गन्दी राजनीती करने वालो से सावधान रहे.. सतर्क रहे**ध्यान दीजिए,#मैं अपने काम छोड़ कर भारत सिर्फ वोट देने आ सकती तो आप देश में रह कर चुनाव के पर्व में अपना धरम नहीं कर सकते?? अपने वोट की किम्मत पहचाने और वोट जरूर करे ...जिनको 2004 का चुनाव याद है वो Result वाले दिन लगा......SHOCK⚡ नहीं भूले होंगे।
गन्दी राजनीती करने वालो से सावधान रहे.. सतर्क रहे**ध्यान दीजिए,#मैं अपने काम छोड़ कर भारत सिर्फ वोट देने आ सकती तो आप देश में रह कर चुनाव के पर्व में अपना धरम नहीं कर सकते??
अपने वोट की किम्मत पहचाने और वोट जरूर करे ...जिनको 2004 का चुनाव याद है वो Result वाले दिन लगा......SHOCK⚡ नहीं भूले होंगे।
सारे Opinion Poll, Survey, राजनीति के पंडित TINA (There Is No Alternative) फैक्टर की बात करके एक ही बात कह रहे थे कि *वाजपेयी जी की जीत निश्चित है।* निश्चिन्तता की ऐसी हवा चली कि Middle Class वोटर्स,,वोट देने नहीं निकले और देश की गद्दार सोनिया अप्रत्याशित रूप से चुनाव जीती। सोनिया की इस जीत से खांग्रेसी strategist की एक बात सही साबित हुई कि
सामान्य वोटर्स आलसी है और उसके इस आलसीपन को हवा देना जीतने का एक तरीका है।
ये रणनीति फिर से दोहराई जा रही है? सतर्क रहे ..... चाल को समझे और वोट जरूर करे
1. पहले वाराणसी से प्रियंका वाड्रा के चुनाव लड़ने की खबर उड़ाई गई।
2. फिर ऐन मोदी के रोड शो के दिन प्रियंका के पीछे हटने की घोषणा करके 'कांग्रेस के डर जाने का' एक 'संदेश' दिया गया।एक नाटक एक हाई ड्रामा
3. पिछले बार के हारे हुए प्रत्याशी अजय राय को फिर से खड़ा किया गया।
4. SP-BSP ने भी मेयर चुनाव में हारी हुई उम्मीदवार को खड़ा किया।
5. Anti Modi पत्रकार संजीव श्रीवास्तव, नलिनी सिंह, नीरजा चौधरी और कांग्रेस समर्थक सुमन रमन आदि अचानक..."मोदी की जीत तय"...होने का संदेश देने लगे।
6. गांधी-वाड्रा के करीबी Sam Pitroda ने प्रियंका के स्वयं हटने की बात फैलाई, ये संदेश देने की कोशिश की कि प्रियंका और कांग्रेस मोदी से डर गए।ये सब अचानक अपने आप नहीं हो रहा है बल्कि ये भी एक चुनावी रणनीति है वोटर्स को demotivated करके वोट नहीं करने को प्रोत्साहन करने की साज़िश के तहत ये कांग्रेसी लूटेरो की गन्दी चाल है ? झांसे में न आये अपना वोट जरूर करे
याद रखिये....वाजपेयी जी इसलिये नहीं हारे थे कि वो पॉपुलर नहीं थे
बल्कि इसलिए हारे थे कि middle class वोटर्स उनकी जीत को निश्चित समझ कर वोट देने नहीं निकला बल्कि छुट्टी मनाने चला गया। वोट % था केवल 56%
इस भयंकर षड्यंत्र को समझें और ये जान लें कि मोदीजी की सरकार तो निश्चित तभी होगी जब हम सब अपना अपना वोट देने खुद भी घर से निकलें और अपने दोस्तों, परिवार वालो और पड़ोसियों को भी साथ लेकर जाएं।
षड्यंत्र को समझे और इस षड्यंत्र का पर्दाफाश करें और अधिकाधिक मतदान करें।
वोट करना भी (ही) देशभक्ति है,,अपने वोट की किम्मत समझे वोट जरूर करे और देश हित में वोट करे
जागरूक बने देश के प्रति अपना कर्तब्य करे .. देश को प्रेम करे ये देश ही आपका भविष्य है ..
देश के सिपाही बने सजग बने समाज सेवक देश सेवक बन कर अपना कर्तब्य करे.. चलो वोट करे
Comments
Post a Comment