकल गए ।
दुर्भाग्य से भाजपा इस हैंडबॉल के खेल में फिसड्डी साबित हुई और इसमें ऐसे ऐसे ढपोरशंख हुए जो संसद में एक वोट नही खरीद पाए ........ और सरकार गँवा बैठे ।

कालांतर में इस भाजपा पार्टी में भी दो खिलाड़ी ऐसे आये जिन्ने इस हैंडबॉल के खेल में रिसर्च करी और इसे रग्बी बना दिया ........ अब फुटबॉल में हैंडबॉल खेलने वाली पार्टियाँ Hand Hand और Fowl Fowl चिल्ला रही हैं ........

भैया ...... अब फुटबॉल और हैंडबॉल के दिन गए ...... अब तो Rugby चलेगी ....... और आप तो जानते ही हैं कि इस Rugby में ये 40 - 40 किलो के चिकने , कमसिन , cute , Sexy , So Sweet कूल डूड नही चलते ......... इसमे चाहिए सवा छह फुट ये 120 किलो के पहलवान ....... जो एक टक्कर मार दे फूल स्पीड से तो सामने वाला छितरा जाए ........

कल ग़ाज़ीपुर में माफिया अफ़ज़ाल अंसारी रो रिया था ...... धांधली हो रेली है ....... फ़र्ज़ी वोट पड़ रिया है ...... शराब बंट री है ....... गुंडा गर्दी हो रेली है .......

लोकतंत्र की हत्या हो रेली है ....... लोकतंत्र खतरे में है ....... संविधान खतरे में है ........ ये आखिरी चुनाव है .........

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