लाल कृष्ण आडवाणी जैसे युग पुरुष सदियों में एक बार आते हैं।

आप लाख मीम बनाए, मज़ाक़ बनाएँ या फिर बेचारगी व्यक्त करें, लाल कृष्ण आडवाणी जैसे युग पुरुष सदियों में एक बार आते हैं।

बँटवारे के वक़्त जब वह भारत आए तब भी वह इतने अमीर थे कि उस समय भी हवाई जहाज़ से चलते थे। चाहते तो आज़ाद भारत में कहीं भी कांग्रेस की ग़ुलामी करते हुवे करोड़ के दो करोड़ के सौ करोड़ करते। लेकिन विचार धारा थी, ऐसी पार्टी से आरम्भ किया जो पक्ष दूर विपक्ष में भी नहीं थी। लोग पूरे जीवन भर में एक बड़ा घर बना लेते हैं उपलब्धि मानते हैं आडवाणी जी ने शून्य से आरम्भ कर पार्टी को शिखर तक पहुँचाया। आज की तारीख़ में आरोप दूर अपराध सिद्ध हो जाने के बाद भी लालू जैसे लोग जेल से राजनीति करते हैं, आडवाणी जी ने आरोप मात्र लगते ही मंत्री परिषद से त्याग पत्र दे दिया था कि वापिस तभी join करेंगे जब निर्दोष साबित हो जाएँगे और join भी तभी किया।

विचार धारा ही रही कि आडवाणी जी की पुत्री को उनकी सीट से टिकट दिया जा रहा था आडवाणी जी ने माना कर दिया, आजीवन वंशवाद के ख़िलाफ़ लड़े, एक अदद सांसदी के लिए इस आयु में ये जघन्य अपराध विचार धारा वाला व्यक्ति ना करेगा।

पार्टी ने भी उन्हें बहुत सम्मान दिया। हम जैसे करोड़ों कार्यकर्ता उन्हें दिल में रखते हैं। पार्टी ने उन्हें गृह मंत्री, उप प्रधान मंत्री, नेता विपक्ष और एक बार प्रधान मंत्री पद का दावेदार बनाया।

कालांतर में भी जब मीडिया और सोसल मीडिया के तथाकथित ट्रोल और मीम वाले आडवाणी जी के मीम बनने में व्यस्त थे, आडवाणी जी सदैव पार्टी के साथ खड़े रहे, जहाँ ज़रूरत पड़ती है वहाँ पहुँचते हैं। इस आयु में भी अटल जी की शव यात्रा में पूरा समय वहाँ मौजूद रहे बुज़ुर्ग की भाँति। कहीं भी रैली हो, लोकसभा में वोट पड़ना हो, पार्टी जो दायित्व देती है आडवाणी जी उसे अभी भी पूरा करते हैं। राष्ट्रपति चुनाव के समय भी जब सोसल मीडिया मीम बना रहा था, आडवाणी जी प्रसन्न चित लाइन में खड़े होकर पार्टी द्वारा घोषित  प्रत्याशी के पक्ष में वोट डाल रहे थे।


उन्होंने जीवन  लड़ते हुवे काट दिया, अब उन्हें लड़ने की ज़रूरत नहीं, दस करोड़ की फ़ौज है लड़ने के लिए। आडवाणी जी संगठन के व्यक्ति हैं, अभी भी संगठन जहाँ और जो भूमिका उचित समझेगा मैं सौ प्रतिशत दावे के साथ कह सकता हूँ आडवाणी जी वहाँ सबसे आगे खड़े दिखेंगे।

कृपया उनके लिए बेचारगी व्यक्त कर या मज़ाक़ कर उनका अपमान ना करें।

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