देश में इंदिरा गांधी की सरकार थी ।
फखरूद्दीन अली अहमद उपराष्ट्रपति थे ।
इंदिरा गांधी OIC (इस्लामिक देशों का संगठन) से गिड़गिड़ा रहीं थीं कि मैं दुनिया के सबसे बड़े इस्लामी मुल्क (सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश) की मुखिया हूं, मुझे भी ख़िलाफत में ले लो।
OIC ने काफ़िर इंदिरा जी को तो नहीं, पर मुस्लिम होने के नाते उपराष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद को आने की अनुमति दी (भारत को सदस्यता नहीं दी). फखरूद्दीन मियां मोरक्को पहुंचे । पर पाकिस्तान ने उनके भाग लेने पर रोक लगवा दी। मियां मुंह काला करवा के वापस।
अब ये दृश्य देखिए....
भारत की महिला विदेश मंत्री "गेस्ट आफ आनर" अर्थात विशिष्ट आमंत्रित अतिथि बन कर जाती हैं, पाकिस्तान बहिष्कृत होता है, भारत की नारी वेद व गुरुग्रंथ साहिब से उद्धरण देकर भारत का संदेश देती है।
आखिर क्या बदला है ?
बस धर्म पर चलने वाला शासक मिल गया है यही ना ?
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