कांग्रेस और वामपंथ नए स्लोगन के साथ आ रहा है ।
जैसे मोदी तुझसे बैर नहीं पर मामा - वसुंधरा - तेरी ख़ैर नहीं ।
और अब टोडासुर, मध्य प्रदेश को मर्डर प्रदेश बना रहा है।
पिछत्तीसगढ़ में इसाइयों को मुक्तद्वार मिला है ।
राजस्थान में गहलोट मियाचरण में लहलोट हैं ।
उसी फ़ार्मूले पर मोदी तुझसे बैर नहीं पर आपका लोकल सांसद ( जो भी हो) उसकी ख़ैर नहीं ।
सारी गणित समझिए .. 1-2% वोट, नोटा में घुसाओ
4-5% लोकल सांसद के नाम पर कटवाओ ।
3-4% जाति के नाम पर तोड़ो ।
और उनके पास 20% दूत तथा कुछ मूर्ख चाटूकार हैं ही । जीता हुआ चुनाव आप हार जाएँगे ।
यह गणित का खेल है । हर एक संख्या महत्वपूर्ण है । लक्ष्य , चिड़िया की आँख है ।
आपको मैं , मध्य प्रदेश का ही उदाहरण देता हूँ , देख रहा हूँ प्रह्लाद पटेल का वहाँ बहुत विरोध हो रहा है पर भारत में संसदीय लोकतंत्र है अर्थात 273 सासंद चाहिए , अत: यह ध्यान रखिएगा की आप अपने सांसद को नहीं “ मोदी को वोट दे रहे हैं । लोकल सांसद के नाम पर वोट डालेंगे तो प्रह्लाद पटेल तो हार सकता है पर पीछे के दरवाज़े से ईटालियन बाई / वाड्राईन का राज आ जाएगा ।
टोटी चोर , लालू मोमता और कंजड़ आपके नीति निर्धारक बन जाएँगे । भारतीय सेना का हाँथ फिर से बंध जाएगा और आई एस आई प्रायोजित पाकिस्तानी अमन की आशा वाली आंटिया लुटियन्स दिल्ली में लिपस्टिक पोत कर फिर से घूमेंगी ।
जो भी फेसबुक पर अपने लोकल सासंद प्रत्याशी की बुराई करे उसे समझाइए । लक्ष्य बड़ा रखिए ।
विरोधियों की चाल आपको पहले ही बताई जा रही है ।
यह जानिए कि आपको अपने लोकल कैंडिडेट को नही मोदी को वोट देना है । मोदी ने क्या किया और क्या कर सकते थे यह हम 2019 के बाद तय कर लेंगे पर सावधानी हटी तो समझ लीजिए दुर्घटना घटी ही ।
और यह दुर्घटना आपके जीवन की अन्तिम दुर्घटना हो सकती है ।
वामपन्थियों के इस जाल से स्वयं के साथ औरों को बचाए तथा बताए .
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