56" की छाती वाले चौकीदार आपको कोटि कोटि धन्यवाद.! भोपाल से साध्वी प्रज्ञा को टिकट क्यों दिया.? उपरोक्त सवाल का जवाब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं दे दिया है। ***************

56" की छाती वाले चौकीदार आपको कोटि कोटि धन्यवाद.! भोपाल से साध्वी प्रज्ञा को टिकट क्यों दिया.?
उपरोक्त सवाल का जवाब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं दे दिया है।
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शुक्रवार की रात्रि को टाइम्स नाऊ को दिए गए अपने इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बहुत साफ शब्दों में कहा कि...
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"वसुधैव कुटुंबकम" वाली हमारी 5 हज़ार वर्ष से अधिक प्राचीन संस्कृति, जो यह सन्देश देती है कि...

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः,
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःख भाग्भवेत्।

उस संस्कृति को आतंकवादी कहकर कलंकित करने का प्रयास जो कर रहे थे, यह उन लोगों को हमारा जवाब है।
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प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि "1984 में मारे गए हज़ारों निर्दोष सिक्खों का कत्ल करने वाले--
    जिन लोगों की पहचान करने वाले सैकड़ों चश्मदीद गवाह उनका नाम ले लेकर चीखते रहे ,

लेकिन उन लोगों को विधायक सांसद मंत्री बनाया गया, उन्हीं में से एक को अभी मप्र का मुख्यमंत्री बनाया गया है।
तब वो लोग और लुटियंस मीडिया क्यों चुप रहे जो अब एक टिकट दिए जाने पर हंगामा कर रहे हैं।"
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साध्वी प्रज्ञा को टिकट दिए जाने के खिलाफ हुड़दंग कर रहे धूर्तों को ऐसी ही कठोर जूतांजलि हर भारतीय द्वारा दिए जाने की आवश्यकता है।
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यह हर भारतीय का दायित्व भी है और कर्तव्य भी है लेकिन शुक्रवार को यह जूतांजलि जब देश के प्रधानमंत्री और 56" की छाती वाले भारतीय धर्म संस्कृति के चौकीदार/सेवक द्वारा दी गयी तो हर भारतीय की छाती खुशी से फूलकर 56" की हो गयी है। देश उनसे यही अपेक्षा करता है।
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