मोदी को रोकने के लिए यह आखिरी दांव चला गया है! #RafaleDeal पर सुप्रीम कोर्ट चुनाव के बाद फैसला सुनाएगा। अभी सिर्फ 'फिर से होगी सुनवाई' कहकर चुनावी दाव चला गया है। और तय मानिए चुनाव के बाद आए फैसले में मोदी सरकार को क्लीनचिट मिलेगी।
मोदी को रोकने के लिए यह आखिरी दांव चला गया है!
#RafaleDeal पर सुप्रीम कोर्ट चुनाव के बाद फैसला सुनाएगा।
अभी सिर्फ 'फिर से होगी सुनवाई' कहकर चुनावी दाव चला गया है। और तय मानिए चुनाव के बाद आए फैसले में मोदी सरकार को क्लीनचिट मिलेगी।
याद कीजिए इसी राफेल पर दिसंबर में भी तीन राज्यों का चुनाव परिणाम आने के बाद माननीयों ने सरकार को क्लीनचिट दी थी। यानी रागा को तब भी खेलने का मौका दिया था, और अब भी वही मौका दिया गया है।
आप सब जानते हैं कि यह सब केवल कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया गया है। प्रशांत भूषण, कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी जैसे कोर्ट-फिक्सर इसीलिए तो अदालत में रखे गये हैं। सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायधीशों ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाने का इतना प्रयास किया था, अब प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें हटाने की आखिरी कोशिश भी तो करेंगे ही।
फर्जी ताबूत घोटाले पर अदालती फैसला याद है न? वाजपेई सरकार को गिराने के लिए कांग्रेस ने रचा था खेल। सरकार जाने के वर्षों बाद SC ने वाजपेई सरकार को क्लीनचिट दिया था, लेकिन तब तक जो खेल का परिणाम निकलना था, वह निकल चुका था।
राममंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का खेल पता ही है कि सबूत होते हुए भी सुनवाई की तिथि दो साल तक टालती रही, और अब बातचीत का खेल रचा गया है।
आपको याद है कि प्रसिद्ध वकील हरीश साल्वे ने कहा था, चुनाव हारकर भी कांग्रेस अदालत के जरिए मोदी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास करती रहेगी।
यह मोदी सरकार भी जानती थी, इसीलिए कॉलेजियम सिस्टम हटाने का प्रयास किया था ताकि देश की सबसे बड़ी अदालत कांग्रेसी परिवार से मुक्त हो सके, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया था।
बड़ी बहुमत से मोदी सरकार को लाइए, यदि सचमुच सत्ता से एलिट लुटियन्स गिरोह को बाहर निकालना चाहते हैं।
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