सदी के महानतम पत्रकार और तमाम एलियंस को पछाड़ते हुये " मिस्टर जर्नलिस्ट यूनिवर्स" रवीश कुमार जी ने अब राष्ट्रवादियों से फ्रस्ट्रेट होकर झूठ की वो बुलंदिया चढ़ना शुरू कर दिया है

मीडिया में भी इंसान ही होते हैं। अतः, बिल्कुल जरूरी नहीं है कि आप पूर्वाग्रह ग्रसित ना हो। हो सकता है आप मोदी से नफरत करें, RSS की तुलना तालिबान से करें। कोई बात नहीं है। हर किसी से अक्ल की उम्मीद हम करते भी नहीं हैं। पर जिम्मेदारी की करते हैं।

आप निजी जिंदगी में जो भी सोचें पर खबर बनाते वक्त आपका मुद्दा सिर्फ खबर होना चाहिये, उससे जुड़ा हर पक्ष होना चाहिये, तथ्य होना चाहिये। सदी के महानतम पत्रकार और तमाम एलियंस को पछाड़ते हुये " मिस्टर जर्नलिस्ट यूनिवर्स" का खिताब लगातार अपने बगलों में दबाये रखने वाले रवीश जी ने अब राष्ट्रवादियों से फ्रस्ट्रेट होकर झूठ की वो बुलंदिया चढ़ना शुरू कर दिया है, कि होम मिनिस्ट्री से भी उन्हें लताड़ पर रही है। जैसे नालायक लकड़बग्घे पहले ही कम ज्यादतियाँ कर रहे थे इनपर।

उन्होंने हाल में अपने पोस्ट में CRPF के बारे में लिखा

झूठ no. 1 : -
" पूर्ण सैनिक की तरह लड़कर भी ये अर्द्धसैनिक है और जान देकर भी शहीद नहीं हैं। "

FACT - मार्च 2011 के बाद से CRPF पैरामिलिट्री का हिस्सा है ही नहीं। बल्कि सेंट्रल आर्म्ड पोलिस फोर्स (CAPF) के अंदर आता है। 
दूसरी बात अब  "शहीद" या " martyr" शब्द का प्रयोग हमारे आर्म फोर्स नहीं करते हैं अपने ऑफिसियल डॉक्युमेंट्स में।

झूठ no. 2 :- 
" इन्हें पेंशन तक नहीं है, शहादत के बाद पत्नी और उसका परिवार कैसे चलेगा?"

FACT -  इसपर मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने बताया कि इन सैनिको को पूरी पेंशन मिलती है। Compensation के लिये 15 लाख रुपये भी।

आप जैसे पत्रकार जो जननांगों को देखकर राष्ट्रभक्ति बताने का टैलेंट रखते हैं, क्या इन जानकारियों से वाकिफ नहीं हैं?? हो ही नहीं सकता।
पर अगर नहीं भी हैं तो जिम्मेदारी है आपकी सच्चाई जानने के बाद कलम उठाना।

बाकियो से ये कहूँगा, अब इनलोगों को गाली देने में अपनी ऊर्जा मत व्यर्थ करो। इनके जैसा विक्टिम हम और आप नहीं खेल पायेंगे।  इनके एक पोस्ट में इतना झूठ है, अगर हमने गम्भीरता से खुदाई शुरू कर के लोगो को बताना शुरू किया तो ये लोग कहाँ पहुंचेगे??
अब हम भावना पर नहीं बल्कि सिर्फ और सिर्फ तथ्यों पर लड़ेंगे क्योंकि बाकी जगहों पर ये बस भावनाये भड़का कर लोगों से दो-चार टुच्ची गाली सुन कर खुद को महान साबित करने में पारंगत हैं।

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